महिलाओं के शरीर में ये 3 बदलाव देते हैं गर्भ ठहरने का संकेत, तुरंत ले डॉक्टर की सलाह

Updated at: Sep 05, 2019
महिलाओं के शरीर में ये 3 बदलाव देते हैं गर्भ ठहरने का संकेत, तुरंत ले डॉक्टर की सलाह

बाजार में ऐसी कई चीजें हैं, जिसके जरिए आप आसानी से गर्भधारण का पता लगा सकती है लेकिन कभी-कभार ये उपकरण गलत जानकारी भी दे सकते हैं। महिला के गर्भवती होने पर उनका शरीर कुछ संकेत देता है और इन संकेतों के जरिए कोई भी महिला

Jitendra Gupta
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Oct 19, 2013

हर महिला का अपने जीवन में मां बनने का सपना होता है। घर में नए मेहमान का आना जितने खुशी की बात एक परिवार के लिए होती है वहीं मां बनने पर एक महिला खुद को संपूर्ण पाती है। हालांकि जब महिला के मन में मां बनने का ख्याल आता है तो उसके जहन में सबसे पहली बात ये आती है कि गर्भ धारण का पता कैसे किया जाए। वैसे बाजार में ऐसी कई चीजें हैं, जिसके जरिए आप आसानी से गर्भधारण का पता लगा सकती है लेकिन कभी-कभार ये उपकरण गलत जानकारी भी दे सकते हैं। महिला के गर्भवती होने पर उनका शरीर कुछ संकेत देता है और इन संकेतों के जरिए कोई भी महिला आसानी से पता लगा सकती हैं कि वो मां बनने वाली हैं या नहीं। अगर कोई महिला खुद ब खुद गर्भ ठहरने का पता लगाना चाहती है तो हम उनके शरीर में होने वाले ऐसे 3 बदलावों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए वह जान सकती है कि अब वह मां बनने वाली है।

गर्भवती होने के लक्षण

  • माहवारी न आना।
  • स्तनों में कठोरता।
  • चक्कर आना या सुबह-सुबह उल्टी आना। 
  • बार-बार पेशाब का लगना।
  • शिथिलता या थकावट सा महसूस होना।

गर्भ ठहरने पर दिखाई देते हैं ये 3 संकेत

पेशाब के रंग में बदलाव

जब भी महिलाओं में गर्भ ठहरता है तो सबसे पहले उनके उनके यूरिन में परिवर्तन होने लगता है। दरअसल जब महिलाएं गर्भवती होती हैं तो उनकी किडनी यूरिन को सही ढंग से फिल्टर नहीं कर पाती और इस कारण उनके यूरिन के रंग में परिवर्तन हो जाता है और उसका रंग पीला होने लगता है। पेशाब का रंग पीला पड़ना गर्भ ठहरने का पहला संकेत होता है।

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चक्कर आना

महिलाओं में गर्भ ठहरने का दूसरा संकेत होता है प्रेगनेंसी हार्मोन का स्राव। इन हार्मोन का स्राव महिलाओं में मितली और चक्कर की समस्या का कारण बन सकता है। लगातार चक्कर और मितली होने पर महिलाओं को यह समझ लेना चाहिए कि अब वो मां बनने वाली हैं। इसलिए कभी भी ऐसा हो तो इस प्रकार के संकेत को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

लगातार कब्ज और गैस की समस्या

गर्भ ठहरने से पहले अक्सर महिलाओं को कब्ज और गैस की समस्या रहने लगती है। इसलिए इस प्रकार की समस्या होने पर महिलाओं को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि बाजार में बिकने वाली गोलियां आपको और आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। गैस और कब्ज की समस्या होने पर महिलाओं को समझ जाना चाहिए कि वो गर्भवती हो गई हैं। दरअसल गर्भवती होने पर महिलाओं के शरीर में भ्रूण का विकास शुरू हो जाता है, जिस कारण कब्ज और गैस की समस्या हो जाती है।

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एक स्वस्थ महिला को हर महीने माहवारी होती है। गर्भ ठहरने का सबसे पहला लक्षण यह होता है कि गर्भ ठहरने के बाद किसी भी महिला की माहवारी होना बंद हो जाता है। इसके साथ ही जी मचलाना, उल्टी होना, बार-बार पेशाब लगना और स्तनों में हल्का दर्द बना रहना आदि साधारण लक्षण होते है। इन शिकायतों को लेकर महिलाएं स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाती है। डॉक्टर महिला के पेट और योनि की जांच करती है और बच्चेदानी की ऊंचाई देखती है। गर्भधारण करने के बाद बच्चेदानी का बाहरी भाग मुलायम हो जाता है। इन सभी बातों को देखकर डॉक्टर महिला मां बनने का संकेत देती है।

गर्भवती होने के लक्षणों के परीक्षणों के प्रकार

  • यदि आपको गर्भ ठहरने का शक हो, तो आपको इसकी पुष्टि करनी चाहिए। इसके लिए आप घर पर ही गर्भ परीक्षण कर सकती है, ऐसा आप प्रेगनेंसी परिक्षण किट इस्तेमाल करके कर सकती हैं या फिर डॉक्टर से अपने खून की जांच करवा सकती हैं।
  • गर्भवती महिलाओं के खून और मूत्र में एच.सी.जी. होता है जो कौरिऔन से बनता है। ये कौरिऔन औवल बनाती है। औवल का एक भाग बच्चेदानी की दीवार से तथा दूसरा नाभि से जुड़ा होता है। इसके शरीर में पैदा होते ही खून और मूत्र में एच.सी.जी. आ जाता है। इस कारण महिला को अगले महीने के बाद से माहवारी होना रुक जाता है। एच.सी.जी. की जांच खून या मूत्र से की जाती है। इन परीक्षणों से आपके मूत्र में गर्भावस्था के हॉर्मोन की उपस्थिति का संकेत मिलता है। जिससे आपके रक्त में गर्भावस्था के हॉर्मोन की उपस्थिति का पता लगाया जा सकेगा। ये परीक्षण गर्भ ठहरने के 5 दिन बाद से ही सही होते हैं, किन्तु परिणाम आने में 12-24 घंटे लग जाते हैं।
  • यदि आपका गर्भ 13 सप्ताह से ज्यादा का हो, तो सही-सही गर्भ की सही जानकारी पाने के लिए अल्ट्रासाउंड स्कैन की जरूरत होती है। आपकी आखिरी माहवारी के पहले दिन से कितने सप्ताह बीत चुके हैं, इस पर गर्भावस्था का समय निर्भर करता है।
  • उदाहरण के लिए, यदि आपका मासिक चक्र सामान्यत: 28 दिनों का है और आप एक सप्ताह से महावारी नहीं हुई हैं, तो इसका अर्थ यह होगा कि आपको 5 सप्ताह का गर्भ है। और गर्भ 3 सप्ताह पहले ठहरा होगा।

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