• shareIcon

त्वचा के लिए बहुत खतरनाक है फंगल इंफेक्शन, इन नुस्खों से पाएं काबू

घरेलू नुस्‍ख By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 06, 2018
त्वचा के लिए बहुत खतरनाक है फंगल इंफेक्शन, इन नुस्खों से पाएं काबू

मानसून भीषण गर्मी से तो हमें राहत दिलाता है, लेकिन बारिश का यह मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य व त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी लेकर आता है। जैसे त्वचा पर लाल चकत्ते, मुंहासे और फंगल संक्रमण।

मानसून भीषण गर्मी से तो हमें राहत दिलाता है, लेकिन बारिश का यह मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य व त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी लेकर आता है। जैसे त्वचा पर लाल चकत्ते, मुंहासे और फंगल संक्रमण। मानसून की शुरुआत के बाद फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। फंगस पैदा करने वाले जीवाणु आमतौर पर मानसून के दौरान कई गुना तेजी से फैलते हैं। यह सामान्य तौर पर शरीर के नजरअंदाज किए गए अंगों जैसे की पैर की उंगलियों के पोरों पर, उनके बीच के स्थानों पर या उन जगहों पर जहां जीवाणु या कवक का संक्रमण बहुत अधिक तेजी से होता है, वहां फैलते हैं।

अक्सर मॉनसून के दौरान लोग हल्की बूंदा-बांदी में भीगने के बाद अपनी त्वचा को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन यही छोटी सी असावधानी कई बार फंगस से संक्रमित होने का कारण बन जाती है। फंगल संक्रमण से बचने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि आप इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि त्वचा ज्यादा देर तक गीली नहीं रहे। यह समस्या जुलाई और अगस्त के महीने के दौरान काफी बढ़ जाती है।

स्कैल्प में होने वाले फंगल संक्रमण के लक्षण सामान्य फंगल संक्रमण से अलग होते हैं। सामान्यतौर पर यह स्कैल्प पर छोट-छोटे फोड़ों, दानों या चिपचिपी परत के रूप में दिखाई देता है। आपको ऐसा कोई लक्षण नजर आए तो फौरन ही विशेषज्ञ की मदद लें अन्यथा समय पर इलाज नहीं करने पर यह आपके बाल झड़ने का बड़ा कारण बन सकता है।

इसे भी पढ़ें:- फैट बर्न करने में मददगार हैं ये 3 हर्ब्स, तेजी से होगा पेट अंदर

फंगल इंफेक्शन के लिए नुस्खे

लहसुन

लहसुन में एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं इसलिए खाने में लहसुन के प्रयोग से फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। लहसुन के प्रयोग के लिए आप लहसुन की 3-4 कलियों को पीस लें और इसके पेस्ट को इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं। अगर आपने इंफेक्शन वाली जगह को ज्यादा खुजलाया है तो लहसुन लगाने से एक मिनट हल्की सी जलन हो सकती है लेकिन इससे ये इंफेक्शन धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।

हल्दी

हल्दी में भी एंटीफंगल गुण होते हैं इसलिए इसके प्रयोग से भी फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाते हैं। इसके लिए आप इंफेक्शन वाली जगह पर कच्ची हल्दी को पीसकर लगा सकते हैं। अगर कच्ची हल्दी उपलब्ध नहीं है तो आप हल्दी पाउडर को थोड़े से पानी के साथ मिलाकर इसका गाढ़ा पेस्ट बनाकर इसे भी प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं। हल्दी के प्रयोग से इंफेक्शन की वजह से होने वाले दाग-धब्बे भी मिट जाते हैं।

जैतून का तेल

जैतून का तेल काफी गुणकारी होता है लेकिन इसके पत्तों में भी कई गुण होते हैं। फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए जैतून के 5-6 पत्तों को पीसकर इसका पेस्ट बना लें और इसे इंफेक्शन वाली जगह पर लगा लें। इस पेस्ट को त्वचा पर आधे घंटे लगा रहने दें इसके बाद धुल लें।

इसे भी पढ़ें:- फंगल इंफेक्शन, उल्टी जैसी मॉनसून की बीमारियों में फायदेमंद है ये हर्ब, ऐसे करें प्रयोग

एलोवेरा जेल

फंगल इंफेक्शन में एलोवेरा जेल के प्रयोग से राहत मिल सकती है लेकिन इसके लिए ताजा तोड़े गए पत्ते का जेल अच्छा होता है। इसके लिए आप एलोवेरा के ताजे पत्ते को तोड़कर इसे बीच से वर्टिकल काट लें और जेल वाले हिस्से को त्वचा पर सीधे ही रगड़ें। रगड़ने के बाद बचे हुए रेशों को त्वचा पर 30 मिनट तक रहने दें फिर गुनगुने पानी से धुल लें।

दही

दही में एसिड होता है जो हानिकारक बैक्टीरिया को मार देता है। हालांकि दही में खुद भी बैक्टीरिया होते हैं लेकिन वो बैक्टीरिया हमारे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। फंगल इंफेक्शन के लिए आप दही को इंफेक्शन वाली जगह पर कॉटन की सहायता से लगाएं और मसाज करें। ध्यान दें इंफेक्शन वाली जगह को कभी भी हाथों से न छुएं क्योंकि ये इंफेक्शन संक्रामक होता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Home Remedies in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK