अधिक फलाहार से हो सकता है डिप्रेशन का खतरा

Updated at: Nov 21, 2014
अधिक फलाहार से हो सकता है डिप्रेशन का खतरा

अटलांटा के एमोरी युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार जरूरत से ज्यादा फल खाने के बुरे परिणाम भी हो सकते हैं। इससे बच्चों में अवसाद की समस्या हो सकती है।

Rahul Sharma
लेटेस्टWritten by: Rahul SharmaPublished at: Nov 21, 2014

यदि आप अपने परिजनों पर फलों के अधिक से अधिक सेवन का दबाव डालते हैं, तो अब ऐसा और न करें। क्योंकि जरूरत से ज्यादा फल खाने के बुरे परिणाम भी हो सकते हैं, जो बच्चों में अवसाद के रूप में सामने आ सकते हैं। जी हां, ऐसा हम नहीं बल्कि अटलांटा के एमोरी युनिवर्सिटी के शोधकर्ता कह रहे हैं।

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एक शोध के मुताबिक, फलों में स्वाभाविक रूप से शर्करा होती है, जो कि फ्रक्टोस की उपलब्धता के लिए भी जिम्मेदार होता है। ऐसे में जरूरत से अधिक फलाहार किशोर होते बच्चों में अवसाद और बेचैनी को बढ़ाने की वजह बन सकता है। यही नहीं ऐसा करना दिमागी प्रतिक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।

 

 

अटलांटा के एमोरी युनिवर्सिटी के शोधकर्ता कांस्टेंस हैरेल ने इस संदर्ब में बताया कि, 'हमारे शोध के नतीजे आपके आहार के मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव और किशोर होते बच्चों में पोषण के महत्व पर प्रकाश डाल सकते हैं।'

 

 

यह शोध वॉशिंगटन डीसी में आयोजित सोसायटी फॉर न्यूरोसाइंस की वार्षिक बैठक न्यूरोसाइंस 2014 में प्रस्तुत की गई।

 

Source: ZeeNews

 

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