Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

फ्रेश जूस या पैकेट वाला जूस, कौन-सा है ज्यादा हेल्दी...

एक्सरसाइज और फिटनेस
By Khushboo Vishnoi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 27, 2017
फ्रेश जूस या पैकेट वाला जूस, कौन-सा है ज्यादा हेल्दी...

कहते हैं कि रोज जूस पीना सेहत के लिए अच्छा होता है। पहले जमाने में तो लोगों को सिर्फ मशीन वाला फ्रेश जूस पीना पसंद होता था, लेकिन अब कई सालों से देखा जा रहा है कि मार्किट में फ्रेश जूस के साथ पैकेट वाला जूस भी मिलने लगा है।

Quick Bites

- कौन-सा जूस आपकी सेहत के लिए बेहतर विकल्प होता है
- पैकेट जूस या ताजा जूस में फर्क
- पोषक तत्वों से भरपूर है ये जूस

कहते हैं कि रोज जूस पीना सेहत के लिए अच्छा होता है। पहले जमाने में तो लोगों को सिर्फ मशीन वाला फ्रेश जूस पीना पसंद होता था, लेकिन अब कई सालों से देखा जा रहा है कि मार्किट में फ्रेश जूस के साथ पैकेट वाला जूस भी मिलने लगा है। जिसे लोग ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन इन दोनों ही तरह के जूसों में कितना फर्क होता है आइए बताते हैं इसके बारे में:

juice

फिटनेस एक्सपर्ट शबनम पाल बताती हैं कि जूस पीना एक तरफ जहां शरीर के बल को बरकरार रखता है, वहीं ये बॉडी को डिटोक्स करने में भी मदद करता है। इसके अलावा द जूस क्लीन्ज रीसेट डाइट के ऑथर्स का कहना है कि जूस सिर्फ बॉडी से टॉक्सिन या एसिडिटी को ही नहीं बल्कि ये किसी भी चीज को खा लेने की इच्छा को भी खत्म करता है। साथ ही वेट और हेल्थ दोनों ही चीजों को मेनटेन रखता है।

इसे भी पढ़ेंः इस चमत्‍कारी दूध के ये हैं 5 अनोखे फायदे!

जूस का सही मतलब क्या है?

खाने में जूस शामिल करने का मतलब ये नहीं कि एक ही बार में पूरा जग या पूरा कारटन जूस पीया जाए, बल्कि इसे पीने का मतलब शरीर से जहरीले टॉक्सिन निकालना है। साथ ही बाजार का खाना खा लेने के बाद बॉडी के बैलेन्स को वापस लाना और एर्न्जिटिक रखना है। कहते हैं कि जूस पीने से अधिक फल खाना ताकतवर माना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। जूस पीना बॉडी के लिए ज्यादा न्यूट्रीशनल होता है क्योंकि इसमें कई तरह के फलों के फ्लेवर्स को एक साथ मिक्स किया जा सकता है। यही नहीं पालक के कड़वे पन को खत्म करने के लिए इसमें एक सेब डाल जा सकता है। जो लोग वजन कम करने की कोशिश में लगे हुए हैं, वे नेचरल जूस का इस्तेमाल न ही करें तो अच्छा है क्योंकि इसमें कैलरीज और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है।

इसे भी पढ़ेंः मसालेदार खाना खाने के बाद पानी पीते हैं तो हो जाएं सावधान!

कई स्टडीज ऐसी हैं जिन्होंने इस बात को माना है कि फ्रेश जूस में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जैसे ब्रिटिश मैडिकल जॉर्नल के मुताबिक नेचरल जूस डाएबटीज की बीमारी को बड़ावा देता है।

पैकेट वाला जूस

आजकल लोग खाने के साथ पैकेट वाला जूस पीना पसंद कर रहे हैं। हालांकि ये काफी मेहंगे आते हैं फिर भी लोग इसे पीते हैं। तो आइए बताते हैं कि ऐसा क्यों है। पैकेट वाले जूस को निकालने में ज्यादा प्रेशर का इस्तेमाल करना पड़ता है। साथ ही इसकी मात्रा भी फ्रेश जूस से काफी होती है। इनका रेट इसलिए अधिक होता है, क्योंकि ये एक साथ कई किलो फ्रूट्स से निकाला जाता है। रही बात इन्हें स्टोर करके रखने की तो ये इसलिए मेहंगे होते हैं, क्योंकि इनकी हर बॉटल को हाई प्रेशर प्रोसेस (एच. पी. पी.) से करीब 80 सेकंड के लिए होकर गुजरना पड़ता है। एक तो ये पैकेट वाले जूस में पैथोजन्स को होने से रोकता है। दूसरा ये जूस को सिर्फ कुछ दिन के लिए ही नहीं, बल्कि कई हफ्तों तक खराब होने से बचाता है।

इंडिया में कई ऐसे स्टोर हैं जहां से आप कोल्ड प्रेसड या पैकेट वाला जूस खरीद सकते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Diet And Nutrition Related Articles In Hindi

Written by
Khushboo Vishnoi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 27, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK