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    स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था और स्‍वस्‍थ शिशु के लिए जरूरी है पौष्टिक और संतुलित आहार

    गर्भावस्‍था By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 01, 2012
    स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था और स्‍वस्‍थ शिशु के लिए जरूरी है पौष्टिक और संतुलित आहार

    अगर आप गर्भवती महिला हैं तो आपके मन में हमेशा बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगी रहती होगी। आप हर वो उपाय करना चाहती होंगी जिससे आपका बच्चा स्वस्थ पैदा हो।

    अगर आप गर्भवती महिला हैं तो आपके मन में हमेशा बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगी रहती होगी। आप हर वो उपाय करना चाहती होंगी जिससे आपका बच्चा स्वस्थ पैदा हो। इस लेख में कुछ ऐसे टिप्स दिए जा रहे हैं जिनको अपनाकर आप स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं।

    Healthy Baby And Healthy Pregnancyगर्भवती होने के बाद यदि आपके स्‍वास्‍थ्‍य में समस्‍या आयी तो इसका सीधा असर आपके होने वाले बच्‍चे पर पड़ता है, इसलिए आपको अपनी दिनचर्या का विशेष खयाल रखना चाहिए। वस्थ बच्चे के जन्म के लिए आपको मूलतः 3 बातों पर ध्यान देना होगा जैसे, रहन सहन में बदलाव, खान पान में बदलाव, सोच विचार में बदलाव। आइए हम आपको स्‍वस्‍थ शिशु के लिए कुछ टिप्‍स बता रहें हैं जो आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

     

    रहन सहन में बदलाव

    • पर्याप्त मात्रा में नींद लें। नींद की कमी से आपके बच्चे पर बुरा असर पड़ता है।
    • अपने आपको ज्यादा थकाएं नहीं। जब भी आपको आराम करने का दिल करें, अवश्य आराम कर लिया करें; भले हीं आराम कुछ मिनटों का हीं हो।
    • गर्भावस्था के दौरान अपने बालों को डाई न किया करें। इसका बुरा असर आपके बच्चे पर पड़ेगा।
    • अपने बालों को कृत्रिम बियुटी ट्रीटमेंट न दें क्योंकि इससे आपके बच्चे को नुकसान पहुँच सकता है। अपने आपको हानिकारक रसायन के संपर्क  में आने से भी बचाएँ।
    • गर्भावस्था के दौरान भारी सामान न उठाएं क्योंकि इससे गर्भपात या असमय डिलीवरी  हो सकती है।
    • नियमित रूप से योग एवं हल्के व्यायाम किया करें लेकिन हो सके तो किसी योग्य प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में करें।
    • कसे हुए कपडे न पहने। जहाँ तक हो सके सूती या सिल्क के कपडे पहने।
    • पेट के बल बिलकुल न सोयें।
    • अपने दांतों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें।

     

     

    खान पान में बदलाव

    आप जो कुछ भी खाती हैं उसका प्रत्यक्ष्य या अप्रत्यक्ष्य रूप से आपके बच्चे के मन एवं शरीर पर पड़ता है। इसलिए अगर आप सवस्थ बच्चे का जन्म चाहती हैं तो इसके लिए सही खान पान जरुरी है।

    • आप तली हुई चीजें खाने की बजाये ताजे फल खाया करें। प्यास लगने पर कोल्ड ड्रिंक की बजाये गन्ने का रस या फलों का रस पिया करें।
    • अगर गर्मी का मौसम हो तो छांछ यानि मट्ठा पीना बहुत लाभकारी होता है।
    • कॉफ़ी कम से कम पिया करें। दिन में एक दो बार चाए पीने में कोई हर्ज नहीं है लेकिन गर्भावस्था के दौरान कॉफ़ी बिलकुल न पियें तो बेहतर है। कई बार कॉफ़ी गर्भपात का कारण बन जाता है।
    • अगर आपको सिगरेट या शराब पीने की आदत हो तो उन्हें एकदम बंद कर दें। सिगरेट-शराब बच्चे की सेहत पर बहुत हीं बुरा प्रभाव डालता है। आपका गर्भपात हो सकता है या बच्चे के जन्म के समय आपको बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। इतना हीं नहीं, सिगरेट शराब पीने वाले व्यक्तियों के बच्चे शारीरक रूप से कमजोर एवं मानसिक रूप से विकलांग पैदा होते हैं।
    • अगर आप मांसाहारी हैं तो मीट मांस खाने की बजाये मछली का सेवन किया करें। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में रहता है जो आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए बेहद जरुरी है। ओमेगा 3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से आपका बच्चा तेज, बुद्धिमान एवं हर तरह से स्वस्थ जन्म लेगा। उसे कोई भी मानसिक बीमारी जल्द नहीं घेर पाएगी।
    • जिन मछली मरक्युरी यानी पारे की मात्रा ज्यादा पाई जाती हो उनका सेवन बिलकुल न करें क्योंकि इससे आपके बच्चे के दिमाग को क्षति पहुंचेगी।

     

     

    सोच विचार में बदलाव

    हमेशा सकारात्मक बातें सोचें, यानि निगेटिव बातें न सोचा करें। अगर आपके दिमाग में कुछ गलत विचार आ रहे हों तो तो उन्हें तुरंत झटकने का प्रयास करें। विचारों का आपके एवं आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अगर आप खुश रहा करेंगी तो इसका असर सीधा आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ेगा और उसे भी ख़ुशी मिलेगी। अगर आप दुखी होंगी तो आपके बच्चे पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा और आपके बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ेगा।


    शायद यही कारण है कि जब किसी गर्भवती महिला को गहरा आघात या सदमा लगता है तो उसका गर्भपात हो जाता है। अगर ऐसी महिला का किसी कारण से गर्भपात न हो तो बच्चे पर इसका बहुत हीं बुरा असर पड़ता है और जन्म से हीं बच्चा बीमार एवं मानसिक रूप से कमजोर लगने लगता है।

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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