जन्‍म से लेकर 10 माह तक के शिशु का कैसा हो आहार? जाने शिशु को किस माह में क्‍या खिलाएं

जन्‍म से लेकर 10 माह तक के शिशु का कैसा हो आहार? जाने शिशु को किस माह में क्‍या खिलाएं

बच्चों के पाचन तंत्र का विकास इसी उम्र में होता है इसलिए वो हर प्रकार के खाने को नहीं पचा पाता है। इसलिए पेरेंट्स पता होना चाहिए कि शिशु को क्या खिलाएं और क्या नहीं।

जन्म के बाद बच्चों का पहला साल बहुत महत्वपूर्ण और कठिनाई भरा होता है और इसी दौरान बच्चे का विकास होना शुरू हो जाता है। कुछ महीने तक तो बच्चा सिर्फ मां का दूध ही पीता है, लेकिन बाद में जब वह अन्‍य चीजें खाने लगे तो बहुत सावधानी की जरूरत होती है। मां को इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि बच्चे को क्या और किस तरह का खाना खिलाया जाए। अक्सर बच्चे 4 से 6 महीने के बाद आहार का सेवन करने लगते हैं। यदि आपका बच्चा भी खाने लायक हो रहा है या हो चुका है तो आइए जानते हैं किस प्रकार आप अपने शिशु के लिए आहार की शुरुआत कर सकती हैं। शुरुआती दौर में खिलाने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान।

child Care

जन्म से 4 महीने तक

शिशु को 4 महीने तक सिर्फ मां का दूध ही पिलाना चाहिए और उसे छोड़कर खाने पीने के सभी पदार्थों से बच्चों को दूर रखें। क्योंकि शिशु का पाचन तंत्र इस अवस्था तक विकसित हो रहा होता है इसलिए वो हर तरह के आहार को नहीं पचा पाता है। शिशु को इस उम्र में किसी भी प्रकार का ठोस आहार बिल्कुल भी न खिलाएं।

4 से 6 महीने तक

शहद

बच्चे को पहले वर्ष के दौरान शहद से दूर रखें, क्योंकि इसमें क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम नामक बैक्टीरिया पाया जाता है। बड़ो का पाचन तंत्र इस बैक्टीरिया के विकास से लड़ सकता है, लेकिन यह शिशुओं में बोटुलिज्म रोग पैदा कर सकता है। यह एक खतरनाक बीमारी है जिसके कारण बच्चों को निमोनिया भी हो सकता है।

नमक

शिशु के गुर्दे इतने विकसित नहीं होते कि नमक जैसी चीजों को पचा सके। इसलिए बच्चों के खाने में नमक का प्रयोग ज्यादा मात्रा में कभी न करें।

गाय का दूध

गाय के दूध में प्रोटीन भरपूर होता है जो इस उम्र में बच्चे के लिए पचाना थोड़ा कठिन हो सकता है। यह आपके शिशु के पेट को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके अलावा, बच्चे को उचित विकास के लिए आयरन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो गाय के दूध में प्रचुर मात्रा में मौजूद नहीं होता है। यदि बच्चे के लिए मां का दूध कम पड़ रहा है तो आप उसे फार्मूला मिल्क दे सकते हैं।

चाय या कॉफी

शिशु को चाय या कॉफी देना सही नहीं है। चाय में मौजूद टैनिन, भोजन के आयरन को सही तरीके से अवशोषित करने में रुकावट पैदा कर सकता है। कैफीन युक्त कोई भी पेय पदार्थ शिशु के लिए उचित नहीं है।

घुटन का खतरा

कुछ खाने के चीजे ऐसे होते हैं जो पहले वर्ष के लिए हमेशा कम से कम मात्रा में होनी चाहिए, क्योंकि ये उनके विंडपाइप में अटक सकते हैं। इससे बच्चों में घुटन का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि नट्स, सीड्स, पॉपकॉर्न, अंगूर, च्युइंग गम, जेली, कच्ची सब्जियां आदि को हमेशा मसल कर या पीस कर ही बच्चे को खिलाएं।

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6 से 8 महीने के बच्‍चे के लिए फूड

6 महीने के बाद बच्‍चे, ठोस आहार लेना पसंद करते है। बच्‍चों को इस समय तक फल, सब्जियां देना शुरू कर देना चाहिए। बच्‍चे को उबला आलू खाने को दें, उसमें हल्‍का नमक और नींबू के एक बूंद रस निचोंड दें। इसके अलावा, कई अन्‍य सब्जियां जैसे- गाजर, गोभी, कद्दू और पालक को भी अच्‍छे से उबालकर पीसकर नमक डालकर बच्‍चे को खिलाना चाहिए। इस उम्र में बच्‍चे को अंडा भी देना शुरू किया जा सकता है। सप्‍ताह में 3 से 4 अंडे खिलाना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है।

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9 से 10 महीने के बच्‍चे के लिए फूड

जब बच्‍चा 9 से 10 महीने को हो जाएं तो उसे आप फिश, चिकन, और मीट भी खिला सकते है। लेकिन इसे अच्‍छी तरह पका और साफ्ट होना चाहिए, हड्डी वाला हिस्‍सा बच्‍चे को भूल से भी न दें। प्रतिदिन कम से कम 500 मिली दूध पिलाएं इससे शरीर में अन्‍य पोषक तत्‍वों की कमी नहीं होती है।

लेखक: धीरज सिंह राणा

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