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जच्‍चा-बच्‍चा दोनों के लिए जरूरी है फॉलिक एसिड, गर्भपात का खतरा भी होता है कम

महिला स्‍वास्थ्‍य By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 20, 2015
जच्‍चा-बच्‍चा दोनों के लिए जरूरी है फॉलिक एसिड, गर्भपात का खतरा भी होता है कम

गर्भावस्‍था एक ऐसा समय है, जब महिला को एक स्‍वस्‍थ खानपान की बहुत खास जरूरत होती है क्‍योंकि उसका सीधा असर बच्‍चे और मां दाेेेेनों पर पड़ता है। लेकिन इस दौरान महिलाओं को फॉलिक एसिड की खास जरूरत होती है। फोलिक एि‍सिड से गर्भ

गर्भावस्‍था के दौरान गर्भवती महिला को डॉक्‍टरों द्वारा फॉलिक एसिड से भरपूर खाद्य सामग्री खाने के लिए कहा जाता है, इसके अलावा कुछ प्रकार की दवाईयां भी दी जाती हैं। गर्भावस्था के पहले महीने से ही फॉलिक एसिड जरूर लेना चाहिए। फोलिक एसिड समय से पहले प्रसव, यानि 'प्रीमैच्योर बर्थ' और मिसकैरेज आदि के खतरे को भी काफी हद तक कम करता है।

फॉलिक एसिड के फायदे

गर्भावस्‍था में फॉलिक एसिड बहुत ही जरूरी होता है। क्‍योंकि इससे गर्भ में पल रहे बच्चे में होने वाले दिल, दिमाग और किसी भी आनुवंशिक रोगों के होने की आशंका नहीं रहती है। गर्भवती महिला के शरीर में भरपूर मात्रा में फॉलिक एसिड होने पर बच्‍चे के ब्रेन और रीढ़ की हड्डी का विकास अच्‍छी तरह होता है। गर्भधारण के एक साल पहले से फोलिक एसिड के सप्लीमेंट्स (ऐसी चीजें जिनसे शरीर को फोलिक एसिड की आपूर्ति होती हो) के सेवन से समय पूर्व प्रसव का खतरा 70 फीसदी तक घट जाता है और गर्भभपात का जोखिम  भी कम होता हैैै।

हालांकि समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों में अंगों का विकास न हो पाना, अंधापन और फेफड़े में संक्रमण होने का खतरा रहता है। फॉलिक एसिड लेने से बच्चे में न्यूरल टय़ूब दोष नहीं होता। गर्भधारण से पहले फॉलिक एसिड लेना प्रजनन शक्ति व भ्रूण के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा, जच्‍चा-बच्‍चा दानों के स्‍वास्‍थ्‍य के गर्भावस्‍था में महिलाओं को कुूछ खास एक्‍सरसाइज भी करनी चाहिए। 

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फॉलिक एसिड से भरपूर आहार

एवाकाडो में फॉलिक एसिड होता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को खूब सारे फॉलिक एसिड की जरुरत पड़ती है तो इसे खाना बिल्‍कुल भी न भूलें। पत्‍तेदार सब्‍जियां, फलियां, साग, राजमा, साबुत अनाज और दालें, सोया उत्पादों, सेम विभाजन, अंडे की जर्दी, आलू, गेहूं का आटा, गोभी, चुकंदर, केले, ब्रोकोली, और ब्रुसेल्स के अंकुर फोलिक एसिड की मात्रा में ज्‍यादा होते हैं। जिन मछलियों में तेल पाया जाए (जैसे हेरिंग, मकरील, सालमन या सार्डिन), वे आपके बच्चे के लिए लाभदायक होती हैं

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फॉलिक एसिड और आयरन की कमी के कारण गर्भवती महिला को एनीमिया हो जाता है। इसके बाद प्लेसेंटा को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और प्रेगनेंट महिलाओं को थ्रोम्बोसिस और अधिक ब्लीडिंग हो जाती है।

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