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बुढ़ापे में भी रहना है चुस्त और तंदरुस्त तो आहार में शामिल करें ये 5 चीजें

स्वस्थ आहार By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 25, 2018
बुढ़ापे में भी रहना है चुस्त और तंदरुस्त तो आहार में शामिल करें ये 5 चीजें

बुढ़ापे की ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारे हड्डियों की कमजोरी होती है। हमारे शरीर के विकास के लिए विटामिन डी जरूरी है। विटामिन डी की कमी से हमारे शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और इससे हड्डियों संबंधित कई रोग जैसे आर्थराइटिस, स्कॉलोरोसिस, ऑ

Quick Bites
  • बुढ़ापे की ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारे हड्डियों की कमजोरी होती है।
  • हमारे शरीर के विकास के लिए विटामिन डी जरूरी है।
  • विटामिन डी की सबसे अच्छी स्रोत सुबह की धूप होती है।

बुढ़ापे की ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारे हड्डियों की कमजोरी होती है। हमारे शरीर के विकास के लिए विटामिन डी जरूरी है। विटामिन डी की कमी से हमारे शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और इससे हड्डियों संबंधित कई रोग जैसे आर्थराइटिस, स्कॉलोरोसिस, ऑस्टियोपोरोसिस आदि हो सकते हैं। इसके अलावा इसकी कमी से हमारी मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं और हम डिप्रेशन का शिकार आसानी से हो सकते हैं। विटामिन डी की सबसे अच्छी स्रोत सुबह की धूप होती है। सूरज की किरणों से हमें विटामिन डी तो मिलता है लेकिन इसकी अल्ट्रावॉयलेट रेज से हमारी स्किन को नुकसान पहुंचता है और स्किन कैंसर जैसे गंभीर रोग का खतरा रहता है। इसके अलावा आज की बिजी लाइफ में ज्यादातर लोगों के पास इतना टाइम नहीं होता कि वो सुबह की गुनगुनी धूप में बैठकर थोड़ी देर वक्त बिता सकें इसलिए ऐसे लोगों को आहार के माध्यम से विटामिन डी की कमी को पूरा करना चाहिए।

मशरूम खाने से

मशरूम विटामिन डी के अच्छे स्रोत होते हैं। इसके अलावा भी मशरूम में कई मिनरल्स, विटामिन्स और प्रोटीन होते हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसका कारण ये है कि मशरूम सूरज की रोशनी से ही बढ़ते हैं इसलिए इनमें विटामिन डी भरपूर होता है। इस विटामिन के लिए आप सभी तरह के मशरूम का सेवन कर सकते हैं लेकिन मायटेक और मोरेल मशरूम में विटामिन डी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। 100 ग्राम मशरूम में लगभग 450 आई. यू. (इंटरनेशनल यूनिट) विटामिन डी मिलता है।

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गाय या बकरी का दूध

गाय का दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। गाय के दूध में भैंस के दूध की अपेक्षा फैट कम होता है जबकि कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा ज्यादा होती है। इसी तरह बकरी के दूध में भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। गाय के दूध से हमें विटामिन डी के डेली डोज का 50 प्रतिशत और बकरी के दूध से 31 प्रतिशत मिल जाता है।

टोफू

टोफू भी दूध से बनता है और ये बेहद पौष्टिक होता है। टोफू में पनीर से ज्यादा और लगभग रेड मीट के बराबर प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं इसलिए अगर आप जिम जाते हैं तो टोफू का प्रयोग आपके लिए बहुत फायदेमंद है। टोफू विटामिन डी का भी अच्छा स्रोत है और इसमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

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कॉड लिवर ऑयल

विटमिन डी की कमी 30 साल से ऊपर की महिलाओं में ज्यादा होती है जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की शारीरिक परेशानियां होने लगती हैं। इसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और महिलाओं को काम करने में और सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी होने लगती है। विटामिन डी की इस कमी को कॉड लिवर ऑयल से भी पूरा किया जा सकता है। इसके एक चम्मच तेल में लगभग 1350 आई. यू. (इंटरनेशनल यूनिट) विटामिन डी पाया जाता है।

बटर खाएं

ब्रेकफास्ट में बटर खाना आपके लिए फायदेमंद है क्योंकि सेहतमंद होने के साथ-साथ ये स्वादिष्ट भी होता है। इसे आप ब्रेड और पराठे आदि के साथ खा सकते हैं। बटर भी विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम मक्खन से हमें लगभग 65 आई. यू. (इंटरनेशनल यूनिट) विटामिन डी मिलता है।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJan 25, 2018

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