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जानवरों को पालने का शौक है तो रखें सावधानी, हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 28, 2018
जानवरों को पालने का शौक है तो रखें सावधानी, हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

ये अच्छी बात है कि आप किसी जीव को घर के सदस्य की तरह प्यार देते हैं मगर आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इन जानवरों से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए अगर आप भी जानवरों से प्यार करते हैं और उन्हें पालने का शौक रखते हैं, तो उन्हें पा

लंबे समय तक साथ रहने के कारण पालतू जानवरों, पक्षियों से लोगों को लगाव हो जाता है और ये जानवर भी घर के सदस्य जैसे ही बन जाते हैं। बड़ों के साथ-साथ घर के बच्चे भी इन जानवरों और पक्षियों के साथ खेलते-कूदते हैं। कुछ लोग तो जानवरों को अपने साथ ही सुलाते, खिलाते और रखते हैं। ये अच्छी बात है कि आप किसी जीव को घर के सदस्य की तरह प्यार देते हैं मगर आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इन जानवरों से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए अगर आप भी जानवरों से प्यार करते हैं और उन्हें पालने का शौक रखते हैं, तो उन्हें पालने में आपको कुछ सावधानियां रखनी जरूरी हैं। आइये आपको बताते हैं कि पालतू जानवरों से आपको किन-किन बीमारियों का खतरा होता है।

रिंग वॉर्म

रिंग वॉर्म जानवरों से होने वाली सामान्य बीमारी है। जानवरों से ये बीमारी बच्चों और आपको भी हो सकती है। दरअसल छूने से इस बीमारी के वायरस फैलते हैं। रिंग वॉर्म के वायरस महीनों तक रह सकते हैं और इससे फंगल इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है। रिंग वॉर्म होने पर त्वचा पर छोटे बड़े गोल चकत्ते हो जाते हैं जिनमें से कई बार पानी निकलता है और बहुत ज्यादा खुजली होती है। जानवरों में ये बीमारी होने पर उनके बाल झड़ सकते हैं।

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रेबीज

रेबीज आमतौर पर कुत्ते, बिल्ली और बंदरों के काटने से होता है। रेबीज से रोगी का नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और वो पागल हो सकता है। घर में रहने वाले जानवरों के काटने की संभावना तो कम होती है मगर अगर आपके शरीर पर पहले से त्वचा कटी हुई हो और जानवर की लार उस पर लग जाए, तो इस रोग के फैलने की पूरी संभावना होती है क्योंकि जानवरों की लार में भी इसके वायरस होते हैं।

बार्टोनेलॉसिस

ये एक बैक्टीरियल बीमारी है जो आमतौर पर बिल्लियों में पाई जाती है। ये बीमारी एक बिल्ली से दूसरी बिल्लियों में तेजी से फैलती है लेकिन कई बार बिल्ली के काटने या पंजों के खरोंच से ये बीमारी आदमियों को भी हो सकती है। इसके होने पर आपको इंफेक्शन हो सकता है और फ्लू जैसी हालत हो सकती है। इसके अलावा इस इंफेक्शन से दिल की बीमारियों की संभावना भी बढ़ जाती है क्योंकि ये दिल के वाल्व को नुकसान पहुंचा सकता है।

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लाइम डिजीज

लाइम डिजीज भी जानवरों से फैलने वाली ही एक बीमारी है। ये आमतौर पर जानवरों के शरीर पर पाए जाने वाले एक विशेष कीड़े से होती है, जिसे टिक्स कहते हैं। अगर आपका पालतू जानवर बाहरी जानवरों के संपर्क में रहता है तो ये बीमारी होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। टिक्स में ही वो बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो लाइम डिजीज के लिए जिम्मेदार होते हैं। लाइम डिजीज के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं या कई बार बुखार, सिर दर्द और जोड़ों में दर्द जैसे सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं।

अन्य बीमारियां

ज्यादातर बीमारियां जानवरों को होती हैं और उसके संपर्क में रहने से आदमी को होने की संभावना होती है मगर कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो सीधे आपके पालतू जानवर से आपको हो सकती हैं भले ही आप उसे रोज छुएं या न छुएं। इन बीमारियों में ल्यूकीमिया, इंफ्लुएंजा और हर्प्स प्रमुख हैं। इसके अलावा भी त्वचा में ऐसे ढेर सारे इंफेक्शन और खुजली वाले रोग हैं, जो जानवरों से आपको हो सकते हैं।

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