25 की उम्र में फेशियल कराना चाहिए या नहीं? जानें ब्यूटी एक्सपर्ट की राय

25 की उम्र में फेशियल कराना चाहिए या नहीं? जानें ब्यूटी एक्सपर्ट की राय

कोई भी खूबसूरत दिख सकता है, बस इसके लिए कुछ आसान तरीके आज़माने की ज़रूरत होती है। 

कोई भी खूबसूरत दिख सकता है, बस इसके लिए कुछ आसान तरीके आज़माने की ज़रूरत होती है। अक्सर हमारे मन में सौंदर्य से जुड़े कुछ सवाल कौंधते हैं। कभी सामान्य क्रीम भी त्वचा में ग्लोइंग इफेक्ट दे देती है तो कभी एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन में डे क्रीम तो रात में नाइट क्रीम लगाएं। कुछ ऐसे ही सवालों और धारणाओं के जवाब दे रहे हैं, वीएलसीसी के डर्मेट एक्सपर्ट दातिंदरजीत सिंह तुल्ला। 

धारणा : सनस्क्रीन का उपयोग मेकअप प्रोडक्ट्स के साथ करने की आवश्यकता नहीं है, जबकि इनमें पहले से ही सनस्क्रीन है।

जवाब : गर्मियों में इसका इस्तेमाल ज़रूर करें। त्वचा अनुसार एसपीएफ 30-40 का विकल्प चुनें। हालांकि एसपीएफ वाले मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना अच्छा है, लेकिन इन उत्पादों में एसपीएफ केवल सुरक्षा को पुन: स्थापित करने में मदद करेगा। त्वचा को सनबर्न से रोकने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। केवल एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन आपकी त्वचा को हानिकारक यूवीए और यूवीबी किरणों से बचाने में मदद करेगी, इसलिए दोनों में ही सनस्क्रीन हो तो बेहतर है।

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धारणा : झुर्रियों की शुरुआत 30 की उम्र के बाद होती है इसलिए फेशियल तभी कराना चाहिए।

जवाब : पलूशन व धूल-मिट्टी के कारण त्वचा की उम्र बढऩे की शुरुआत 20 से हो जाती है। इस उम्र में क्लीन-अप करवाएं। 25 की उम्र के बाद बेसिक फेशियल का उपयोग करें। फेशियल रक्त-प्रवाह में सुधार करता है और त्वचा के विषाक्त पदार्थों को कम करता है। इससे व्हाइट व ब्लैक हेड्स साफ हो जाते हैं। इससे बढ़ती उम्र के असर से लडऩे में मदद मिलती है और त्वचा बेहतर तौर पर सांस ले पाती है।

धारणा : डे और नाइट क्रीम समान हैं या यह बिग ब्रैंड्स की मार्केटिंग की एक रणनीति है।

जवाब : डे और नाइट क्रीम दोनों में अलग-अलग प्रोडक्ट्स हैं। दोनों में अलग इंग्रीडिएंट्स होते हैं। ये दोनों ही प्रोडक्ट त्वचा को पुन: हाइड्रेट करते हैं और रोमछिद्रों को खोलने का काम करते हैं, जिससे त्वचा में निखार आता है और आप जवां दिखती हैं।

धारणा : चेहरे को बार-बार धोने से त्वचा बेहतर होगी और ऑयल भी कम होगा।

जवाब : जितनी बार आप स्किन को साबुन या फेसवॉश से क्लीन करती हैं, वह उतनी ही ड्राई हो जाती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि तैलीय त्वचा असुरक्षित त्वचा है, जो बाहर के वातावरण से खुद को बचाने के लिए अधिक तेल छिपाने की प्रवृत्ति रखती है। इसे कई बार धोने से तेल की यह परत टूट जाती है, जिससे यह अपनी आत्मरक्षा करती है इसलिए त्वचा से तेल अधिक निकलता है। त्वचा चाहे तैलीय हो या ड्राई, उसे दिन में 2-3 बार से अधिक न धोएं।

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धारणा : फाउंडेशन से पहले कंसीलर लगाएं।

जवाब : होंठों के चारों ओर त्वचा की टोन और आंखों के नीचे कंसीलर लगाना सही है। इसका इस्तेमाल दाग-धब्बों को छिपाने के लिए होता है।

धारणा : ऑयली त्वचा को मॉयस्चराइज़ करना सही नहीं रहता।

जवाब : अकसर लोग मॉयस्चराइजिंग क्रीम को अवॉइड करते हैं जबकि ऐसा करना गलत है। मॉयस्चराइज़र त्वचा की खोई हुई नमी को लौटाता है। इसमें मौज़ूद वॉटर मॉलिक्यूल त्वचा के सेल्स में मिलकर स्किन को नर्म व मुलायम बनाते हैं इसलिए अपनी त्वचा के अनुसार मॉयस्चराइज़र का चुनाव करें। गर्मियों में डे और नाइट क्रीम में जेल बेस्ड मॉयस्चराइज़र का ही चुनाव करें।

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