आपकी सेहत के बारे में बताता है आपकी आंखों का रंग, जाने कैसे?

Updated at: Nov 27, 2019
आपकी सेहत के बारे में बताता है आपकी आंखों का रंग, जाने कैसे?

अब आप भी अपने आंखों के रंग से अपनी सेहत के बारे में जान सकेंगे। आंखों के रंग से ही पहचान लेंगे बीमारी 

सम्‍पादकीय विभाग
अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Nov 26, 2019

आंखों के रंग और उसके आकार आपके बारे में क्या बताती है? आंखों के रंग और आकार से कई तरह की चीजों या फिर बीमारियों का पता चल जाता है। इस लेख में आप आंखों के रंग और आकार से होने वाले बीमारियों के बारे में जान सकेंगे। 

आंखों का कैंसर

अगर आपकी आंख ब्राउन है तो आप इसे सिर्फ रंग का खेल ना समझें। यह आपके लिए काफी खतरनाक हो सकती है। अगर आपकी आंखें ब्राउन है तो यह आंख के कैंसर की निशानी हो सकती है। जिसे यूवील मिलानोमा कहते हैं।

विश्वसनीय लोग 

शोधकर्ताओं ने एक पाया की जिन लोगों की आंखों का रंग ब्राउन होता है वो काफी भरोसेमंद लोग होते हैं। यानी जिन लोगों की आंखों का रंग ब्राउन है उन पर आप भरोसा कर सकते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिन लोगों की ऐसी आंखें होती है वह लोग और लोगों से कई ज्यादा भरोसेमंद होते हैं। इसके साथ ही आप उन पर आसानी से भरोसा कर सकते हैं। 

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डायबिटिज का खतरा 

एक यूरोपियन स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों की नीली आंखें और गोरा रंग होता है उनको डायबिटिज का खतरा होता है। उन लोगों के लिए यह एक खतरनाक लक्षण है जिन लोगों की आंखें नीली है और उनका रंग गोरा है। उन्हें डायबिटिज जैसी बीमारी से गुजरना पड़ सकता है। 

रिसर्च के मुताबिक, ऊंचे वातावरण में रहने वाले लोग जिनकी आंखें ब्राउन है उन लोगों को नीली आंखों वालों की तुलना में कम खतरा होता है। इसके साथ ही 2015 के एक रिसर्च में पता चला है की जिन लोगों की आंखें नीली होती है उन्हें शराब का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इन लोगों को शराब की लत काफी जल्दी लग जाती है। आपकी आंखें आपको कौन सी थेरेपी की जरूरत है इस बात की भी जानकारी दे सकती है। अगर आपकी आंखें डार्क है तो इसका मतलब यह भी हो सकता है की आप थैरेपी का अच्छा परिणाम मिलेगा। करीब 5 में से एक वक्ति की आंखों के पुपिल्स अलग होते हैं जो कि और लोगों से छोटे होते हैं। कई बार पुपिल्स से ही किसी बीमारी की भी निशानी हो सकती है। 

अगर आपकी आंखों का रंग नीली और ब्राउन है तो यह वार्डनबर्ग सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं। यह आपके कानों पर भी असर कर सकता है, बालों में भी साथ ही वह आपकी आंखें कमजोर करता है। आपकों सुनने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आपके बाल कमजोर हो सकते हैं। 

इसी तरह आंखें खेल के समय आपके अंदर की भावनाओं का भी उल्लेख करती है। अगर आप कोई खेल खेल रहे हैं तो आपके खेल के साथ-साथ आपकी आंखें भी आपकी भावनाओं को बाहर दिखाने का काम करती है। 

झलकता है दर्द

आंखों से आपके अंदर के दर्द का भी अंदाजा हो जाता है। अगर आपको किसी तरह का दर्द हो रहा है तो आपकी आंखों में उस दर्द की झलक दिखने लगती है। रिसर्च के मुताबिक, अगर महिलाओं की आंखे अगर डार्क है तो काम के वक्त उनकी आंखों में परेशानियां झलकने लगती है। रिसर्च के मुताबिक, अगर वह आराम करके भी काम करती है तो उनका दर्द या फिर उनकी दिक्कतें उनकी आंखों में नजर आने लगती है। 

थाइराइड

थाइराइड के रोगियों की संख्या वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही है। विशेषकर महिलाओं में। ज्यादा थकान होना, वजन अचानक बढऩा या घटना, बार-बार भूख लगना आदि इसके मुख्य लक्षण हैं। किसी को भी यदि थायरॉइड की समस्या हो तो आंखें उभरी हुई दिखाई देती हैं।

पीलिया

 यूं तो पीलिया होने पर सारे शरीर में फैल जाते है, लेकिन लिवर पर इसका विशेष दुष्प्रभाव पड़ता है। यह रोग होने पर त्वचा के साथ-साथ आंखों में पीलापन दिखाई देने लगता है। जिससे पीलिया का पता चल जाता है। 

मोतियाबिंद

मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है, जिसके होने पर कोई अंधा भी हो सकता है। इस बीमारी की जब शुरुआत होती है तो थोड़ा धुंधला दिखाई देता है। धीरे-धीरे आंखों पर एक धुंधला धब्बा दिखाई देता है। ऐसे धुंधले धब्बे दिखाई देने पर मोतियाबिंद हो सकता है।

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हाई ब्लड प्रेशर

ब्लड प्रेशर ज्यादा होने पर पर आंखों का रंग लाल हो जाता है। ऐसे में रक्त वाहिकाओं में फैलाव के कारण आंखों पर सूजन भी हो जाती है। 

अस्ट्रेलियन रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों आंखों का रंग हल्का होता है उनका उनकी उम्र का आसानी से पता चल जाता है। क्योंकि उनकी आंखें आसानी से यूवी लाइट को समा लेती है। जिससे उनकी आंखों की रौशनी जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। 

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