• shareIcon

    वयस्कों की आंखों में होने वाले संक्रमण के लक्षणों को जानें

    आंखों के विकार By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 09, 2013
    वयस्कों की आंखों में होने वाले संक्रमण के लक्षणों को जानें

    बदलते मौसम व जीवनशैली के कारण व्यस्कों की आंखो में संक्रमण होना आम है लेकिन इन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। जानें व्यस्कों की आंखों में होने वाले संक्रमण के लक्षणों के बारे में। 

    ऐसे कई तरह के संक्रमण होते हैं जो आपकी आंखों को प्रभावित करते हैं। आंखों में जलन,लाल व खुजली होना अलग समस्याओं का लक्षण है। अक्सर लोग इन लक्षणों को हल्के में लेकर छोड़ देते हैं लेकिन वे यह नहीं जानते कि यह उनकी आंखों के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है।

    eye problems in adultहमारी आंखे अनमोल हैं। यूं तो हर उम्र में इनकी देखभल जरूरी है लेकिन व्यस्कों को अपनी आंखों का खास खयाल रखना जरूरी है। आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में युवाओं की जिंदगी कंप्यूटर के बिना अधूरी है। इसके अलावा जीवनशैली में कंप्यूटर पर लगातार काम करने की बाध्यता और जरूरी सावधानियां नहीं बरते जाने के कारण आजकल युवाओं में भी आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। जानें व्यस्कों में आंखों में संक्रमण के क्या लक्षण होते हैं-

    वायरल संक्रमण

    बदलते मौसम में वायरल संक्रमण सबसे आम समस्या है लेकिन अगर इसमें लापरवाही बरती जाए तो यह समस्या गंभीर हो सकती है। आमतौर पर मौसम में बदलाव के कारण वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ये इतने प्रकार के हैं और इतने अधिक छोटे हैं कि इन्हें पहचानना बहुत कठिन होता है। हमारे शरीर में मौजूद एंटीबॉडी प्रोटीन भी कई बार इन्हें पहचान नहीं पाता क्योंकि ये तेजी से अपनी संरचना बदल लेते हैं। इसके लक्षणों में आंखों में जलन, लाली और खुजली मुख्य है।

    कंप्यूटर विजन सिंड्रोम

    कंप्यूटर, आई पैड और आई फोन के अलावा ऐसे कई गैजेट्स हैं, जिनका लगातार इस्तेमाल हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। आज जिस तेज गति से युवाओं की आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं, उससे यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आखिर कौन से कारण हैं, जो आंखों को बीमार बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। तेजी से बढ़ रही है इस तकलीफ का सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं वयस्क। कम रोशनी में पढ़ना और देर तक बिना ब्रेक के कंप्यूटर और लैपटॉप पर समय बिताने की आदतें इस समस्या के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। आंखों में दर्द व जलन इसके मुख्य लक्षण हैं।

    कंजक्टिवाइटिस

    इसकी सबसे बड़ी वजह है हाईजीन का ख्याल न रखना जिसके कारण यह समस्या होती है। कुछ लोग इसे पिंक आई के नाम से भी जानते हैं। इससे ग्रस्त होने पर आंख में लाली आनी शुरू होती है और धीरे-धीरे पूरी आंख लाल हो जाती है। यह वायरल भी हो सकता है और बैक्टीरियल भी। इसकी शुरुआत खांसी-जुकाम से होती है और यहीं से संक्रमण फैल जाता है। आंखों से पानी निकलता है और खुजली होने लगती है। पहले एक आंख में संक्रमण होता है, फिर दूसरी आंख इससे प्रभावित हो जाती है। यह संक्रमण एक से दूसरे को भी जल्दी ही हो जाता है, क्योंकि इसके वायरस हवा व वातावरण में मौजूद और सक्रिय रहते हैं।

    एंडोफ्थेलमाइटिस

    एंडोफ्थेलमाइटिस में आंख के अंदर इंफेक्शन हो जाता है। आंख के इंटीरियर चैंबर में पस पड़ जाता है, जिसके कारण आंख लाल हो जाती है, उसमें तेज दर्द होता है, सूजन आ जाती है और पानी आने लगता है। रोशनी भी कम हो जाती है। इस बीमारी के इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आंख की रोशनी चले जाने का खतरा रहता है।

     

     

    Read More Articles On Eye Problems In Hindi

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK