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साल में 1 बार करें ये छोटा सा काम, आंखें कभी नहीं होंगी कमजोर

आंखों के विकार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 24, 2017
साल में 1 बार करें ये छोटा सा काम, आंखें कभी नहीं होंगी कमजोर

आंखें कुदरत की नायाब नेमत है। लेकिन, आपकी आंखें सही रहें और रहें सदा सलामत इसके लिए जरूरी है कि आप इसकी सही देखभाल करें। वरना कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।

Quick Bites
  • एक साल में एक बार अपनी आंखों की जांच जरूर करवाएं।
  • आइज मूवमेंट करने से आंखों की बेहतर एक्सरसाइज हो जाती है।
  • रोज़ रात को रात को सोने से पहले अपनी आंखों को साफ ताजे पानी से धोएं।

आंखों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। यदि आंखों की ठीक प्रकार से देखभाल न की जाए तो आंखों में विकार पैदा हो सकते हैं। कंप्यूटर, मोबाइल, आईपौड, स्मारटफोन की बढ़ती मांग से आंखों को दिनादिन खतरा पहुंच रहा है। आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए उनकी देखभाल जरूरी हो जाता है। आइए जानें कैसे करें आंखों की देखभाल।

इसे भी पढ़ें : आंखों को स्वस्थ रखने के लिए करें ये एक्सरसाइज

आंखो के बचाव के तरीके

  • लगातार रोजाना दो से तीन घंटे कंप्यूटर पर कार्य करने से व्यक्ति में कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम के लक्षण देखने को मिल सकते है। कुछ सावधानियाँ बरतकर कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम से बचाव किया जा सकता है।
  • आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से दूरी के साथ ही लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है। तभी अधिकतर सीवीएस के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • जिस कमरे में कंप्यूटर हो उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए, एवं प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिये, सामने से नहीं।
  • जब भी कंप्यूटर के पास बैठें तो हर 20 मिनट के गैप में 20 सेकेंड के लिए स्क्रीन से नजरें हटा लें और 20 फुट दूर किसी फिक्स्ड प्वाइंट पर फोकस करें।
  • आइज मूवमेंट आंखों को बेहतर करने में लाभकारी है। ऑफिस या घर पर मॉनिटर को कुछ इस तरह सेट करें कि आंखें मॉनिटर के टॉप लेवल पर हों।
  • कंप्यूटर डिवाइस का कंट्रास्ट या ब्राइटनेस लेवल को सेट करें या एन्टीग्लेयर कवर और कंप्यूटर ग्लास फिट कराएं।
  • बेहतर लेंस का प्रयोग करें या एन्टी ग्लेयर (चौंध रहित) चश्मा पहने एवं चौंध रहित स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिये।
  • जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटे भर से अधिक बैठे हों तो ड्राई आईज से बचने के लिए पलकें, धीरे-धीरे झपकाएं। साथ ही, सीवीएस से बचने के लिए स्मॉल ब्रेक्स और हेल्दी लाइफस्टाइल भी जरूरी है।
  • आंखों के लिए कंप्यूटर विजुअल चैलेंज हो सकता है पर जब परहेज के साथ इस्तेमाल किया जाए तो पर्मानेंट डैमेज कभी नहीं होने देता। आंखों में जब भी अच्छा सा महसूस ना हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं।
  • प्रतिदिन रात के समय में सोने से पहले अपनी आंखों को स्वच्छ ठण्डे पानी से धोएं।

आंखों में समस्या  होने पर लक्षण

आंख एवं सिर में भारीपन, धुंधला दिखना, आँख लाल होना, आँख से पानी जाना, आँख में जलन होना, आँख में खुजली होना, आँख का ड्राई आई, रगों का साफ न दिखना।अगर आप कंप्यूटर पर कार्य करते समय इन सावधानियों को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं तब आप खुद को काफी हद तक कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम की समस्या से खुद को बचाये रख सकते हैं।

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Written by
Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 24, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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