• shareIcon

गर्दन की मोच को तुरंत ठीक करती है ये 2 एक्‍सरसाइज़

दर्द का प्रबंधन By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 11, 2018
गर्दन की मोच को तुरंत ठीक करती है ये 2 एक्‍सरसाइज़

उम्र का तकाजा होने और तरह तरह की टूट−फूट के कारण गर्दन दर्द के जाल में फंस जाती है। कभी−कभी तंत्रिकाओं के दबने से दर्द कंधों, छाती और बाहों में भी जाने लगता है।

 

गर्दन में दर्द या मोच आने के कई कारण हो सकते हैं। ऑफिस में लंबे सामय तक डेस्क का काम, लगातार सिर झुकाकर काम करना, सोने का गलत पोस्चर या कठोर तकिए का इस्तेमाल, किसी प्रकार की चोट के कारण हड्डियों का अपने स्थान से खिसक जाना, ट्यूमर या मांस पेशियों में मोच, गर्दन के स्पाइन में अर्थराइटिस, भारी वस्तु्ओं को उठाने का काम, तनाव या स्वास्‍थ्‍य संबंधी दूसरी समस्याएं इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।। उम्र का तकाजा होने और तरह तरह की टूट−फूट के कारण गर्दन दर्द के जाल में फंस जाती है। कभी−कभी तंत्रिकाओं के दबने से दर्द कंधों, छाती और बाहों में भी जाने लगता है।

इसे भी पढ़ें: साइटिका के संकेत हैं शरीर में दिखने वाले ये 5 लक्षण, ऐसे करें बचाव

गर्दन के दर्द में करें ये दो एक्सरसाइज

एक्‍सरसाइज1 : सबसे पहले पैरों के बीच हल्का सा गैप रखते हुए कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं। अपने दाएं हाथ को सिर के पिछले हिस्से पर रखें और हल्का सा दवाब बनाते हुए सिर को चारों दिशाओं में धीरे धीरे घुमाएं। लगभग एक से दो मिनट का ब्रेक देकर अब धीरे धीरे एंटी क्लॉकवाइज घुमाएं। इस प्रक्रिया को आपको कम से कम चार से पांच बार करना है। इस पूरी प्रक्रिया के वक्त अपनी गर्दन पर ज्यादा स्ट्रेस ना पड़ने दें।

एक्‍सरसाइज2 : कंधों की एक्सरसाइज करने से भी आपको इस दर्द से राहत मिल सकती है। इस एक्सरसाइज के लिए पैरों के बीच हल्का सा गैप रखते हुए कुर्सी पर सीधा बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों की उंगुलियों को कंधे पर रखें। अब हाथों को गोल- गोल घुमाएं, जिससे कंधे रोल करें। इस प्रक्रिया को करीब 8 बार क्लॉकवाइज और एंटीक्लॉकवाइज दोहराएं।

गर्दन दर्द से बचाव  

अगर आपको लंबे समय से गर्दन में दर्द की शिकायत है, तो व्यायाम या योगा को अपनी आदत में शामिल करें। असहनीय दर्द की स्थिति में, चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार करें क्योंकि चिकित्सा के अभाव में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। गर्दन दर्द की समस्या किसी खास उम्र के लोगों को नहीं होती है। अब इस समस्या से सिर्फ 40 साल के आस-पास के लोग ही पीडि़त नहीं होते हैं, बल्कि आजकल यह परेशानी युवा वर्ग के लोगों में भी देखने को मिलती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Pain Management In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK