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अधिक शुगर से दिमागी कोशिकाएं हो सकती हैं प्रभावित

लेटेस्ट By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 22, 2016
अधिक शुगर से दिमागी कोशिकाएं हो सकती हैं प्रभावित

एक अध्ययन के अनुसार शुगर की अधिक मात्रा ब्रेन सेल्‍स को नष्ट कर याद्दाश्‍त को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकती है, आइए इस हेल्‍थ न्‍यूज के माध्‍यम से जानें कैसे।

आमतौर पर यह बात सभी जानते हैं कि ज्‍यादा शुगर से मोटापा बढ़ता है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शुगर की अधिक मात्रा ब्रेन सेल्‍स को नष्‍ट कर याद्दाश्‍त को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। यह बात हाल ही में हुए एक अध्‍ययन से सामने आई है। न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा हाल ही में किये गये शोध से यह पता चला है कि चीनी की अत्यधिक मात्रा ब्रेन को प्रभावित करती है और तनाव बढ़ाती है।

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शुगर की अधिक मात्रा ब्रेन सेल्‍स को नुकसान

शोध में कहा गया है कि 50 ग्राम यानी 12 चम्मच से अधिक शुगर ब्रेन सेल्‍स को नुकसान पहुंचाती है और इसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है जिससे आगे चल कर याद्दाश्‍त में भी कमी आने का खतरा रहता है। यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ता जयंती मनियम और माग्र्रेट मोरिस ने कहा, "हम सब जानते हैं कि नींबू पानी और कोला जैसे मीठे पेय पदार्थ न सिर्फ कमर और दांत के लिए नुकसानदेह होते है लेकिन नवीनतम अनुसंधान में यह पता चला है कि शुगर दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती है जो व्यवहार और याद्दाश्‍त के लिए जिम्मेदार है।"


क्‍या कहता है शोध

उन्होंने बताया कि शोधकर्ता 15 दिनों से अधिक समय तक चूहों के तीन समूहों पर किए गए शोध के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। अपने शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चूहों के तीन समूह बनाए। पहले समूह के चूहों को नौ दिनों के लिए अलग थलग रखा गया। दूसरे समूह के चूहों को चीनी खिलाई गयी जबकि तीसरे समूह के चूहों को स्वतंत्र छोड़ दिया गया। वैज्ञानिकों ने 15 दिनों के बाद पाया कि स्वतंत्र छोडे गए चूहों का समूह बाकी अन्य दो समूहों के मुकाबले अधिक स्वस्थ था।

इसके बाद अलग रखे गये चूहे और चीनी खानेवाले चूहों के दिमाग की बारीकी से जांच की गई तो वैज्ञानिकों ने पाया कि दोनों समूहों के चूहों के ब्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है। शोधकर्ताओं ने कहा कि अत्याधिक शुगर के सेवन से न्यूरोन्स के विकास के लिए जिम्मेदार न्यूरोड वन जीन प्रभावित होते हैं जो आगे चल कर अवसाद, तनाव और मूड स्विंग जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। शोधकर्ताओं ने युवाओं को अपनी खान-पान की आदतों में बदलाव करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।

Image Source : Getty

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