Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

हर नए साल के साथ 10 लाख बच्चे बनते हैं टीबी का शिकार

लेटेस्ट By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 25, 2014
हर नए साल के साथ 10 लाख बच्चे बनते हैं टीबी का शिकार

बोस्टन में ब्रिघम एंड वूमेंस हॉस्पिटल (बीडब्ल्यूएच) और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (एचएमएस) के शोधकर्ताओं का मानना है कि हर वर्ष तकरीबन 10 लाख बच्चे टीबी की बीमारी का शिकार होते हैं।

जहां एक ओर सोमवार (24 मार्च) को पूरी दुनिया विश्व ने टीबी (तपेदिक) दिवस मनाया, वहीं दूसरी और एक शोध से कुछ चौंका देने वाले, गंभीर आंकड़े सामने निकल कर आए।

Children Become Victims Of TB

 

जी हां शोध से पता चला है कि चिकित्सा में सुधार और सरकार तथा सहायता एजेंसियों के प्रयासों के बावजूद भी 2011 से अब तक तपेदिक (टीबी) के शिकार होने वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। शोधकर्ताओं ने बताया कि दुनिया भर में 2011 से अब तक टीबी के शिकार होने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है।

 

 

 

बोस्टन में ब्रिघम एंड वूमेंस हॉस्पिटल (बीडब्ल्यूएच) और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (एचएमएस) के शोधकर्ताओं का आंकड़ों और शोध के हिसाब से एक अनुमान लगाया है कि सालाना 10 लाख बच्चे टीबी का शिकार होते हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान के हिसाब से है 32,000 बच्चे मल्टीड्रग रेसिस्टेंट टीबी (एमडीआर-टीबी) से ग्रस्त हैं।

 

 

 

हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के सहायक प्रोफेसर कोहेन ने बताया कि, "हमारा अनुमान है कि बच्चों में टीबी के कुल नए मामलों की संख्या, डब्ल्यूएचओ के 2011 के अनुमान की दोगुनी है।"

 

 

शोधकर्ताओं द्वारा किए शोध के नतीजे बताते हैं कि वर्ष 2010 में लगभग 10,00,000 बच्चों को टीबी था, जिनमें से 32,000 बच्चे एमडीआर-टीबी से ग्रसित थे। यह रिपोर्ट 'द लेंसेट' जर्नल में प्रकाशित हुई है।

 

 

गौरतलब है कि इस बीमारी से प्रभावित बच्चों में 40 प्रतिशत दक्षिण पूर्वी एशिया, जबकि 28 प्रतिशत अफ्रीका से हैं। लेन्सेट में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि बच्चों में इस बीमारी का जोखिम ज्यादा होता है। हालांकि सही समय पर उपचार से इस पर काबू पाया जा सकता है।

 

 

शोध में कहा यह भी कहा गया है कि इस बीमारी से संक्रमित फेफड़ों की पहचान व इसके इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि की जरूरत होती है।


 

Source: The Lancet, Motherboard

 

Read More Health News In Hindi.

Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 25, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK