ऐस्ट्रोजन उत्पाद बढ़ा सकते हैं आपका जोखिम

ऐस्ट्रोजन उत्पाद बढ़ा सकते हैं आपका जोखिम

अगर आप ऐस्ट्रोजन सिंथेटिक रूप में लेती हैं, तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ा सकता है। इससे खून का थक्का जम सकता है।

यदि आप महिला हैं तो ऐस्ट्रोजन के साथ आपका प्रेम और नफरत दोनों का रिश्ता होगा। इसमें भी कोई दोराय नहीं कि आपने अपनी ज़िंदगी में कम से कम दर्जनों बार इस हार्मोन को बुरा भला कहा होगा। आखिर यही तो वो हार्मोन है जिसका रिसाव आपके पहले मासिक चक्र के साथ होना शुरू होता है। महिलाओं के पास तीन प्रकार के ऐस्ट्रोजन होते हैं। ऐस्ट्राडिओल, ऐस्ट्रीओल और ऐस्ट्रोन। ऐस्ट्रोजन दवाओं द्वारा सिंथेटिक रूप में लिया जा सकता है। ये सबसे सामान्य कॉन्ट्रासेप्टिव और हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी है।

आपके शरीर द्वारा प्राकृतिक रूप से ऐस्ट्रोजन पैदा होने के बावजूद, अगर आप उसे सिंथेटिक रूप में लेती हैं, तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ा सकता है। इससे खून का थक्का जम सकता है। उससे बाद में आपको स्ट्रोक हो सकता है, डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) का विकास हो सकता है और पलमोनरी नाम से होने वाली गंभीर फेफड़ी की बीमारी हो सकती है।

 

Estrogen in Hindi


किन उत्पादों में होता है ऐस्ट्रोजेन

हालांकि बर्थ कंट्रोल और हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी समेत सारी दवाओं के नफे और नुकसान होते हैं। सारी महिलाओं को ऐस्ट्रोजन संबंधित खून के थक्कों का खतरा नहीं होता। फिर भी, कुछ महिलाओं के लिए, कुछ निश्चित बदलाव खतरा बन सकते हैं। वो महिलाएं जिन्हें कभी पहले खून के थक्के या पलमोनरी की समस्या हुई है या फिर कोई ऐसा जेनेटिक कारण है जिससे खून के थक्के का जोखिम ज्यादा है, उन्हें ऐस्ट्रोजेन से खतरा है। इसके अलावा, धूम्रपान का सेवन, या मोटापे से ग्रस्त महिलाओं का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

तो फिर आपको कैसे मालूम होगा कि किन उत्पादों में ऐस्टोजेन मिला हुआ है? सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव और हार्मोनल थैरेपी पर लगे लेबल की जांच करें। अगर वहां आपको ऐस्ट्रोजन, ऐस्ट्रेडिओल या कॉन्जूकेटिड ऐस्ट्रोजन जैसे शब्द लिखे होंगे, तो उसका मतलब ये कि उसमें ऐस्ट्रोजन मौजूद है।

 

Estrogen Products in Hindi

 

इन निम्न उत्पाद श्रेणियों पर ध्यान रखें

 

  • बर्थ कंट्रोल पिल्स - इन्हें ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव भी कहते हैं। इसके ज्यादातर प्रकारों में ऐस्ट्रोजन और प्रोगेस्टीन शामिल होता है।
  • कॉन्ट्रासेप्टिव स्किन पैच - बर्थ कंट्रोल पिल्स की तरह ही ये पैच प्रेगनेंसी रोकने के लिए ही तैयार किये जाते हैं। इनमें आमतौर पर फीमेल हार्मोन्स का मिश्रण होता है, जिनमें ऐस्ट्रोजन भी शामिल होता है।
  • नूवारिंग - प्रैगनेंसी रोकने के लिए ऐस्ट्रोजन और प्रोगेस्टीन की डोज़ देकर ये छोटी रिंग वैजाइना में महीने के तीन हफ्तों के लिए लगाई जाती है।
  • हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (एचआरटी) - कुछ महिलाएं मीनोपॉज से संबंधित लक्षणों से राहत पाने के लिए कुछ महिलाएं ये विकल्प अपनाती हैं। इसमें ऐस्ट्रोजन, प्रोगेस्टिन और कभी-कभी टेस्टोस्टेरॉन भी होता है।
  • ऐस्ट्रोजन रिप्लेसमेंट थैरेपी (ईआरटी) - शरीर में ऐस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाने के लिए बहुत सी महिलाएं ईआरटी का रूख कर लेती हैं। ये ओरल पिल्स, स्किन पैचिज, वेजीनल रिंग, स्किन क्रीम या स्किन जेल के जरिये दिया जा सकता है।

 

तलाश करें सुरक्षित विकल्प

 
अगर आप अपने खून के थक्के होने के जोखिम की वजह से ऐस्ट्रोजन वाले उत्पादों का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं, तब भी आपके पास बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं। अगर आप बर्थ कंट्रोल के लिए विकल्प तलाश रहे हैं तो आप कॉन्डम का इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर विथड्रॉल विधि। लेकिन अगर आपको अधिक सुरक्षा चाहिए तो आप आईयूडी की ओर रूख करें। मीनोपॉज से संबंधित लक्षणों के लिए विकल्प लक्षण विशेष पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए वैजाइनल ड्रायनेस और पेनफुल इंटरकोर्स के लिए नॉन-ऐस्ट्रोजन क्रीम का इस्तेमाल कर सकती हैं।

Image Source - Getty Images

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