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कुछ यूं फिट रहकर लें मानसून का मजा

तन मन By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 02, 2017
कुछ यूं फिट रहकर लें मानसून का मजा

मौसम में अचानक आया परिवर्तन आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखकर ही आप मानूसन का मजा ले सकते हैं।

बारिश की बूंदें जितनी मनोरम लगती है, उतनी ही नुकसानदेह हो सकती है। जी हां बारिश की बूंदें अपने साथ अनेक बीमारियां लाती हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है, इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखकर ही आप मानूसन का मजा ले सकते हैं।  

मौसम में अचानक आया परिवर्तन आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इस मौसम में तापमान में बार-बार बदलाव और उमस के कारण बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इस कारण पाचन क्रिया ठीक नहीं रहती। इंफेक्शन, एलर्जी, सर्दी-जुकाम, डायरिया, फ्लू, वायरल जैसी पानी और हवा से होने वाली बीमारियां हमें घेरे रखती हैं। इसलिए इस मौसम में साफ-सफाई के साथ अपने आहार का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है।

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जी हां आप मानसून का मजा भी तभी ले सकते हैं जब आप पूरी तरह से फिट हो। फिट रहकर आप बीमारियों से बच सकते हैं, साथ ही आप फुर्तीले भी रहेंगे और मानसून का बिना किसी डर के मजा ले सकेंगें। आइए जानें कि मानसून में आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल किन तरीकों से रख सकते है।

बरसात और आपका स्‍वास्‍थ्‍य

  • बरसात के मौसम में कच्चा सलाद खाने से बचें। कच्चे सलाद में कई तरह के कीड़े पनपने का डर बना रहता हैं। इसलिए सलाद को स्टीम्ड करके खाएं। इससे सलाद के कीटाणु भी नष्ट हो जाएंगे और ये अधिक स्वास्थ्यवर्धक भी बन जाता है।
  • मानसून में पाचन क्रिया धीमी गति से काम करती है, तला भुना व मसालेदार खाने से परहेज करें, हल्का व कम मसालेदार खाना खाएं, विटामिन युक्त चीजें खाएं। बाजार के कटे हुए फल न खाएं, बासी जूस पीने से बचें। ताजा बना खाना खाएं और फास्ट फ़ूड से बचें।
  • भाप युक्त हवा चलने से हमारी पाचन प्रणाली पर प्रभाव पड़ता है। कफ जमने की शिकायत बढ़ती है। वायु, पित्त और कफ इन तीनों प्रकार के दोषों के कारण कई तरह के रोग होने की आशंका रहती है। इसलिए मौसम के दौरान ज्यादा लवणयुक्त, अम्लीय पदार्थ का सेवन करने से बचें। तिल-तेल, बैंगन, सरसों, राई का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
  • खाने के साथ पीने के पानी से भी सबसे ज्‍यादा संक्रमण फैलता है। जी हां बरसात में डायरिया, हैजा, पीलिया और बुखार जैसी अधिकतर बीमारियां पानी के ही कारण होती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि फिल्टर का पानी पीएं, नहीं तो पानी उबाल कर पीएं और दिन भर में ज्‍यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें।
  • मानसून में जगह-जगह पानी जमा होने के कारण मच्छर ज्‍यादा पनपने लगते है। और मच्छरों की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड सकता है। इसलिए घर के अन्दर मॉस्‍किटो क्वॅाइल और मॉस्किटो नेट का प्रयोग करें।
  • बरसात के मौसम में दूध और बटर मिल्क काफी हितकारी होते हैं। बटरमिल्क जहां हमारी पाचन क्रिया को दुरस्त करता है, वहीं बरसात के मौसम में रोजाना एक गिलास गर्म दूध हमें इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है।
  • मानसून में नाश्ता हैवी, लेकिन डिनर हल्का करना चाहिए। ऐसा करने से आपका पाचनतंत्र ठीक रहता है। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले खाना खाएं और खाना खाने के बाद टहलना न भूलें।
  • डेंगू स्थिर पानी से पैदा होता है। इसलिए घर के आस-पास पानी जमा न होने दें, पानी के कंटेनरों को कवर कर दें, या खाली कर दें जिससे मच्छर पैदा न हो और आप मच्छरों के काटे जाने के जोखिम से बच सकें।
  • बरसात में भीग जाने पर कई रोग होने की आशंका बनी रहती है, लेकिन अगर अदरक और तुलसी के पत्तों की चाय पी ली जाएं तो किसी भी तरह का इंफेक्शन होने का खतरा टाला जा सकता है। इसके अलावा नियमित रूप से प्याज और अदरक भी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं।

इन सब उपायों को अपनाकर आप बरसात के मौसम में स्वास्थ्य को होने वाले खतरे को कम कर सकते है।

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Image Source : Shutterstock.com

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