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आधुनिक युग की महिलाओं की बीमारी है एन्‍डोमीट्रीओसिस

महिला स्‍वास्थ्‍य
By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 20, 2014
आधुनिक युग की महिलाओं की बीमारी है एन्‍डोमीट्रीओसिस

एन्‍डोमीट्रीओसिस महिलाओं से संबंधित आधुनिक युग की बीमारी है, इसके कारण मासिक धर्म के दौरान दर्द और यौन संबंध के दौरान असहनीय पीड़ा हो सकती है।

Quick Bites
  • आधुनिक युग की बीमारी है जो कामकाजी महिलाओं को ज्‍यादा होती है।
  • मासिक धर्म के दौरान और सेक्‍स के समय दर्द हैं इसके प्रमुख लक्षण।
  • ये बीमारी अंतर्गर्भाशयकला जो कि गर्भाशय की झिल्‍ली है, इसपर होता है।
  • एन्‍डोमीट्रीओसिस का लैप्रोस्‍कोपी से निदान और सर्जरी से उपचार होता है।

आधुनिक युग के कारण नित नई बीमारियों का न केवल पता चलता है बल्कि अस्‍वस्‍थ दिनचर्या के कारण कई प्रकार की स्‍वास्‍‍थ्‍य समस्‍यायें भी होती हैं जो पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करती हैं। एन्‍डोमीट्रीओसिस भी आधुनिक युग की महिलाओं की बीमारी है। मासिक धर्म के दौरान दर्द होना, यौन संबंध बनाते समय दर्द होना जैसे प्रमुख लक्षण इस बीमारी के कारण दिखाई पड़ते हैं। हालांकि इस बीमारी के लिए केवल यह खबर अच्‍छी है कि इसका आसानी से उपचार हो जाता है। इस बीमारी के बारे में विस्‍तार से जानिये इस लेख में।

Modern Woman in Hindi

एक सामान्‍य समस्‍या

एन्‍डोमीट्रीओसिस एक प्रकार की सामान्‍य समस्‍या है जो सबसे अधिक कामकाजी महिलाओं में देखी जाती है, क्‍योंकि उनकी दिनचर्या अनियमित होती है। तनाव भी इस बीमारी का कारण है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं यह केवल कामकाजी महिलाओं को ही होता है, यह बीमारी घरेलू महिलाओं को भी प्रभावित करती है। जिनकी जिंदगी तनाव और अवसादग्रस्‍त होती है उनमें यह बीमारी अधिक देखी जाती है। यह बीमारी और भी खतरनाक हो जाती है क्‍योंकि कुछ महिलाओं को लगता है कि यौन संबंध बनाते वक्‍त दर्द होना एक सामान्‍य समस्‍या है।

क्‍या है एन्‍डोमीट्रीओसिस

यह एक प्रकार की दर्दनाक और खतरनाक समस्‍या है जो अंतर्गर्भाशयकला (endometrium) में होती है। अंतर्गर्भाशयकला एक प्रकार का म्‍यूकस यानी श्‍लेष्‍मा है जो गर्भाशय की झिल्‍ली पर होता है। यह गर्भाशय के आंतरिक और बाहरी मुख पर भी हो सकता है। वास्‍तव में यह गर्भाशय, अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब और गर्भ के पीछे कहीं भी हो सकता है। किसी प्रकार के घाव या सर्जरी भी इस बीमारी के लिए जिम्‍मेदार हो सकते हैं। दुर्लभ मामलों में ही एन्‍डोमीट्रीओसिस शरीर के अन्‍य हिस्‍से में हो सकते हैं। वजाइना के मुख पर अतिरिक्‍त कोशिकाओं का विकास हो जाता है जो मासिक धर्म और यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द का कारण बनता है। कुछ मामलों में एन्‍डोमीट्रीओसिस आंतरिक शा‍रीरिक रचना को प्रभावित करता है और इसकी गंभीर स्थिति को 'फ्रोजेन पेल्विस' ना से जाना जाता है।

एन्‍डोमीट्रीओसिस के लक्षण

मासिक धर्म के दौरान कभी-कभी ऐसा दर्द होता है कि महिला इसे बर्दाश्‍त नहीं कर पाती और यह असनीय हो जाता है। कई बार तो यह दर्द पूरे महीने तक बना रहता है। इसके अलावा पीठ में दर्द, कंधों में दर्द और जांघों में भी तेज दर्द होता है। डायरिया, कब्‍ज, सूजन और यूरीन में खून निकलने जैसे लक्षण भी इसी से जुड़े हुए हैं। हालांकि कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि इसके कारण सामान्‍य दर्द होता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इस बीमारी से ग्रस्‍त महिला गर्भवती नहीं हो सकती है। क्‍योंकि इसके कारण स्‍पर्म फैलोपियन ट्यूब तक नहीं जा पाता और महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है।

एन्‍डोमीट्रीओसिस के कारण

हालांकि अभी तक यह बीमारी एक पहेली बनी हुई है, इसके लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इम्‍यूनिटी के कारण यह गर्भाशय में अतिरिक्‍त कोशिकाओं का निर्माण हो जाता है। अनियमित दिनचर्या के कारण भी यह बीमारी अधिक देखी जाती है और काफी हद तक तनाव भी इस बीमारी का कारण बनता है।
Endometriosis in Hindi

निदान और उपचार

इसके लक्षणों के आधार पर चिकित्‍सक महिला के गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय स्नायुबंधन की जांच करते हैं। इसके परिणाम के बाद चिकित्‍सक महिला के गर्भाशय का आंतरिक परीक्षण करते हैं, इसके लिए लैप्रोस्‍कोपी का सहारा लिया जात है। इस तकनीक में नाभि के माध्‍यम से बहुत छोटा कैमरा महिला के गर्भाशय में डालकर उसकी स्थिति का पता लगाया जाता है।

सर्जरी के जरिये एन्‍डोमीट्रीओसिस का उपचार किया जाता है। त्‍वरित राहत के लिए दर्दनिवारक दवाओं का प्रयोग किया जा सकता है। अगर आपको मासिक धर्म और यौन संबंध के दौरान दर्द हो तो चिकित्‍सक से जरूर संपर्क करें और अपनी स्थिति के बारे में बतायें।

 

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 20, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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