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शरीर के कई अंगों पर होता है हाई ब्लड प्रेशर का असर, जानें खतरे

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 01, 2018
शरीर के कई अंगों पर होता है हाई ब्लड प्रेशर का असर, जानें खतरे

ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या है, जिसके मरीज दिनों-दिन बढ़ रहे हैं। आजकल का खान-पान, जीवनशैली, नाइट शिफ्ट की नौकरी, कंप्यूटर पर काम और खाने में पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोग इस खतरनाक रोग के मरीज हैं।

ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या है, जिसके मरीज दिनों-दिन बढ़ रहे हैं। आजकल का खान-पान, जीवनशैली, नाइट शिफ्ट की नौकरी, कंप्यूटर पर काम और खाने में पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोग इस खतरनाक रोग के मरीज हैं। हाई ब्लड-प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। जब नसों में ब्लड बहता है तो ये नसों के किनारों पर दबाव बनाता है। बल्ड के इसी दबाव यानि प्रेशर को ब्लड प्रेशर कहते हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा हो गया है तो ये हार्ट को इसे पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हाई ब्लड का असर शरीर के कई अंगों पर पड़ता है। ऐसे में इसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर से सबसे ज्यादा कौन से अंग होते हैं प्रभावित।

किडनी हो सकती है फेल

किडनियां हमारे ब्लड से दूषित पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालती हैं। हाई ब्लड-प्रेशर के कारण किडनी पर दबाव बढ़ जाता है और कई बार रक्त वाहिकाएं संकरी या मोटी हो जाती हैं। इसके अलावा किडनी में ब्लड को छानने वाली कोशिकाएं भी इससे प्रभावित होती हैं। इससे किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती और खून में दूषित पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसलिए इसके कारण किडनी फेल्योर और अन्य रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

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हृदय रोगों का बढ़ता है खतरा

हाई ब्लड प्रेशर में सबसे ज्यादा खतरा हृदय को होता है। जब ह्वदय को संकरी या सख्त हो चुकी रक्त वाहिकाओं के कारण पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता तो सीने में दर्द हो सकता है और अगर खून का बहाव रुक जाए तो हार्ट-अटैक भी हो सकता है।

मस्तिष्क पर प्रभाव

40 की उम्र के करीब हाई ब्लड प्रेशर की समस्या याद्दाश्‍त के लिहाज से भी खतरनाक हो सकती है। हाई ब्लड-प्रेशर में रोगी की याददाश्त जा सकती है, जिसे डिमेंशिया कहा जाता है। इसमें समय के साथ-साथ रोगी के मस्तिष्क में खून की आपूर्ति और कम हो जाती है। और व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति घटती जाती है। हाई बीपी के दौरान हिप्पोकैंपस में रक्त का संचार ठीक प्रकार से ना होने के कारण, कई छोटे-छोटे स्ट्रोक की आशंका अधिक हो जाती है। इस वजह से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को याद्दाश्‍त से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक हो जाता है।

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आंखें भी होती हैं प्रभावित

हाई ब्लड-प्रेशर से आंखों की समस्या हो सकती है। रोगी को आंखों की रोशनी कम होने लगती है उसे धुंधला दिखाई देने लगता है। इसलिए ब्लड प्रेशर की समस्या में आंखों की नियमित जांच की सलाह दी जाती है।

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