• shareIcon

त्वचा की देखभाल के लिए योग

योगा By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 20, 2018
त्वचा की देखभाल के लिए योग

हर कोई सबसे सुंदर दिखना चाहता है। इसके लिए जरुरी है कि आप तनाव व चिंता से दूर रहें। क्योंकि तनाव से आपकी सुंदरता खतरे में पड़ सकती है। और इसके लिये आप योगा का सहारा लें जिससे आप तनावमुक्त रहेंगी और पाएंगी खूबसूरत त्वचा।

सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है। हर कोई सबसे सुंदर दिखना चाहता है। इसके लिए जरुरी है कि आप तनाव व चिंता से दूर रहें। क्योंकि तनाव से आपकी सुंदरता खतरे में पड़ सकती है। इसलिए जरुरी है कि आप योगा का सहारा लें जिससे आप तनावमुक्त रहेंगी और पाएंगी खूबसूरत त्वचा।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार सभी योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। इस योग में लगभग सभी आसनों का समावेश है। इसके अभ्यास से शरीर निरोग और स्वस्थ होता है। इसमें पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं। फिर दोनों हाथों को कंधे के समानांतर उठाते हुए दोनों हथेलियों को ऊपर की ओर ले जाए। हथेलियों के पृष्ठ भाग एक-दूसरे से चिपके रहें। फिर उन्हें उसी स्थिति में सामने की ओर लाएं। तत्पश्चात नीचे की ओर गोल घुमाते हुए नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं। सूर्य नमस्कार बारह स्थितियों में किया जाता है।



शवासन

इस आसन से आपको मानसिक तनाव व चिंताओं से मुक्ति मिलती है। इस आसन में चटाई या कंबल पर लेट जाएं। अपनी आंखों को बंद करें और शरीर को ढीला छोड़ दें। सांस की गति सामान्य रखें और दिमाग से सभी चिंता व तनाव निकाल दें।

[इसे भी पढ़ें : आंखों के लिए योगासन]

 

शीर्षासन

कंबल या दर्री पर घुटने टेक कर आगे की ओर झुककर बैठ जाएं। अपनी एडियों के बल बैठकर घुटनों को जमीन पर एक साथ रखिये। हाथों की अंगुलियों को आपस में फंसाकर अपने दोनों हाथों एवं बांहों को जमीन पर रखें । अपने सिर का पिछला हिस्सा अपने हाथों से पकड़ें । अपने पैर की अँगुलियों को सिर के निकट लाते हुए शरीर और घुटनों को जमीन से ऊपर की ओर उठायें । मुड़े घुटनों को सीधा करते हुए दोनों टांगें एक साथ ऊपर उठायें ताकि उसका भार आपके सिर और भुजाओं दोनों पर पड़े। अपनी टांगों को तानें और भूमि की सीध में सारे शरीर को रखते हुए सावधानीपूर्वक सिर पर खड़े हो जाएं।

कपालभाती

समतल स्थान पर दर्री या कंबल बिछाकर सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं। अपनी पीठ व गर्दन एक सीध में रखें। आंखे बंद कर लें। अब अपनी नासिकाओं द्वारा तेजी से सांस छोड़े । सांस छोड़ते वक्त आपका पेट अंदर की ओर जाना चाहिए। फिर सामान्य रुप से सांस लें। इस क्रिया को 5 से 10 मिनट तक करें।

 

[इसे भी पढ़ें : पांच योगासन स्‍वस्‍थ मन और शरीर के लिए]

 

हलासन

इस आसन को करते समय शरीर की आकृति हल के समान बनती है इसलिए इस आसन को हलासन कहते हैं। सांस को अंदर भरकर दोनों पैरों को एक साथ ऊपर की और उठाना शुरु करें। पैरों को ऊपर उठाते हुए सर्वांगासन में आइए, फिर पैरों को सिर के पीछे तक झुकाते हुए जमीन से स्पर्श कराइये। कुछ क्षण इसी तरह रुकने के बाद, सामान्य रूप से शवासन में यानी सीधे लेट जाएं।

त्रिकोनासन

पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं उसके बाद अपने दोनों पैरों को दूर-दूर फैला लें। दोनों हाथों को एक सीध में ऊपर उठाएं और फिर झुकते हुए एक हाथ को पंजे से मिलाएं और दूसरा हाथ ऊपर की ओर बिल्कुल सीधा रखें। अपनी गर्दन भी ऊपर की ओर रखें। अब इसी क्रिया को दोहराते हुए दूसरे हाथ को नीचे लाएं।

 

 

Read More Articles on Yoga in Hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK