• shareIcon

एसिडिटी के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक नुस्‍खा है मुलेठी

घरेलू नुस्‍ख By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 27, 2015
एसिडिटी के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक नुस्‍खा है मुलेठी

अनियमित खानपान और ओवरईटिंग के कारण एसिडिटी की समस्‍या होती है, लेकिन मुलेठी में पाये जाने वाले कंपाउंड के कारण एसिडिटी की समस्‍या आसानी से दूर हो जाती है, इसलिए एसिडिटी में मुलेठी का सेवन करें।

मुलेठी ऐसी औषधि है जिसका प्रयोग अक्‍सर आप गले में खराश हो, खांसी, आदि के लिए करते हैं। इसके अलावा भी मुलेठी में कई ऐसे गुण हैं, जो पेट की समस्‍या से निजात दिलाते हैं। मुलेठी के प्रयोग करने से न सिर्फ आमाशय के विकार बल्कि गैस्ट्रिक अल्सर के लिए फायदेमंद है। इसका पौधा 1 से 6 फुट तक होता है। यह स्‍वाद में मीठी होती है इसलिए इसे यष्टिमधु भी कहा जाता है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। सूखने पर इसका स्‍वाद अम्‍लीय हो जाता है। मुलेठी की जड़ को उखाड़ने के बाद दो वर्ष तक उसमें औषधीय गुण विद्यमान रहते हैं। इसका औषधि के रूप में प्रयोग बहुत पहले से होता आया है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये मुलेठी के सेवन से एसिडिटी में किस तरह फायदा होता है।

licorice in hindi

बहुत फायदेमंद है मुलेठी

मुलेठी को बहुत गुणकारी औषधि माना जाता है। मुलेठी के प्रयोग करने से न सिर्फ आमाशय के विकार बल्कि गैस्ट्रिक अल्सर के विकार भी दूर हो जाते हैं। मुलेठी पेट के रोग, सांस संबंधी रोग, स्तन रोग, योनिगत रोगों को दूर करती है। ताजी मुलेठी में पचास प्रतिशत जल होता है, जो सुखाने पर मात्र दस प्रतिशत ही शेष रह जाता है। ग्लिसराइजिन एसिड के होने के कारण इसका स्वाद साधारण शक्कर से पचास गुना अधिक मीठा होता है।

क्‍या है एसिडिटी

यह पेट से संबंधित समस्‍या है। जो हम खाना खाते हैं, उसका सही तरह से पचना ज़रूरी होता है। पाचन की प्रक्रिया में हमारा पेट एक ऐसे एसिड को स्रावित करता है जो खाने को सही तरीके से पचाने के लिए बहुत जरूरी होता है। पर कई बार यह एसिड आवश्यकता से अधिक मात्रा में स्रावित होता है, जिसके फलस्‍वरूप सीने में जलन और फैरिंक्स और पेट के बीच के रास्‍ते में पीड़ा और परेशानी का एहसास होता है। इस हालत को एसिडिटी या एसिड पेप्टिक रोग के नाम से जाना जाता है।

खान पान में अनियमितता, ठीक तरह से खाने को नहीं चबाना, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना आदि कारणों से एसिडिटी की समस्‍या होती है। मसालेदार और जंक आहार का सेवन करना भी एसिडिटी के अन्य कारण होते हैं। इसके अलावा हड़बड़ी में खाना और तनावग्रस्त होकर खाने के कारण भी एसिडिटी की समस्‍या होती है। धूम्रपान और शराब का सेवन भी पेट की इस समस्या का कारण बन सकता है।

acidity in hindi

एसिडिटी में फायदेमंद है मुलेठी

मुलेटी पेट की समस्‍याओं को दूर करने के लिए बहुत ही प्रभावी है। इसके सेवन से पेट की कई प्रकार की समस्‍याओं का उपचार हो जाता है। दरअसल मुलेठी में  ग्लिसराइजिन (glycyrrhizin) कंपाउंड पाया जाता है जो ब्‍लड के पीएच के स्‍तर को कम करने में मदद करता है। इससे पेट में हलचल, पेट में सूजन और सीने में जलन की समस्‍या दूर होती है। यह खाने को पचाने में मदद करता है जिससे एसिडिटी की समस्‍या नहीं होती।

कैसे करें इसका सेवन

एक दिन में 10 ग्राम मुलेठी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। सुबह के वक्‍त हल्‍के गरम पानी या दूध के साथ मुलेठी का सेवन करने से एसिडिटी के साथ दूसरी पाचन संबंधी समस्‍यायें नहीं होती हैं।

एसिडिटीज से बचने के लिए स्‍वस्‍थ खानपान की आदतों को अपनाना बहुत जरूरी है। हरी सब्‍जी और ताजे फलों का सेवन करने के साथ नियमित व्‍यायाम करने से पेट की समस्‍यायें नहीं होती हैं।


Image Source : Getty

Read More Articles on Home Remedies in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK