फटे होंठ या होंठों की सूजन हो सकते हैं एक्जिमा के लक्षण, डॉक्टर से जानें इसका कारण और इलाज

Updated at: Jan 22, 2021
फटे होंठ या होंठों की सूजन हो सकते हैं एक्जिमा के लक्षण, डॉक्टर से जानें इसका कारण और इलाज

एक्‍ज‍िमा त्‍वचा रोग बीमारी है जो होंठों पर होने से खुजली, दाग या दर्द हो सकता है। इससे बचने के ल‍िये फटे होंठों पर ध्‍यान दें। 

Yashaswi Mathur
त्‍वचा की देखभालWritten by: Yashaswi MathurPublished at: Jan 22, 2021

आपके भी होंठ अक्‍सर फट जाते हैं या उनमें दर्द रहता है? अगर हां तो संभल जाइये। ये आम नहीं बल्‍क‍ि बीमारी के ल‍क्षण हो सकते हैं। ज्‍यादातर लोग फटे होंठों पर ध्‍यान नहीं देते पर ये समस्‍या बार-बार होती है तो परेशानी होने लगती है। होंठ फटने के साथ उनमें दर्द भी होता है। अगर ऐसा है तो तुरंत डॉक्‍टर के पास जायें। आपको एक्‍ज‍िमा भी हो सकता है। एक्‍ज‍िमा त्‍वचा संबंध‍ी बीमारी है जो वैसे तो कहीं भी हो सकती है पर ये जब ये होंठ पर होती है तो लोग इसके लक्षण समझ नहीं पाते। इसका इलाज समय पर न क‍िया जाये तो इससे होंठ पर दाग, सूजन या तेज़ खुजली होने लगती है जो आगे चलकर छाले या फुंसी में भी बदल सकती है। इसे बचने के ल‍िये आपको सही इलाज की जरूरत है ज‍िस पर बात करने के ल‍िये हमारा साथ देंगी लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव। 

eczema on lips

क्‍या है ल‍िप एक्जिमा? (What is eczema on lips)

ये त्‍वचा से जुड़ी बीमारी है जो होंठों पर भी हो जाती है। इसके होने से होंठों पर लाल‍िमा, दाने या दाग द‍िख सकते हैं। ल‍िप एक्‍ज‍िमा में होंठ फटने लगते हैं या उनमें सूजन होने लगती है। समय बढ़ने के साथ होंठों पर तेज खुजली होना भी एक्‍ज‍िमा के लक्षण हैं। गंभीर केस में होंठों से खून या पस बनने जैसी कंडीशन भी आ सकती है। ऐसा होने पर संभल जाइये और तुरंत त्‍वचा रोग व‍िशेषज्ञ से म‍िलें। ये बीमारी बच्‍चे से लेकर बुजुर्ग तक क‍िसी को भी हो सकती है। एक्‍ज‍िमा के ल‍िये स्‍टेफ‍िलोकोक‍िस ऑर‍ियस नाम का बैक्‍टेर‍िया ज‍िम्‍मेदार माना जाता है।  

एक्‍ज‍िमा के लक्षण (Symptoms of skin disease)

मौसम बदलने से होंठ फटना आम बात है, हम इसे ल‍िप बाम या क्रीम लगाकर ठीक कर लेते हैं पर बार-बार ऐसा होना एक्‍ज‍िमा के संकेत हो सकते हैं। अगर होंठ ज्‍यादातर फटे ही रहते हैं और उनमें दर्द भी रहता है तो आपको डॉक्‍टर से म‍िलना चाहिये। ये एक्‍ज‍िमा का पहला लक्षण हो सकता है। इसके अलावा ध्‍यान दें क‍ि होंठ पर लाल चकत्‍ते तो नहीं बन रहे हैं ये भी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आपको होंठ पर जीभ या लार नहीं लगानी है और न ही होंठों को दांतों से काटना है। 

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होंठों के इंफेक्‍शन का कारण (Causes of eczema on lips)

lip infection causes

जेनेट‍िक कारणों से भी एक्‍ज‍िमा हो सकता है। वहीं कुछ मरीजों को मौसम में बदलाव या धूल-मिट्टी से एलर्जी होती है तो उन्‍हें भी एक्‍ज‍िमा हो सकता है। कुछ लोग होंठों पर कई प्रोडक्‍ट्स इस्‍तेमाल करते हैं उसके साइडइफेक्‍ट्स से भी एक्‍ज‍िमा हो सकता है। कई बार गंदगी से भी एक्‍ज‍िमा हो जाता है इसल‍िये साफ-सफाई का ध्‍यान रखें। एक्‍ज‍िमा का इलाज दवा और क्रीम से क‍िया जाता है। खराब पानी पीने से भी एक्‍ज‍िमा की बीमारी हो सकती है। ज‍िन लोगों को घरेलू जानवर से एलर्जी या डैंड्रफ की समस्‍या होती है उन्‍हें भी ये बीमारी हो सकती है। ये महि‍लाओं में हार्मोन के उतार-चढ़ाव से भी होता है।   

खुजली की बीमारी से अलग है एक्‍ज‍िमा (Difference between itching and eczema)

लोग एक्‍ज‍िमा को खुजली की बीमारी समझ लेते हैं पर ऐसा नहीं है। एक्‍ज‍िमा में ज्‍यादा खुजली होना स‍िर्फ एक लक्षण है। इसमें खुजली के साथ लाल चकत्‍ते, फुंसी या सूजन हो सकती है। ये दाद से अलग होता है। दाद एक फंगल इंफेक्‍शन है ज‍िसमें खुजली और पपड़ी जमने लगती है वहीं खुजली क‍िसी भी त्‍वचा संबंधि बीमारी का एक लक्षण हो सकता है। एक्‍ज‍िमा 4 तरह का होता है। पहला है सेबोरहोइक एक्‍ज‍िमा। इसमें तनाव या त्‍वचा में बैक्‍टेर‍िया के हमले से बीमारी होती है। दूसरा प्रकार है ड‍िस्‍कॉयड एक्‍ज‍िमा। ये मौसम में बदलाव या कीड़े के काटने से हो सकता है। तीसरा प्रकार है एटोप‍िक एक्‍ज‍िमा। इसमें जेनेट‍िक कारण से बीमारी होती है वहीं चौथा प्रकार है कॉन्‍टेक्‍ट एक्‍ज‍िमा। इसमें इंफेक्‍शन हवा से संपर्क में आ जाता है। क‍िसी चीज़ या व्‍यक्‍त‍ि के संपर्क में आने से ये आपको हो सकता है।

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एक्‍ज‍िमा के दौरान जरूरी ट‍िप्‍स (Tips to cure lip infection)

how to cure lips from infection

आपको इस दौरान इस बात का खास ख्‍याल रखना है क‍ि ऊनी कपड़े आपकी समस्‍या बढ़ा सकते हैं। मुंह पोछने के ल‍िये साफ सूती कपड़े का ही इस्‍तेमाल करें नहीं तो खुजली बढ़ सकती है। ज्‍यादा गरम या ठंड से बचें। तापमान में बदलाव होने से होंठों में दर्द उठ सकता है। तेज़ धूप में जाने से पहले मुंह को अच्छी तरह से ढक लें। इसके अलावा आपको ध्‍यान रखना है क‍ि होंठों पर गरम पानी न लगे। अगर आप गरम पानी से नहाते हैं तो चेहरा धोते समय ठंडे पानी का इस्‍तेमाल करें। गरम पानी से होंठों की त्‍वचा में रूखापन बढ़ सकता है। आपको इस बात का भी ध्‍यान रखना है क‍ि हार्ड कैम‍िकल से बने साबुन से मुंह न धोएं। एक्‍ज‍िमा को ठीक करना है तो तनाव से दूर रहना होगा। तनाव लेने से ये त्‍वचा रोग बढ़ सकता है। एक्‍ज‍िमा के दौरान संतुल‍ित आहार लें। इस दौरान ऐसा कुछ न खायें जि‍ससे आपको एलर्जी की समस्‍या हो। ल‍िप बाम लगाने से पहले भी आपको इस बात का ध्‍यान रखना है क‍ि वो आपके होठों का नुकसान न पहुंचाये।      

एक्जिमा के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for lip infection)

  • 1. एक्‍ज‍िमा को ठीक करने के ल‍िये आप घर पर कुछ तरीकों को आज़मा सकते हैं। अगर आपको क‍िसी चीज़ से एलर्जी है तो उसका इस्‍तेमाल न करें। नीम, बबूल और पीपल की छाल, अरंडी का तेल लें और इसे धूप में सुखाकर पीस लें। पेस्‍ट में तेल म‍िलायें। इस पेस्‍ट को धूप द‍िखाकर रोज़ होंठों पर लगायें। ऐसा करने से कुछ द‍िन में बीमारी ठीक हो जायेगी। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि इस बीच साबुन का इस्‍तेमाल न करें। 
  • 2. नार‍ियल के तेल में कपूर म‍िलाकर होंठ पर लगाने से आपको सूजन और लाल‍ होंठ से छुटकारा म‍िलेगा। आप इसमें नीम की पत्‍त‍ियों का पेस्‍ट बनाकर भी म‍िला सकते हैं। 
  • 3. होंठों पर शहद लगाने से भी ये बीमारी ठीक हो जाती है। शहद में एंटी इंफ्लामेट्री गुण होते हैं। आप होंठों पर शहद लगाकर आधे घंटे के ल‍िये छोड़ दें। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें। 
  • 4. एलोवेरा लगाने से आपके होंठों पर खुजली की समस्‍या में आराम म‍िलेगा। ताज़े एलोवेरा से रस नि‍कालकर सीधें होंठों पर 1 हफ्ते तक लगायें। आपको फर्क देखने को म‍िलेगा। होंठों पर लगाने से बाद आपको 2 से 3 घंटों के ल‍िये इसे छोड़ देना है। 
  • 5. हल्‍दी भी एक्‍ज‍िमा के इलाज में फायदेमंद मानी जाती है। हल्‍दी को एंटी-बैक्‍टेर‍ियल माना जाता है। हल्‍दी को दूध में म‍िलाकर या गुलाबजल के साथ म‍िलायें और होंठ पर लगाकर 20 म‍िनट के ल‍िये रखें फ‍िर पानी से धो लें। 
  • 6. एक्‍ज‍िमा में आप तुलसी का पेस्‍ट भी लगा सकते हैं। तुलसी एंटी-माइक्रोब‍ियल होती है। इंफेक्‍शन वाली बीमारियों में तुलसी का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। आप भी तुलसी को जलन या सूजन वाले ह‍िस्‍से में लगा सकते हैं। 
  • 7. अलसी के बीजों को पीसकर रख लें। पेस्‍ट में नींबू का रस म‍िलाकर होंठों पर लगायें। इसे रोज लगाने से फर्क द‍िखने लगेगा। इस पेस्‍ट में आप त्र‍िफला और ग‍िलोय भी पीसकर मिला सकते हैं। या इनका रस पीने से भी एक्‍ज‍िमा में फायेदा म‍िलता है।  

एक्‍ज‍िमा एक त्‍वचा संबंध‍ि समस्‍या है ज‍िसका इलाज आपको डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही करना चाह‍िये। होंठ में खून या मवाद न‍िकलने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जायें। 

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