Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

रोज एक मुट्ठी अखरोट खाएं और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाएं

रोज एक मुट्ठी अखरोट खाएं और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाएं
Quick Bites
  • पुरुषों में गिरती शुक्राणुओं संख्या दुनिया भर में एक बड़ी समस्या है।
  • रोज़ मुट्ठी भर अखरोट खाकर शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
  • यूसीएलए के इस अध्ययन 117 स्वस्थ युवकों को शामिल किया गया।
  • साइंस मैगज़ीन ‘बायोलोजी ऑफ रिप्रोडक्शन’ में प्रकाशित हुआ अध्ययन।

शुक्राणु गर्भधारण के लिये सबसे जरूरी होते हैं। आज के दौर में पुरुषों में गिरती शुक्राणुओं संख्या दुनिया भर में एक बड़ी समस्या के तौर पर उभरी है। लेकिन इसी बीच एख राहत की खबर भी आई है। हाल में हुए एक अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने का एक बेहद आसान तरीका है कि रोज़ाना मुट्ठी भर अखरोट खाए जाएं।

जानें क्या है यह अध्ययन

साइंस मैगज़ीन ‘बायोलोजी ऑफ रिप्रोडक्शन’ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक यूसीएलए स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रोफेसर वेंडी रॉबिन्स ने बताया, कि ‘अखरोट और पुरुष प्रजनन-क्षमता के संबंध में उन्होंने जो रीसर्च किया उसमें उन्होंने भोजन में अखरोट जोड़ने पर शुक्राणुओं के पहलुओं में सुधार होता देखा। इसी आधार पर उन्होंने पुरूष प्रजनन-क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य पर अखरोट के प्रभावों का आगे और भी अध्ययन करने का एक मंच तय किया।’ बकौल वेंडी, रोजाना 75 ग्राम अखरोट के सेवन से 21 से 35 साल के आयुवर्ग के स्वस्थ पुरुषों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार हुआ।

 

walnut in hindi

 

यूसीएलए के इस अध्ययन 117 स्वस्थ युवकों को शामिल किया गया और उन्हें पाश्चात्य शैली का भोजन दिया गया। इनमें से लगभग आधे लोगों को0 12 हफ्तों तक रोजाना 75 ग्राम अखरोट का सेवन भी कराया गया। जबकि बाकी लोगों ने अखरोट नहीं खाये। बकौल प्रोफेसर वेंडी 12 हफ्तों के बाद अखरोट का सेवन करने वाले युवकों के समूह में शुक्राणु जीवन-शक्ति, गतिशीलता और सामान्य आकृति में सुधार देखा गया। यह अध्ययन दुनिया भर के सात करोड़ से भी अधिक दंपतियों के लिए बेहद अहम है, जिन्हें प्रजनन क्षमता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रजनन क्षमता संबंधी समस्याओं में से 30 से 50 प्रतिशत मामले पुरुष पार्टनर से संबंधित देखे जाते हैं।

अखरोट के गुण

अखरोट एकमात्र मेवा है जोकि पौधा आधारित ओमेगा-3 फैटी ऐसिड- अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) का एक बेहतरीन स्रोत होता है। एएलए के अलावा अखरोट में काफी ऐंटी-ऑक्सिडेंट व कई माइक्रो-न्यूट्रिशिएंट भी होते हैं।


इस विषय में 'कैलीफोर्निया वालनट कमिशन’ की नुट्रिशन कंसलटेंट 'कैरोल बर्ग स्लोआन' का मानना है कि खाने का मानव प्रजनन सफलता से बेहद अहम हिस्सा है। लेकिन आमतौर पर ज्यादातर जोर मां की डाइट पर ही दिया जाता है और पिता के भोजन पर खासा ध्यान नहीं दिया जाता है। पिता के भोजन का असर न सिर्फ प्रजनन-क्षमता पर होता है, बल्कि यह बच्चे और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और नस्ल को भी प्रभावित करता है।


Image Source - Getty

Read More Articles On Mens Health in Hindi

Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 20, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK