अगर कर रहे हैं शिफ्ट में काम तो हो सकते हैं भुलक्कड़

Updated at: Jan 07, 2016
अगर कर रहे हैं शिफ्ट में काम तो हो सकते हैं भुलक्कड़

शिफ्ट में काम करने के तरीके और बेवक्त खाना खाने वाले लोगों की याद्दाश्त में कमी आ रही है तो सतर्क हो जाएं। हाल ही के शोध में ये बात सामने आई है कि शिफ्ट में काम और खाने में अनियमितता आपको भुलक्कड़ बना देता है।

Gayatree Verma
लेटेस्टWritten by: Gayatree Verma Published at: Jan 07, 2016

अगर आप शिफ्ट में काम कर रहे हैं और बेवक्त खाना खा रहे हैं तो आप भुलक्कड़ बन सकते हैं। शिफ्ट में काम करने वाले और बेवक्‍त खाना खाने वाले लोग वक्त पर खाना खाने वाले और एक ही शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की तुलना में चीजों को कम याद रख पाते हैं। शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की याद्दाश्त दूसरों की तुलना में कमजोर हो जाती है। ये लोग जल्दी भुलक्‍कड़ हो जाते हैं। हाल ही में किए गए शोध से ये बात साबित हुई हो कि आधी रात में खाना खाने से सीखना और याद रखना मुश्किल हो जाता है।

महिला

विशेषज्ञों का कहना है कि जो शिफ्ट में काम करते हैं उनके खाने के समय में अनियमितता होती है जिस कारण ऐसे लोगों के याददाश्‍त गंवाने की संभावना अधिक होती है। देर रात को खाना खाने वाले लोगों को सूचनाएं याद रखने और सीखने में दिक्‍कत होती है। आधी रात में खाना खाने से शरीर में खाना पचाने के दौरान दिमाग की स्थिति में कई सारे बदलाव आते हैं। शोध में सामने आया कि रात का समय सोने का समय होता है जिस कारण सोने के समय में खाने से सीखना मुश्किल हो जाता है।



शिफ्ट में काम करने के कारण और बेवक्त खाना खाने के कारण दिमाग का याद रखने वाला और भावनाओं वाला हिस्‍सा कमजोर हो जाता है। कैलीफॉर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि शिफ्ट में काम करने और बेवक्त खाना खाने की आदत के कारण शरीर के मेटाबॉलिज्‍म पर असर पड़ता है और इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध में खुलासा हुआ कि जो लोग सोने के समय खेलते या काम करते हैं उनका दिमाग इससे सुस्‍त हो जाता है।

 

हिप्पोकेंपस रखता है चीजों को याद

यह शोध वैज्ञानिकों ने एक चुहिया पर किया है। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि चुहिया को जब उसके सोने के समय में खिलाया गया तो उसे चीजों को पहचानने में परेशानी हुई, साथ ही चुहिया की लॉन्‍ग टर्म याददाश्‍त में भी कमी दर्ज की गई। चीजों को याद रखने का काम दिमाग का हिप्‍पोकेंपस नाम का हिस्‍सा करता है। शिफ्ट में काम करने औन अनियमित समय पर खाने से हिप्‍पोकेंपस को नुकसान पहुंचता है। यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉक्‍टर क्रिस्‍टोफर कोलवेल ने बताया कि आधुनिक समय के दिनचर्या में हमारे खाने का कोई तय समय नहीं है इसलिए यह समझना जरूरी है कि खाने का समय किस तरह हम पर असर डालता है।

 

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