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टखनों के दर्द से निजात दिलाए मिर्च से बनी ये 1 गोली

दर्द का प्रबंधन By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 20, 2017
टखनों के दर्द से निजात दिलाए मिर्च से बनी ये 1 गोली

मिर्ची खाना उसे ही पसंद होता है, जो तीखा खाने का शौकीन होता है।

मिर्ची खाना उसे ही पसंद होता है, जो तीखा खाने का शौकीन होता है। खाने में अगर मिर्ची होती है, तो मैं नहीं खाती। मैं तो क्या छोटे बच्चे भी तीखा कम ही खाना पसंद करते हैं। मिर्च खाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। मिर्च को लेकर जरा सी असावधानी हुई नहीं, कि ये आंख, नाक और कान समेत पूरा मुंह लाल कर देती है। 

मिर्ची का धस्का इतना तेज होता है कि किसी को तो सांस भी नहीं आती है। ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ खाने का स्वाद ही बढ़ाती है। आपको बता दें कि इसमें कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो हमारी कई बीमारियों का इलाज कर सकती है। यहां तक कि मिर्ची आपको कई बीमारियां होने से बचाती भी है। एक नए शोध से पता चला है कि विशेषज्ञों ने मिर्च से एक ऐसी दर्दनिवारक गोली बनाने का दावा किया है, जो घुटनों के दर्द के अलावा टखनों में होने वाले दर्द से भी छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकती है।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए है सबसे ज्यादा लाभकारी

जोड़ों का दर्द या पैरों में होने वाला दर्द एक ऐसा दर्द होता है, जो व्यक्ति बर्दाश्त नहीं कर पाता है। हमारा पूरा शरीर हमारे पैरों पर है। ऐसे में पैरों में होने वाले दर्द को आप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं। आपको बता दें कि एक प्रमुख दवा निर्माता कंपनी ने दावा किया है कि वे मिर्च के पौधे से ट्रांस कैप्सेसिन तत्व निकालेंगे। यह तत्व या पदार्थ दर्द देने वाले फाइबर को निष्क्रिय कर देता है। 

यह दवा दर्द की जगह पर इंजेक्शन के जरिए दी जाएगी। इसकी खास बात यह है कि मिर्च से बनी यह दवा एक खुराक लेने के बाद मरीज को छह माह के लिए राहत दे सकती है। इस दवा का परीक्षण घुटनों में ऑस्टियोआर्थराइटिस के 175 जटिल मरीजों पर किया गया है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें कार्टिलेज को क्षति होती है। इसमें दर्द और सूजन के साथ जोड़ों का वह जोड़ लगभग निष्क्रिय हो जाता है। 

अध्ययन के दौरान इकट्ठे किए गए आंकड़ें बताते हैं कि जिन मरीजों को मिर्च के तत्व, ट्रांस कैप्सेसिन से बनी दवा दी गई, उन्हें दर्द में काफी राहत महसूस हुई। इसके साथ ही उनके घुटनों की अकड़न भी कम हुई। साथ ही देखा गया कि उनका अगले 24 हफ्तों के लिए चलना-फिरना भी सामान्य रहा।

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