• shareIcon

हार्ट अटैक, हार्ट फेल जैसी दिल की बीमारियों से बचना है, तो रोज 300 कैलोरीज घटाना जरूरी

लेटेस्ट By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 15, 2019
हार्ट अटैक, हार्ट फेल जैसी दिल की बीमारियों से बचना है, तो रोज 300 कैलोरीज घटाना जरूरी

अगर आप अपने रोजाना अपनी सामान्य डाइट से थोड़ा कम खाना खाएं, यानी 300 कैलरीज कम लें, तो आप हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट फेल्योर, कैंसर, मोटापा जैसी तमाम बीमारियों से बच सकते हैं। ऐसा हाल में हुआ शोध बताता है।

अगर आप समझते हैं कि आपका वजन ज्यादा नहीं है या आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, इसलिए आपको हार्ट अटैक का खतरा नहीं है, तो आप गलत हैं। हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, कार्डियक अरेस्ट जैसी दिल की बीमारियां और ब्रेन स्ट्रोक जैसी धमनी की बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसके अलावा आजकल के खान-पान और जीवनशैली को देखते हुए टाइप-2 डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इन सभी बीमारियों से बचाव के लिए आपको रोजाना 300 कैलोरीज बर्न करना बहुत जरूरी है। हाल में हुए एक अध्ययन में ये बातें बताई गईं।

कैलोरीज पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी

ये शोध 'द लैसेंट डायबिटीज एंड एंडोक्रायनोलॉजी' में छापा गया है। नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के पहले से चल रहे एक शोध में दौरान शोधकर्ताओं ने इस तथ्य को गलत पाया कि सिर्फ वजन घटाने से ही व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। इन शोधकर्ताओं के अनुसार वजन घटाने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के लिए यह भी जरूरी है कि आप अपनी सामान्य से थोड़ा कम कैलोरीज लें। इसके लिए अपनी डाइट पर थोड़ा कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:- पैरासिटामॉल के ज्यादा सेवन से लिवर खराब होने का खतरा, जानें कारण

प्रमुख शोधकर्ता विलियम ई. क्रॉउस ने बताया, "कैलोरीज पर नियंत्रण रखना जरूरी है। हम इसका मुख्य कारण तो नहीं समझ पाए हैं, लेकिन हमने शोध के प्रतिभागियों से उनके ब्लड, मसल्स और दूसरे सैंपल्स इकट्ठे किए थे, उनके अध्ययन से पता चला है कि मेटाबॉलिज्म बेहतर होने के लिए यह जरूरी है।"

12% घट गई जानलेवा बीमारियों की संभावना

इस शोध के पहले महीने में सभी प्रतिभागी दिन में सिर्फ 3 समय का खाना खाते थे, जिसमें उन्होंने रोजाना की अपेक्षा 1/4 हिस्सा कम कर दिया और धीरे-धीरे इसकी आदत डाली। यानी कुल मिलाकर सभी प्रतिभागी सामान्य दिनों से 25% कम कैलोरीज ले रहे थे। ऐसा उन्होंने 2 साल तक किया। 2 साल बाद शोध में पाया गया कि इन सभी लोगों में पहले की अपेक्षा बीमारियों की संभावना 12% तक कम हो गई थी। इसके अलावा यह भी देखा गया कि इन 2 सालों में उनका वजन लगभग 10% तक कम हो गया, जिनमें ज्यादातर वजन फैट कम होने के कारण घटा था (लगभग 71%)।

इसे भी पढ़ें:- टाइप 2 डायबिटीज के कारण पुरुषों को 11 कैंसर और महिलाओं को 13 तरह के कैंसरों का खतरा: अध्ययन

डायबिटीज और ब्लड प्रेशर का खतरा भी हुआ कम

डाइट में इस बदलाव के 2 साल बाद लगभग सभी प्रतिभागियों की सेहत में बहुत सारे सकारात्मक बदलाव देखे गए जैसे- मेटाबॉलिज्म बेहतर पाया गया और क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन में कमी देखी गई। ये दोनों ही चीजें दिल की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर और कैंसर आदि का कारण बनती हैं। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने इस बात को भी नोटिस किया कि इन सभी प्रतिभागियों में कार्डियोवस्कुलर रोगों और डायबिटीज का खतरा भी बहुत कम हो गया है।

स्वस्थ रहने के लिए करें छोटा सा बदलाव

अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो ये बदलाव कोई बहुत मुश्किल नहीं हैं। आप थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अपनी डाइट को कम कर सकते हैं। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोपहर का खाना तो भरपेट खाएं मगर स्नैक्स और रात का खाना थोड़ा कम कर दें। यह तो पहले भी कई शोधों में बताया जा चुका है कि आपको रात में अपनी भूख से कम खाना चाहिए और सोने से 2 घंटे पहले ही खाना खा लेना चाहिए। दरअसल जब आप सो जाते हैं, तो आपका पाचन तंत्र सामान्य से धीरे काम करता है, जिससे भारी चीजें या ज्यादा खाना पच नहीं पाता है।

Read more articles on Health News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK