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    दिल के रोगों से बचना है तो अपनाएं ये 3 आसान टिप्स

    हृदयाघात By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 15, 2017
    दिल के रोगों से बचना है तो अपनाएं ये 3 आसान टिप्स

    जिस भी व्यक्ति को हृदय रोग होते हैं वे लगभग जीने की उम्मीद ही छोड़ देते हैं। 

    जिस भी व्यक्ति को हृदय रोग होते हैं वे लगभग जीने की उम्मीद ही छोड़ देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल बहुत ही संवेदनशील अंग होता है। हालांकि ये अंग इतनी जल्दी बीमारी की चपेट में नहीं आता है। लेकिन अगर एक बार आ जाए तो इसे वापस सुरक्षित रख पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। हृदय की मांसपेशिया जीवंत होती है और उन्हें जिन्दा रहने के लिए आहार और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जब एक या ज्यादा आर्टरी रुक जाती है तो हृदय की कुछ मांसपेशियों को आहार और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इस स्थिति को हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा कहा जाता है।

    ऐसी स्थिति में दिल से संबंधित और भी बीमारी होने का खतरा रहता है, जैसे– हार्ट वॉल्व की समस्या, कंजीनाइटल हार्ट प्रॉब्लम आदि। जब हम दिल की बीमारियों की बात करते हैं तो आमतौर पर इन्हें शामिल नहीं किया जाता परन्तु यह समस्याएं भी हृदय रोग से सम्बंधित होती है। अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपना खानपान अच्छा रखें। आइए जानते हैं कुछ टिप्स—

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    मौसमी फल, सब्जियों और प्राकृतिक आहार का सेवन दिल को दुरुस्त तथा शरीर को स्वस्थ रखने का सर्वोत्तम उपाय है। खासतौर पर रात को हल्का खाना अच्छी सेहत का मंत्र है। जरूरत से ज्य़ादा फूड सप्लीमेंट्स लेना भी खतरनाक हो सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, बीटा कैरोटीन और विटमिन-ई वाले सप्लीमेंट्स चाहे अलग-अलग लिए जाएं या एक-दूसरे के साथ, इनका सेवन करने से दिल के रोगों से बचाव नहीं होता है। इसके साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। रोजाना विटमिन-डी की 400 यूनिट की हाई डोज लेते हैं तो यह भी बीमारी को बढ़ाने का कारण बन सकती है।

    विटमिन-सी वाले सप्लीमेंट्स दोबारा हार्ट अटैक आने से नहीं रोकते हैं। साथ ही यह ध्यान रखना चाहिए कि बीटा कैरोटीन सप्लीमेंट्स खतरनाक होते हैं और उनसे बचना चाहिए। डॉक्टर्स कहते हैं कि क्रॉनिक रीनल फेल्योर वाले मरीज जो हीमो-डायलिसिस करवा रहे हैं, उनके लिए विटमिन-ई सप्लीमेंट्स का प्रयोग दूसरे विकल्प के तौर पर लाभदायक हो सकता है। वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि दिल के रोगों की रोकथाम और इलाज के लिए एंटीऑक्सीडेंट सप्लीमेंट्स का प्रयोग वाजिब नहीं है लेकिन प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स वाले आहार लेने से दिल के रोगों में कमी अवश्य आ सकती है।

    ह्रदय रोगों के कुछ खास लक्षण-

    • अचानक सीने में दर्द दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है, लेकिन अन्य चेतावनी के संकेत भी काफी मामलों में प्रत्यक्ष होते हैं।
    • आपको एक या फिर दोनो हाथों, कमर, गर्दन, जबड़े या फिर पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो सकती है।
    • आपको सांस की तकलीफ, ठंडा पसीना आना, मतली या चक्कर जैसे लक्षण हो सकते हैं।
    • आपको व्यायाम या अन्य शारीरिक श्रम के दौरान सीने में दर्द हो सकता है जिसे एनजाइना कहते हैं। जो कि जीर्ण कोरोनरी धमनी की बीमारी (सी ए डी) के आम लक्षण हैं।
    • लगातार सांस टूटने की अत्यधिक तीव्र तकलीफ दिल के दौरे की चेतावनी है। लेकिन हो सकता है यह अन्य हृदय की समस्याओं का संकेत हों।

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