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जवानी में कोलेस्ट्रॉल को चेक कर दिल को रखें स्वस्थ, नहीं तो हो सकता है हृदय रोग का खतरा

Updated at: Dec 06, 2019
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य
Written by: विशाल सिंहPublished at: Dec 06, 2019
जवानी में कोलेस्ट्रॉल को चेक कर दिल को रखें स्वस्थ, नहीं तो हो सकता है हृदय रोग का खतरा

आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आप भी अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को पहले से ही चेक कर अपने दिल को स्वस्थ रख सकते है। 

अगर आप पहले ही अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कर लें तो आप दिल में होने वाले रोगों से बच सकते हैं। वैसे तो लोग अक्सर कई तरह की चीजें करते हैं जिससे वह स्वस्थ रह सके, लेकिन लोग दिल में होने वाली बीमारियों को गंभीरता से न लेते हुए लापरवाही कर बैठते हैं। 

'द लेंसेट' में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अगर आप पहले ही अपना कोलेस्ट्रॉल को चेक कर लें तो आप दिल में होने वाली बीमारियों के खतरे से बाहर रह सकते हैं। 

अगर आप पहले ही अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल को चेक कर लेंगे तो आप अपने खान-पान को बदल कर अपने आप को स्वस्थ रखने का काम कर सकते हैं। अगर आप अपनी डाइट को बेहतर करेंगे तो वो आपके शरीर से बढ़ते कोलेस्ट्रोल को कम करने का काम करेगी। 

Cholesterol

कोलेस्ट्रॉल एक वैक्सी फैट है, जिसके कण ब्लड और शरीर के सभी सेल्स में पाए जाते हैं। कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से वो सीधा दिल पर असर करता है। जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है या फिर दिल को खराब करने का काम करता है। 

इसको देखते हुए शोधकर्ताओं का कहना है की अगर आप पहले से ही कोलेस्ट्रॉल लेवल पर नजर रखेंगे या फिर चेक कर सकेंगे तो आप अपने दिल में होने वाली बीमारियों के खतरे को कम करने का काम कर सकते हैं। लीजी थोमस एमडी के मुताबिक, आप कोलेस्ट्रॉल लेवल के हिसाब से अपने लाइफस्टाइल बदल सकते हैं साथ ही आप अपनी डाइट को भी अच्छा करके दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

मेडिकल की भाषा में कोलेस्ट्रॉल को दो तरह से देखा जाता है एक 'गुड कोलेस्ट्रॉल और दूसरा 'बैड कोलेस्ट्रॉल'। 

गुड कोलेस्ट्रॉल

'गुड कोलेस्ट्रॉल' हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) होता है, जो कि शरीर के हिस्सों में अलग-अलग तरह से जाता है: जैसे फैट्टी टिश्यू को लीवर में ले जाने का काम करता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। एचडीएल को गुड कोलेस्ट्रॉल इसलिए भी कहते हैं क्योंकि शरीर में इसकी अधिकता दिल के दौरे से बचाती है। 

बैड कोलेस्ट्रॉल 

वहीं, 'बैड कोलेस्ट्रॉल' जो लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का शरीर में बढ़ना हानिकारक होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा कम और फैट ज्याद होने लगता है। जब इसकी खून में मात्रा बढ़ जाती है तो यह दिल और दिमाग की धमनियों को ब्लॉक कर देता है। ऐसे में दिल का दौरा, धमनियों में रुकावट या स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में इसको नियंत्रित करना बहुत ही जरुरी होता है।

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शोधकर्ताओं ने कोलेस्ट्रॉल को लेकर जो डेटा पाया है वो 19 देशों के करीब 3 लाख लोगों का डेटा है। जिसमें कार्डियोवैस्कुलर रोग (CVD) को लेकर किया गया था। अध्ययन में पाया गया की LDL ज्यादा मात्रा में लोगों में है जिसमें कार्डियोवैस्कुलर रोग (CVD) का खतरा सबसे ज्यादा है। यह सबसे ज्यादा उन लोगों में पाया गया है जो 20 की उम्र के आसपास है। 

Cholesterol

जो ग्रुप लंबे समय तक CVD के खतरे में था वो सभी 45 की उम्र से कम के लोग थे जिनमें ज्यादा मात्रा में LDL पाया गया। लिंग के आधार पर पाया गया की जो महिलाएं 45 की उम्र से कम थी लेकिन नॉन आइडियल HDL लेवल में थी। 

सभी ग्रुप की जानकारियों के मुताबिक, CVD का खतरा सबसे ज्यादा उन लोगों में है जो 20 साल की उम्र के आसपास है। शोधकर्ता बारबरा थोरांड ने बताया की जिन लोगों में CVD का खतरा है कई खतरे के शिकार हो सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर जो 60 की उम्र में भी CVD का शिकार नहीं हुए वो पूरी तरह से स्वस्थ है। 

बचाव

इससे बचने के लिए फाइबर युक्‍त आहार लें, जिसमें वसा की मात्रा कम होती है आपके लिए काफी फायदेमंद होते हैं और इनका सेवन आपके कोलस्‍ट्रॉल स्‍तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। आपको साबुत अनाज, भूरे चावल, फल और सब्जियां आपके दिल को सुचारू रूप से काम करने देने में लाभकारी होतीं हैं। आपको रोजाना फल और सब्जियों से रोजाना 80 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।

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शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहना और व्‍यायाम करना आपके शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने का काम करता है। इससे आपके शरीर में जमा अतिरिक्‍त वसा नष्‍ट होती है। आपके दिल और रक्‍तवाहिनियों को अच्‍छी स्थिति में रखकर आपके दिल को स्‍वस्‍थ बनाये रखता है। व्‍यायाम आपके वजन को कम करने में मदद करता है। यह तो आप जानते ही हैं कि अधिक वजन शरीर में बैड कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बढ़ाता है, जिससे आपकी सेहत को खतरा होता है।

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