सूखी खांसी और कफ वाली खांसी के बीच न हो कंफ्यूज, एक्सपर्ट से जानें इन दोनों का फर्क, कारण, लक्षण और उपाय

Updated at: Dec 10, 2020
सूखी खांसी और कफ वाली खांसी के बीच न हो कंफ्यूज, एक्सपर्ट से जानें इन दोनों का फर्क, कारण, लक्षण और उपाय

खांसी सूखी हो या बलगम वाली, इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Nov 30, 2020

कोरोना महामारी के कारण इन दोनों लोग खांसी-जुकाम को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हैं। अधिकतर लोग खांसी होते ही परेशान होने लगते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया? पर ऐसे लोगों से जब डॉक्टर सवाल करते हैं, कि आपको किस तरह की खांसी है, तो वे चुप हो जाते हैं। दरअसल, ऐसे लोग सूखी और गीली खांसी (बलगम वाली खांसी) के बीच ही कंफ्यूज रहते हैं। ऐसा इसलिए कि बहुत से लोगों को खांसी गले से निकले वाले एक विशेष प्रकार की आवाज लगती है, जिसे वो गीली खांसी या सूखी खांसी के रूप में पहचान नहीं पाते। पर क्या आप जानते हैं सूखी खांसी और बलगम वाली खांसी के बीच का अंतर? इसे बारे में जानने के लिए हमनें राहुल बहोट (Dr. Rahul Bahot), कंसल्टेंट रेस्पिरेटरी मेडिसिन जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र  से बात की, जिन्होंने हमें सूखी खांसी और बलगम वाली खांसी का अंतर (Know Difference Between Dry Wet Cough) कारण और उपाय बताया।

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खांसी क्यों आती है?

इस प्रश्न के उत्तर को आप सांइस की भाषा में समझें, तो आप पाएंगे कि ये एक रिएक्टिव एक्शन है। इसे ऐसे समझें कि हमारी सांस की नली में बहुत बारीक रेशे होते हैं। फेफड़ों में से जब बलगम इन पर आता है तो ये फंसा हुआ सा महसूस करते हैं और हमें गले में उलझन और खुजली होती है। इसकी जानकारी हमारे मस्तिष्‍क को मिलती है और इस बलगम या कफ को निकालने के लिए हम खांसी करते हैं। 

कफ क्या है?

बलगम या कफ (cough) वह चिपचिपा पदार्थ होता है, जो आपके नाक और गले के पिछले हिस्सा में जमा होता  और आपको खांसी पैदा कर सकता है। जब भी आप सांस लेते हैं, वह फ्लाईपेपर की तरह बलगम में फंस जाता है।  बलगम धूल, एलर्जी और सूक्ष्मजीवों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। खांसी के प्रकारों को हम कफ होने और न होने के माध्यम से ही समझ सकते हैं। 

खांसी के दो प्रकार (Dry Or Wet Cough)

1. सूखी खांसी (Dry Cough)

ड्राई कफ यानी कि सूखी खांसी में बलगम नहीं होता है। सूखी खांसी में श्वसन तंत्र में सूजन या जलन होती है। सूखी खांसी अक्सर ऊपरी श्वसन संक्रमण (upper respiratory infections) के कारण होती है, जैसे कि सर्दी या फ्लू। सर्दी या फ्लू होने के बाद भी कई हफ्तों तक सूखी खांसी इन कारणों  (causes of dry cough) से रह सकती है। जैसे कि

  • -गले में खराश
  • -साइनसाइटिस
  • -दमा
  • -एलर्जी
  • -गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD)
  • -दवाएं
  • -वायु प्रदूषण, धूल या डस्ट एलर्जी
  • -तापमान में बदलाव
  • -धूल या धुएं जैसे सांस में जलन
  • -ठंड और शुष्क हवा इसे बढ़ा सकती है।
  • -पोस्ट नेसल ड्रिप (Post-nasal drip) इसमें नाक से निकलने के बाद, बलगम गले के पीछे की ओर बढ़ने की भावना महसूस होती है और हम खांसने लगते हैं।

सूखी खांसी के लक्षण (Symptoms of Dry cough in Hindi)

सूखी खांसी के दौरान गले से कफ नहीं आता है। बल्कि गले में सूखेपन के अहसास के कारण तेज जलन और बेचैनी के साथ खांसी होती है। सूखी खांसी की समस्या सबसे अधिक रात के समय परेशान करती है। क्योंकि सांस की नली और गले में सूजन के कारण सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है। इस दौरान गले में ड्राईनेस भी बढ़ जाती है। 

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सूखी खांसी का उपाय

सूखी खांसी की समस्या सबसे अधिक रात के समय परेशान करती है। क्योंकि सांस की नली और गले में सूजन के कारण सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है। इस दौरान गले में ड्राईनेस भी बढ़ जाती है। इससे बार-बार  अचानक से तेज खांसी उठती है। इसे कम करने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं। जैसे कि

  • -गले में ड्राईनेस को खत्म करने के लिए रात में सोने से पहले एक चम्मच शहद में मुलेठी को पीस कर और मिला कर खाएं।
  • -अदरक वाली काली चाय और काढ़ा पिएं।
  • -लौंग का पानी पिएं।
  • -हल्दी, अदरक और गुड़ वाला दूध पिएं।
  • -सौंठ का सेवन करें।
  • -एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर सुबह-शाम गरारा करें। इससे सूखी खांसी से आराम मिलता है।

2. गीली खांसी या बलगम वाली खांसी (Wet Cough)

गले में बलगम या कफ श्वन प्रणाली में  म्यूकस मेंमब्रेन (Mucus Membranes) की रक्षा करने और उसे साफ रखने के लिए बनता है। मुंह, नाक, गला और फेफड़े इस बलगम को बनाते हैं। जब बाहरी पदार्थ जैसे धूल और इंफेक्टिंग एजेंट सांस की नली में फंसते हैं, तो कफ के माध्यम से बाहर निकलते हैं।  पर खांसी तब और बढ़ जाती है, जब बलगम बढ़ने लगता है। इससे कई सारी परेशानियां होने लगती हैं। जैसे कि

  • -बलगम ज्यादा बनने पर सांस लेने वाली नलियों में रूकावट पैदा करता है। इससे सांस लेने में कठिनाई होती है।
  • -ज्यादा बलगम बनने पर ये फफेड़ों में जमा हो जाता है और ये सीने में जगड़न और खांस लेने में दिक्कत पैदा करती है।
  • -सांस फूलना
  • -छाती में दर्द
  • -छाती में घरघराहट होना।
  • -गंभीर होने पर फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां होती हैं।
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गीली खांसी के कारण

गीली खांसी या बलगम वाली खांसी आमतौर पर इंफेक्शन के कारण होती है। ये इंफेक्शन आमतौर पर श्वासनली के निचले हिस्से (lower respiratory tracts) में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है। अगर आपके शरीर में सामान्य से अधिक बलगम उत्पन्न हो रहा है और खांसी कुछ हफ्तों से अधिक समय से चल रही है, तो इसके कई और कारण हो सकते हैं। जैसे कि

a.ब्रोंकाइटिस

ब्रोंकाइटिस में ब्रोन्कियल नलियों में सूजन है, जो कि आपके फेफड़ों में हवा ले जाती हैं। तीव्र ब्रोंकाइटिस आमतौर पर विभिन्न प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस एक आम स्थिति है, जो अक्सर धूम्रपान के कारण होती है। इन सभी में कफ वाली खांसी रहती है।

b.न्यूमोनिया

निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है जो, बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है। यह एक ऐसी स्थिति है जो हल्के से लेकर गंभीर हो सकते हैं। इसमें आपको दवाईयों के साथ काफी चीजों को लेकर परहेज करना होगा।

c.सीओपीडी (COPD)

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) ऐसी स्थितियों का एक समूह है जो, आपके फेफड़ों और सांस लेने में परेशानी पैदा करती है। धूम्रपान सीओपीडी का सबसे पहला कारण है। इसलिए धूम्रपान न करें।

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d.सर्दी-जुकाम 

सर्दी-जुकाम के कारण कफ गाढ़ा हो जाता है और इसे निकालने के लिए हमें लगातार खांसी होती है। ऐसे में कई बार कफ का रंग पीला हो जाता है। इस स्थिति के गंभीर होने से होने से पहले आपको इसका इलाज करवाना चाहिए और कफ को बहुत दिनों तक फेफड़ों में जमा होने न दें।

e.खाने की चीजों के कारण 

कई बार कुछ चीजों को खाना भी कफ का कारण बनता है। जैसे कि दूध, दही, पनीर और मक्खन गले में ज्यादा बलगम बनाने का कारण बनते हैं। दरअसल, इनके प्रोटीन तत्व बलगम को गाढ़ा बना देते हैं और कफ में बदबू आने का कारण भी बनते हैं। इसके अलावा कैफीन, चीनी और मिठाई आदि भी बलगम बनने का कारण हो सकते हैं।

कफ वाली खांसी का उपाय

अगर आपको बहुत दिनों से कफ की परेशानी है या आपको बहुत बुरी तरह कंजेशन की पेरेशानी हो रही है, तो आपको इसका डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए। अगर आपको एक-दो दिन पहले ही खांसी शुरू हुई है, तो आपको

  • -गर्म पानी का सेवन करना चाहिए।
  • -अजवाइन, तुलसी, अदरक और लौंग डाल कर काढ़ा बनाएं और इसे पिएं।
  • -तुलसी की पत्तियों का रस, एवं अदरक के रस के साथ मिलाकर शहद के साथ खाएं।
  • -कम से कम पांच मिनट तक गर्म पानी की भाप लें। आप चाहें, तो इसमें विक्स भी डाल सकते हैं। इस भाप को लेने से श्‍वसन मार्ग साफ होता है और इससे छाती में जमा म्‍यूकस भी टूट जाता है। 

तो, इस तरह से सूखी खांसी और बलगम वाली खांसी के बीच का अंतर समझें और इनके कारणों को जानकर इनसे बचने का उपाय करें। पर अगर आपको अपनी स्थिति गंभीर नजर आ रही है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और जल्द से जल्द अपना इलाज करवाएं।

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