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कम पानी पीने वाले हो जाएं सावधान! बढ़ रहा है सिस्टाइटिस का खतरा

अन्य़ बीमारियां By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 18, 2018
कम पानी पीने वाले हो जाएं सावधान! बढ़ रहा है सिस्टाइटिस का खतरा

बारिश के मौसम में या सर्दियों में प्यास कम लगती है इसलिए लोग पानी कम पीते हैं। मगर क्या आपको पता है कि कम पानी पीना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे सिर्फ डिहाइड्रेशन नहीं बल्कि कई तरह के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

Quick Bites
  • सिस्टाइटिस एक तरह का इंफेक्शन है जो मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है।
  • महिलाओं में सिस्टाइटिस का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
  • पेशाब में तेज जलन और दर्द की शिकायत हो सकती है।

बारिश के मौसम में या सर्दियों में प्यास कम लगती है इसलिए लोग पानी कम पीते हैं। मगर क्या आपको पता है कि कम पानी पीना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे सिर्फ डिहाइड्रेशन नहीं बल्कि कई तरह के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। सिस्टाइटिस भी संक्रमण के कारण ही फैलने वाला रोग है। इस रोग में शरीर में पानी कम पीने के कारण हाइड्रेशन की कमी हो जाती है।

महिलाएं होती हैं सिस्टाइटिस से ज्यादा प्रभावित

सिस्टाइटिस एक तरह का इंफेक्शन है जो मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। इसके कारण ब्लैडर वॉल में सूजन आ जाती है। हालांकि ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है मगर इसके कारण आपको पेशाब नली में जलन और दर्द की समस्या हो सकती है। सिस्टाइटिस आमतौर पर बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है। महिलाओं में सिस्टाइटिस का खतरा सबसे ज्यादा होता है क्योंकि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं का यूरिनरी ब्लैडर छोटा होता है। मगर पुरुषों को भी ये इंफेक्शन होता है। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान इस संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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पानी कम पीना हो सकता है कारण

सिस्टाइटिस के कई कारण हो सकते हैं मगर आमतौर पर पानी कम पीने से ये रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने पर शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ या टॉक्सिन्स पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते हैं। इन्हीं टॉक्सिन्स के कारण पेट में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जो मूत्रमार्ग में पहुंचकर इंफेक्शन का कारण बनते हैं। शरीर में किसी भी प्रकार का इंफेक्शन होने पर आपको तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा शुरू कर देना चाहिए।

सिस्टाइटिस के लक्षण

  • पेशाब में तेज जलन और दर्द की शिकायत
  • यूरिन के साथ खून का निकलना
  • बदबूदार और गहरे रंग का मूत्र आना
  • पेट, पेड़ू या कमर के निचले हिस्से में दर्द की समस्या
  • जल्दी-जल्दी पेशाब जाना या पेशाब महसूस होना
  • उम्रदराज लोगों में थकान और बुखार भी हो सकते हैं लक्षण
  • बार-बार तेज पेशाब लगना मगर पेशाब की मात्रा बहुत कम होना
  • बच्चों में सिस्टाइटिस होने पर उल्टी की भी समस्या हो सकती है।

सिस्टाइटिस से बचाव

सिस्टाइटिस कोई गंभीर रोग नहीं है इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है। आमतौर पर अगर आप जरूरी एहतियात बरतते हैं, तो 3-4 दिन में ये रोग अपने आप ठीक हो जाता है। मगर मगर ये रोग 4 दिन में ठीक न हो, तो आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए क्योंकि ये सिस्टाइटिस के अलावा किसी और गंभीर बीमारी के भी संकेत हो सकते हैं। सिस्टाइटिस से बचाव के लिए आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे-

  • सिस्टाइटिस के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • सिस्टाइटिस हो जाए, तो तरल पदार्थों का खूब सेवन करें और खूब पानी पिएं।
  • कैफीन वाले ड्रिंक्स, एसिडिक ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बंद कर दें।
  • शराब और धूम्रपान को बिल्कुल न कहें।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 18, 2018

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