तेज ठंड में सिर्फ गुनगुना पानी पीने की क्यों दी जाती है सलाह? जानें ठंडा पानी कैसे पहुंचाता है आपको नुकसान

Updated at: Dec 23, 2019
तेज ठंड में सिर्फ गुनगुना पानी पीने की क्यों दी जाती है सलाह? जानें ठंडा पानी कैसे पहुंचाता है आपको नुकसान

ठंड तेज है और तापमान लगातार गिर रहा है। ऐसी ठंड में ठंडा पानी पीने की गलती आपके लिए भारी पड़ सकती है, जानें ऐसा क्यों।

Anurag Anubhav
विविधWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Dec 23, 2019

ठंड काफी बढ़ गई है और जनवरी तक इसके और ज्यादा बढ़ने के आसार हैं। हालात यह हैं कि मैदानी इलाकों में इन दिनों सुबह और शाम का तापमान 5-6 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। तेज ठंड के कारण आजकल घर में रखा सामान्य पानी भी इतना ठंडा हो जाता है कि उसे पीने के बाद दांतों में टीस उठने लगती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इतना ठंडा पानी पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है और आपको कई तरह की समस्याएं दे सकता है। खासकर अस्थमा और साइनस के मरीजों के लिए तो ठंडा पानी गंभीर परेशानियां खड़ी कर सकता है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि सर्दियों में गुनगुना पानी पीने की सलाह क्यों दी जाती है और ठंडा पानी कैसे आपकी सेहत पर असर डालता है।

ठंडे पानी से सिकुड़ती है सांस नली

जब आप बहुत ठंडा पानी पीते हैं, तो इसका असर आपकी श्वांस नली (सांस नली) पर पड़ता है। ठंडे पानी के कारण आपके नाक का म्यूकस (बलगम) गाढ़ा हो जाता है और श्वांस नली में सूजन आ जाती है। इससे आपको सांस लेने में परेशानी आ सकती है। ऐसी स्थिति को पहचानने का सबसे आसान तरीका ये है कि सांस लेते हुए आपको तकलीफ महसूस होती है या घर्र-घर्र की आवाज आती है। सामान्य व्यक्ति के लिए यह थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है। मगर सांस के रोगियों, स्नोफीलिया के मरीजों और साइनस से प्रभावित लोगों के लिए ऐसी स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: सर्दियों में रहना है मौसमी बीमारियों से दूर और फिट, तो रोज खाएं ये 5 आहार

ठंडा पानी घटाता है दिल की धड़कन

ठंडा पानी पीने से आपके दिल की धड़कन भी घट जाती है। शोध बताते हैं कि ठंडा पानी आपके वैगस नर्व (वैगस तंत्रिका) को सिकोड़ देता है। ये नर्व आपके नर्वस सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर की कई गतिविधियों को कंट्रोल करता है। इसलिए हार्ट के मरीजों के लिए भी ठंडा पानी पीना बहुत खतरनाक हो सकता है।

गुनगुना पानी पीना है फायदेमंद

ठंड के मौसम में हमेशा गुनगुना पानी पीना आपके लिए फायदेमंद होता है। गुनगुना का मतलब गर्म पानी नहीं है, यानी इसका तापमान इतना होना चाहिए कि इसे पीते हुए आपका मुंह न जले। असल में बहुत गर्म पानी पीना भी आपके गले और मुंह के अंदरूनी हिस्से को जला सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि पानी को सहने योग्य ही गर्म करें। यह हिदायत सांस के मरीजों के लिे सबसे जरूरी है, क्योंकि उन्हें ठंडे पानी का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें: सर्दियों में क्यों लगती है जल्दी-जल्दी पेशाब? क्या ज्यादा पेशाब होता है बीमारी का संकेत?

गुनगुना पानी बढ़ाता है मेटाबॉलिज्म

ठंड में चूंकि बाहर का तापमान बहुत कम होता है, जिसका असर आपके मेटाबॉलिज्म और पाचन पर भी पड़ता है। चूंकि आपके खाने को पचाने के लिए शरीर गर्मी (Heat) का भी सहारा लेता है, इसलिए अगर आप ठंडा पानी पीते हैं, तो आपको पाचन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। गुनगुना पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे आपका शरीर ज्यादा मात्रा में फैट बर्न करता है। अच्छा मेटाबॉलिज्म आपके पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK