सिर्फ प्यास लगने पर ही पीना चाहिए पानी, ज्यादा पानी पीना भी हो सकता है नुकसानदायक: वैज्ञानिक

Updated at: Mar 02, 2020
सिर्फ प्यास लगने पर ही पीना चाहिए पानी, ज्यादा पानी पीना भी हो सकता है नुकसानदायक: वैज्ञानिक

शरीर के लिए पानी जरूरी है, मगर तभी पानी पीना चाहिए जब आपको प्यास लगे। जबरदस्ती और ज्यादा मात्रा में पिया गया पानी आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।

Anurag Anubhav
विविधWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 02, 2020

पानी पीना हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है, ये बात आपसे छिपी नहीं है। पानी न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि कई तरह के बॉडी फंक्शन्स के लिए बेहद जरूरी होता है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि आपके शरीर के कुल वजन का 60% भार सिर्फ पानी का होता है। यानी पानी हमारे शरीर की मूलभूत जरूरतों में से एक है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को एक दिन में कम से कम 2 लीटर यानी 8 ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए। मगर क्या आप भी पानी की बताई गई मात्रा को पूरा करने के लिए जबरदस्ती पानी पीते हैं? अगर हां, तो रुकिए! वैज्ञानिकों ने हाल में ही पानी पीने से जुड़ा एक नया शोध किया है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं।

पानी है जरूरी मगर सही हो मात्रा

पानी हमारे शरीर के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि हम जो भी भोजन करते हैं, उससे मिलने वाले पोषक तत्वों को शरीर के अलग-अलग अंगों के सेल्स तक पहुंचाने का काम पानी करता है। पानी के द्वारा ही हमारे शरीर में मिनरल्स (खनिज तत्व), विटामिन्स, एमिनो एसिड्स और ग्लूकोज का अवशोषण होता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो हेल्दी और पौष्टिक चीजें खाने के बावजूद आपके शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाएंगे। इसके अलावा पानी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका यह है कि ये शरीर में मौजूद गंदगी और जहरीले पदार्थों (टॉक्सिन्स) को मूत्र के रूप में बाहर निकालने के लिए बेहद जरूरी है।

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प्यास लगे तभी पीना चाहिए पानी

ऊपर बताए गए फायदों के कारण ही बहुत सारे लोग दिनभर जबरदस्ती पानी पीते रहते हैं। मगर वैज्ञानिकों ने नए अध्ययन के बाद ऐसा न करने की सलाह दी है। दरअसल वैज्ञानिकों ने खोज की है कि आपको तभी पानी पीना चाहिए, जब आपको प्यास लगे। बिना प्यास के पानी पीने से कई बार शरीर में पानी की अधिकता हो जाती है, जो कि अलग तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। इस नई रिसर्च को National Academy of Sciences द्वारा किया गया है।

कैसे की गई रिसर्च?

रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने अलग-अलग प्रतिभागियों के समूहों को 2 तरह से पानी पीने की हिदायत दी। एक समूह को कहा गया कि वे तब पानी पिएं जब वे वर्कआउट करके थक जाते हैं या जब वे प्यासा महसूस करते हैं। और दूसरे समूह को कहा गया कि वे बिना तेज प्यास के भी पानी पीते रहें। इस दौरान दोनों समूहों के प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि वे इस बात को नोट करें कि उनके लिए पानी पीना (पानी को गले से निगलना) कितना आसान या मुश्किल रहा है।
शोधकर्ताओं के अनुसार प्रतिभागियों ने बताया कि जब उन्हें प्यास नहीं महसूस हो रही थी, तो औसतन 3 बार उन्हें पानी को गटकने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैज्ञानिकों ने इन सभी प्रतिभागियों का पानी पीने के दौरान फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (fMRI) टेस्ट किया और पानी पीने दौरान मस्तिष्क में चलने वाली गतिविधियों (ब्रेन एक्टिविटीज) को नोटिस किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जब कोई व्यक्ति जबरदस्ती पानी पीता है, तो उसके दाहिने मस्तिष्क का prefrontal cortex  एरिया अचानक तेजी से एक्टिव हो जाता है, जो कि अच्छी बात नहीं है। कई बार लोगों को पानी गटकने में परेशानी भी होती है, इसके बावजूद वे जबरदस्ती पानी पीते हैं।

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जबरदस्ती पानी पीने के नुकसान

ज्यादा पानी पीना या जबरदस्ती पानी पीना व्यक्ति की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। शरीर में पानी की ज्यादा मात्रा हाइपोनैट्रीमिया का कारण बन सकती है। हाइपोनैट्रीमिया एक ऐसी समस्या है, जिसमें व्यक्ति के खून में सोडियम की मात्रा बहुत कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति को कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप तभी पानी पिएं, जब आपको प्यास लगी हो क्योंकि प्यास का अनुभव शरीर को तभी होता है, जब शरीर में पानी की कमी होती है और शरीर की वास्तव में पानी की जरूरत होती है।

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कितना पानी पीना है सही?

वैसे तो अलग-अलग व्यक्तियों के लिए पानी की जरूरत भी अलग-अलग होती है क्योंकि ये आपकी शरीरिक मेहनत और मौसम पर निर्भर करता है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए। मगर वैज्ञानिकों के द्वारा की गई रिसर्च बताती है कि औसतन एक महिला को एक दिन में कम से कम 2.2 लीटर फ्लुइड (पानी और अन्य तरल पदार्थ) लेने चाहिए, जबकि पुरुषों को एक दिन में कम से कम 3 लीटर फ्लुइड (पानी के साथ-साथ अन्य तरल पदार्थ) लेना चाहिए।

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