क्या एंटीबायोटिक दवाओं के बिना संभव है यूटीआई का इलाज? जानें क्या है सच्चाई

Updated at: Dec 21, 2018
क्या एंटीबायोटिक दवाओं के बिना संभव है यूटीआई का इलाज? जानें क्या है सच्चाई

यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन महिलाओं को होने वाली एक सामान्य परेशानी है। ज्यादातर महिलाओं को अपने जीवनकाल में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

Rashmi Upadhyay
घरेलू नुस्‍खWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Dec 21, 2018

यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन महिलाओं को होने वाली एक सामान्य परेशानी है। ज्यादातर महिलाओं को अपने जीवनकाल में इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ लड़कियों में जल्दी-जल्दी यूटीआई की समस्या होती रहती है। ऐसे में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यूटीआई दरअसल बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से होते हुए ब्लैडर तक पहुंच जाता है और संक्रमण फैलाता है। यहां तक कि कई बार ब्लैडर में सूजन जैसी समस्या भी देखने को मिलती है। बहरहाल विशेषज्ञों की मानें तो संक्रमण की स्थिति में कुछ चीजें करने से हर महिला को बचना चाहिए ताकि उनकी समस्या विकराल रूप इख्तियार न कर ले।

आधुनिक जीवनशैली के कारण महिलाओं के बीच यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) आम रोग बन चुका है जिसका सबसे बड़ा और सामान्य कारण है अस्वच्छ शैचालयों का इस्तेमाल करना। बात अगर नौकरी पेशा महिलाओं की जाए तो रोग हर दूसरी महिला को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। यह रोग हालांकि बहुत खतरनाक नहीं है लेकिन अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो यह किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। कुछ सावधानियां बरतकर यूटीआई से बचा जा सकता है। महिलाओं के बीच यूटीआई जिसे मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहा जाता है, का सबसे सामान्य और प्रचलित कारण वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट हैं जहां इस संक्रमण का जोखिम अधिक बढ़ जाता है। 15 से 40 की उम्र के बीच यह समस्या अधिक देखी जाती है। संक्रमित महिलाएं इससे बचने के लिए सिर्फ एंटीबॉयोटिक दवाओं पर ही निर्भर रहती हैं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि क्या बिना एंटीबॉयोटिक दवाओं के भी यूटीआई का इलाज संभव है या नहीं?

अनार के फायदे

अनार में पाये जाने वाले विटामिन सी और दूसरे एंटीऑक्‍सीडेंट संक्रमण होने से बचाते हैं। यही एंटीऑक्‍सीडेंट जीवाणुओं को मूत्र मार्ग में घुसने से बचाता है। जबकि विटामिन सी इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाता है, यह संक्रमण से बचाव करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह फल बदलते हुए हार्मोन के प्रभाव को भी कम कर देता है जो यूटीआई के लिए जिम्‍मेदार हो सकते हैं। 

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कैसे करें सेवन

अनार के दानों को निकाल लें, अनार के दानें लगभग एक कटोरी होने चाहिए। इसे दिन में कभी भी खायें, अगर संक्रमण अधिक हो तो दिन में दो से तीन बार अनार खा सकते हैं। इसके अलावा आप अनार का जूस भी पी सकते हैं। यूरीनरी ट्रैक्‍ट संक्रमण होने पर सफाई पर विशेष ध्‍यान दें, अधिक पानी पियें, खानपान में सावधानी बरतें, पेशाब को रोकें नहीं और नियमित रूप से चिकित्‍सक से परामर्श भी लें।

पानी की कमी ना होने दें

यूटीआई की समस्या ज्यादातर कम पानी पीने वाली महिलाओं में देखी जाती है। अगर आप गर्भवती हैं तो और इस समस्या से ग्रस्त हैं तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इससे ब्लैडर में यूरीन का निर्माण बढ़ेगा और जब आप यूरीन पास करेंगी तो यूटीआई के बैक्‍टीरिया अपने आप निकल जाएंगे। 

यूरीन ना रोकें

आपको कई बार यूरीन पास करने की जरूरत पड़ती है तो आप कभी भी इसे रोकने की कोशिश ना करें। अगर दवाब के बाद भी यदि तीन से चार मिनट भी पेशाब को रोका गया तो यूरिन के टॉक्सिक तत्व किडनी में वापस चले जाते हैं, जिसे रिटेंशन ऑफ यूरिन कहते हैं। यूरीन शरीर की सामान्य प्रक्रिया है, जिसे महसूस होने पर एक से दो मिनट के अंदर निष्कासित कर देना चाहिए। यदि वह थोड़े समय भी अधिक शरीर में रहते हैं तो संक्रमण की शुरुआत हो सकती है।

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