फेफड़ों के स्वास्थ्य पर आपके आहार का पड़ता है प्रभाव ? अपने आहार में इन पोषक तत्वों को शामिल करें

Updated at: Nov 23, 2020
फेफड़ों के स्वास्थ्य पर आपके आहार का पड़ता है प्रभाव ? अपने आहार में इन पोषक तत्वों को शामिल करें

आज के समय में जिस तरह की दिनचर्या हम सभी अपनाये हुए हैं उसमें भोजन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। 

Naina Chauhan
स्वस्थ आहारWritten by: Naina ChauhanPublished at: Nov 23, 2020

क्या आप जानते हैं आपके फेंफडे आपके शरीर का कितना अहम् भाग हैं? कैसे पोषक आहार से फेंफडों पर असर पड़ता है? अगर नहीं तो आपको इसके बारे में जानना बहुत आवाश्यक है। आज के समय में जिस तरह की दिनचर्या हम सभी अपनाये हुए हैं उसमें भोजन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। भाग दौड़ भरी दिनचर्या में न हम खाने का ध्यान रखते हैं, न सोने का और परिणाम स्वरुप जाने अनजाने हम बहुत सी बीमारियों को बुलाबा दे देते हैं। 

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अब अगर हम फेफड़ों की ही बात करें, तो हम बाजार में कुछ भी खाते हैं जैसे मेगी, पास्ता, समोसा, कचोडी, पानी पुड़ी इत्यादि। हम पेट भर कर इन्हें खा तो लेते हैं लेकिन कभी इनसे होने वाले नुकसान के बारे में नहीं सोचते। मैदा शरीर और फेंफडों के लिए सबसे अधिक हानिकारक होता है। यह आंतों में चिपक जाता है और कई समय तक चिपका रहता है। परिणाम स्वरूप सांस लेने में तकलीफ, पेट में दर्द, मोटापा जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। अब सवाल आता है कि ऐसा क्या खाएँ जो पौष्टिक हो। तो आज हम यहाँ जानेंगे ऐसे आहार के बारे में जो फेंफडों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होगा।

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फेंफडों के स्वास्थ्य के लिए पोषक आहार:

सेबफल:

सेबफल स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उम्दा फल माना जाता है वैसे ही फेंफडों के लिए भी सेबफल पोषक आहार है। इसमें विटामिन सी, ई के साथ ही साथ एंटी-ऑक्सीडेंट्स  भी पाए जाते हैं। इससे फेंफडों को स्वस्थ्य रखने में सहायता मिलती है जिससे सांस की समस्या नहीं होती। प्रतिदिन सुबह एक सेबफल जरुर खाना चाहिए।

पानी:

कहा जाता है कि मानव शरीर में सबसे अधिक पानी ही पाया जाता है। इसलिए दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। कई बार फेंफडों में जलन और सूजन होने लगती है और इससे निजात पाने का सबसे अच्छा तरीका है पानी पीना। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी जरुर पीना चाहिए। इससे शरीर की कई समस्याएँ दूर होती हैं।

लहसुन:

लहसुन में सभी ऐसे गुण पाए जाते हैं जो फेंफडों को सुरक्षित रखने में साहयक होते हैं इसमें फ्लेवोनॉयड्स, ग्लूटाथियोन इत्यादि पाए जाते हैं जो फेंफडों की सुरक्षा करते हैं। रात के समय हल्का गर्म लहसुन खाकर सोना चाहिए, इससे खून भी पतला होता है यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।

अखरोट:

अखरोट के गुणों के बारे में तो सभी जानते हैं क्योंकि एक अखरोट माइग्रेन के दर्द को भी नष्ट कर देता है। और जब बात आती है फेफड़ों के स्वास्थ्य की तो अखरोट उसके लिए भी सबसे अच्छा स्त्रोत है। अखरोट में ओमेगा−3 फैटी एसिड पाया जाता है अगर प्रतिदिन मुट्ठी भर अखरोट खाया जाये तो सांस सम्बन्धी सभी समस्याएँ खत्म हो जाती हैं।

अदरक:

शरीर को डिटॉक्सीफाई करने और फेफड़ों से प्रदूषक तत्वों को बाहर निकालने के लिए अदरक का सेवन करना लाभकारी होता है। इसमें एंटी−इंफलेमेटरी प्रॉपर्टीज पाई जाती है। जो कंजेशन से आराम  दिलाता है और फेफड़ों के परिसंचरण में सुधार करता है।

 

ब्रोकली:

ब्रोकली आज के समय में आसानी से बाजार में उपलब्ध हो जाती है और ब्रोकली में बहुत से स्वास्थ्यवर्धक तत्व पाए जाते हैं जैसे: फोलेट, विटामिन सी कंटेट, कैरोटीनॉयड एवं फाइटोकेमिकल्स आदि। इससे फेंफड़े स्वस्थ्य बने रहते हैं इसलिए प्रतिदिन या सप्ताह में दो बार ब्रोकली का सेवन अवश्य करना चाहिए।

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इन आहारों से आप अपने फेंफडों की सुरक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आप अगर बाहर के खाने का कम सेवन करेंगे तो भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा।

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