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जानें क्‍या कंप्‍यूटर पर काम करने से बढ़ता है कैंसर का खतरा

जानें क्‍या कंप्‍यूटर पर काम करने से बढ़ता है कैंसर का खतरा
Quick Bites
  • आज कंप्यूटर हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है!
  • कंप्‍यूटर से निकलने वाली रेडिएशन जिम्‍मेदार होती है!
  • लैपटॉप को गोद में रखकर इस्‍तेमाल करने के नु‍कसान।
  • मानव शरीर के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करती है।

तकनीक के इस्तेमाल से हम निश्चित तौर पर खुद को काफी आराम की स्थिति में पाते हैं। हालांकि तकनीक के इस बढ़ते दौर ने जहां आपकी लाइफ को आसान बना दिया है वहीं यह आपकी सेहत पर भी भारी पड़ता जा रहा है। जीं हां आज कंप्यूटर हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, बिना कंप्यूटर के हम कोई काम नहीं कर सकते हैं, लेकिन कंप्यूटर पर ज्यादा काम करना भी हमारे लिए खतरनाक हो सकता है। एक नए शोध से यह बात सामने आई हैं कि लंबे समय तक कंप्‍यूटर पर काम करने से कैंसर का खतरा हो सकता है। शायद इस बात पर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा। लेकिन आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से इस बात की जानकारी विस्‍तार से लेते हैं।


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कंप्‍यूटर से कैंसर का खतरा

कंप्‍यूटर और मॉनिटर का लंबे समय तक इस्‍तेमाल करने से कई लोगों में स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। कंप्‍यूटर (डेस्कटॉप कंप्यूटर या लैपटॉप) पर पिछले कई वर्षों से हुए कई अध्‍ययनों ने इसको स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम के साथ जुड़ा हुआ पाया है। कुछ हद तक, इसके लिए कंप्‍यूटर से निकलने वाली रेडिएशन जिम्‍मेदार होती है, लेकिन काफी कम मात्रा में (अगर कोई है)। कई शोध कंप्‍यूटर के इस्‍तेमाल और कैंसर के खतरे के बीच कोई संबंध साबित नहीं कर पाये हैं। लेकिन लैपटॉप को इस्‍तेमाल करने के लिए गोद में रखने एक विशिष्‍ट अध्‍ययन किया गया है, और अध्‍ययन ने लंबे समय तक लैपटॉप को गोद में रखकर इस्‍तेमाल करने को टेस्टिकुलर कैंसर के जोखिम के एक
संभावित कारण के रूप में संदिग्‍ध कर दिया गया है, लेकिन इस संदेह और दावे को वापस करने के कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है।

 

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मॉनिटर, पुराने सीआरटी मॉनिटर (कैथोड रे ट्यूब) एक्‍स-रे रेडिएशन प्रसारित करता है, लेकिन बहुत कम मात्रा में। कम मात्रा को मानव शरीर के लिए हानिकारक नहीं माना जाता था। लेकिन नए एलसीडी (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले) और फ्लैट पैनल मॉनिटर एक्‍स-रे रेडिएशन का प्रसारित नहीं करती है। और कुछ एलसीडी मॉनिटर बहुत कम मात्रा में यूवी रेडिएशन प्रसारित करती है, लेकिन मात्रा इतनी कम होती है कि मानव शरीर के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करती है।

कंप्‍यूटर के इस्‍तेमाल का सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह आपकी आंखों के बहुत पास होता है। लंबे समय तक इसके इस्‍तेमाल से आंखों में तनाव और लंबे समय में होने वाली समस्‍याएं पैदा हो सकती है। कंप्यूटर के इस्‍तेमाल के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें, आंखों का आराम दें और सामान्‍य रूप से शरीर को स्‍ट्रेच करना सबसे अच्‍छा रहता है। यह रोकथाम का सबसे अच्‍छे तरीकों में से एक है।   

ध्‍यान देने योग्‍य यह है कि वास्‍तव में सभी इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरण से थोड़ी सी मात्रा में रेडिएशन निकलती है। हालांकि रेडिएशन का प्रकार भिन्‍न होता है लेकिन महत्‍वपूर्ण बात यह है कि यह मात्रा बहुत  कम होती है। हमारे चारों तरफ रेडिएशन है लेकिन फिर भी मात्रा बहुत कम होती है। मानव शरीर इस थोड़ी सी मात्रा को कम या बिना खतरे के निपटने में सक्षम होती है, जो मानव शरीर को इतना लचीला बनाने में मदद करता है।

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Image Source : Getty

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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 22, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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