क्या भुने हुए नट्स की पौष्टिकता कम होती है? ये रहे जवाब

क्या भुने हुए नट्स की पौष्टिकता कम होती है? ये रहे जवाब

बहरहाल कुछ लोगों मानना है कि भुने हुए नट्स में पौष्टिक तत्व बिल्कुल नहीं होते बल्कि यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। सवाल है क्या यह वाकई सच है? आइए जानते हैं।

ये बात तो हम सभी जानते हैं कि नट्स हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। विशेषज्ञ यहां तक कहते हैं कि हमें अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में नट्स को शामिल करना चाहिए। हालांकि आमतौर पर हम नट्स का राॅ फाॅर्म में ही सेवन करते हैं। लेकिन इसके अलावा नट्स भुने हुए भी बाजार में उपलब्ध है और ये स्वाद में भी बेहतर होते हैं। बहरहाल कुछ लोगों मानना है कि भुने हुए नट्स में पौष्टिक तत्व बिल्कुल नहीं होते बल्कि यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। सवाल है क्या यह वाकई सच है? आइए जानते हैं।

न्यूट्रिशन से जुड़े इन मिथ पर भारतीय करते हैं भरोसा!

पौष्टिक तत्व

ये सच है कि नट्स को भुने जाने के बाद उसके मौजूदा स्वरूप बदल जाता है। यहां तक कि उसके स्वाद में भी बदला आता है। लेकिन जहां तक बात उसके पौष्टिक तत्व में बदलाव की है, तो ऐसा नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि नट्स भुनने के बाद उनके केमिकल कंपोजिशन में ही बदलाव होता है। इससे उनके रंग और स्वाद में फर्क नजर आने लगता है। चूंकि भुने जाने के बाद नट्स अपना पानी खो देता है, जिस वजह से ये खाने में क्रंची हो जाते हैं। इसके अलावा इसके फैट में कोई कमी नहीं आती। बल्कि भुने हुए नट्स तेल में भुने जाते हैं, ऐसे में उसमें तेल की मात्रा ज्यादा हो जाती है।

 

ओवर रोस्ट

हालांकि भुने हुए नट्स भी हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। लेकिन इस बात की ओर भी ध्यान देना जरूरी है कि कहीं आप नट्स को बहुत ज्यादा तो नहीं भून रहे? असल में सभी तरह के नट्स में पोलीअनसैचुरेटेड फैट होता है। ये नट्स की बेसिक खूबी होती है। लेकिन ज्यादा तलने या भुनने से इसकी ये खूबी नष्ट हो जाती है। इतना ही नहीं ये फैट हार्मफुल रेडिकल्स में बदल जाता है जो कि हमारे सेल्स को डैमेज कर सकता है। मतलब ये कि अगर आप नट्स को भून रहे हैं और इस दौरान इसमें से महक आने लगी है, तो बेहतर है इसे न खाएं। असल में से इसमें से आ रही महक इस बात की ओर इशारा कर रही है कि अब ये खाने लायक नहीं है।

 

अध्ययन

इस विषय पर हुए तमाम अध्ययन ये कहते हैं कि बेहतर यही है कि आप कम समय के लिए ही नट्स को भुनें। साथ ही इसके तापमान का भी ख्याल रखें। इसके अलावा नट्स भुनने के दौरान एक समस्या और होती है। इस दौरान हार्मफुल केमिकल बनने लगते हैं। दरसअल नट्स में अमिनो एसिड एस्पेरेजिन और प्राकृतिक शुगर के बीच केमिकल रिएक्शन होने लगता है। इसे केमिकल रिएक्शन मेलार्ड रिएक्शन कहा जाता है। ऐसा तब होता है जब नट्स बहुत ज्यादा हीट में पकाया जाता है और इससे नट्स का रंग ब्राउन होने लगता है। ये रिएक्शन हमारे शरीर के नुकसानदायक है। अध्ययनों के मुताबिक रोस्टेड नट्स खाना हानिकारक नहीं है बशर्ते इसे कभी-कभी और कम मात्रा में खाया जाए।

 

रॉ नट्स हैं बेहतर

इसमें कोई दो राय नहीं है कि भुने हुए नट्स का स्वाद ज्यादा अच्छा लगता है। लेकिन राॅ नट्स ही खाना बेहतर होता है। इसके न तो स्वाद में कुछ बदलाव होता है और ये हमारे शरीर के लिए हेल्दी भी होते हैं।

 

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Diet & Nutrition In Hindi

 
Disclaimer:

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।