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रेड मीट है डायबिटीज़ का कारण, शाकाहारियों में इसके कम चांस

डायबिटीज़ By Priyanka Dhamija , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 31, 2017
रेड मीट है डायबिटीज़ का कारण, शाकाहारियों में इसके कम चांस

रिसर्च के मुताबिक, जो लोग वेज फूड खाते हैं, उनमें डायबिटीज़ होने के चांस काफी कम होते हैं।

रिसर्च के मुताबिक, जो लोग वेज फूड खाते हैं, उनमें डायबिटीज़ होने के चांस काफी कम होते हैं। इसके मुकाबले, मांसाहारियों में यह रिस्क ज़्यादा होता है। इन फाइन्डिंगज़ में सामने आया कि इस रिस्क को कम करने के लिए ऑलिव ऑयल और नट्स का अहम रोल है। यानी एनिमल फैट अवॉइड करके टाइप 2 डायबिटीज़ के रिस्क को कम किया जा सकता है। इसी तरह हर रोज़ 12 ग्राम बटर खाने से भी इस बीमारी के लक्षण पैदा हो सकते हैं। लेकिन, अगर इसकी जगह 12 ग्राम फुल फैट योगर्ट खाएं, तो रिस्क बहुत कम हो जाता है। वैज्ञानिक तो वेज फूड की तरफ ज़्यादा स्ट्रेस कर रहे हैं, जैसे दाल, आटा, फल, सब्ज़ी और ड्राय फ्रूट्स। उनकी यही सलाह है कि कैंसर, डायबिटीज़ और हार्ट अटैक से बचने के लिए नॉन-वेज नहीं, वेज डाइट लें। रिसर्च तो यह भी कहती है कि अगर आप अपनी डाइट से मीट और अंडा हटाकर, दाल, सोया, बीन्स और ड्राय फ्रूट्स पर फोकस करें, तो आपकी लाइफ लंबी भी होगी।

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रिसर्च क्या कहती है:


1- 1985 में एडवेंटिस्ट मॉर्टेलिटी स्टडी ने 25000 शाकाहारियों पर डायबिटीज़ का रिस्क होने का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि महिलाएं जो रेड मीट खाती हैं, उनमें डायबिटीज़ होने के चांस 40 प्रतिशत बढ़ जाते हैं। वहीं, वो पुरुष जो रेड मीट खाते हैं, उनमें डायबिटीज़ होने के चांस 80 प्रतिशत बढ़ जाते हैं।

2- 1999 में द एडवेंटिस्ट हेल्थ स्टडी ने 34000 लोगों को जज किया और सामने आया कि वो महिलाएं जो मीट खाती हैं, उनमें डायबिटीज़ होने के चांस 93 प्रतिशत होते हैं। वहीं पुरुषों में यह रिस्क 97 प्रतिशत होता है।

3- 2009 में द एडवेंटिस्ट हेल्थ स्टडी-2 ने 61000 लोगों पर रिसर्च की, जिसमें सामने आया कि जो लोग मीट खाते हैं, उनमें शाकाहारियों के मुकाबले डायबिटीज़ होने के चांस डबल हैं।

4- वैज्ञानिकों ने मीट और डायबिटीज़ का रिलेशन जानने के लिए रिसर्च की। इसमें पता चला कि हर रोज़ 99 ग्राम रेड मीट खाने से, डायबिटीज़ के चांस 10 प्रतिशत बढ़ जाते हैं, और हर रोज़ 49 ग्राम रेड मीट खाने से, यह रिस्क 51 प्रतिशत बढ़ जाता है। रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि जो लोग मीट छोड़कर नट्स खाना शुरू करते हैं, उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ होने का रिस्क काफी कम हो जाता है।     

5- नर्स हेल्थ स्टडी 2 में यह पता चला कि जो लोग पैकेज्ड रेड मीट हफ्ते में 5 दिन से ज़्यादा खाते हैं, उनमें डायबिटीज़ के चांस 91 प्रतिशत बढ़ जाता है।

डायबिटीज़ की अन्य वजहें:


1- आजकल का लाइफस्टाइल जिसमें एक्सरसाइज़ नहीं की जाती, फास्ट फूड, पैकेज्ड फूड और फ्राइड फूड के सेवन पर निर्भरता हो रही है।

2- बढ़ता वज़न और उस पर ध्यान न देना।

3- ट्रांस-फैट फूड्स का बढ़ता सेवन, जैसे बटर, केक्स, पेस्ट्रीज़, कैंडी।

4- डाइट में प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा का न होना।

5- ब्लड में ग्लूकोज़ लेवल बढ़ना।

6- ज़रूरत से ज़्यादा अल्कोहल पीना, क्योंकि अल्कोहल में शुगर बहुत ज़्यादा होती है।

7- हरी सब्ज़ियों की जगह चावल, आलू और तले हुए पकवानों पर ज़ोर।

8- स्मोकिंग भी डायबिटीज़ का कारण है।

9- बॉडी में इंसुलिन का फंक्शन ठीक से न होना।

10- प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स और सेचुरेटिड फैट्स भी अवॉइड करें।

 

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