BMI की मदद से की जा सकती है डायबिटीज के खतरे की पहचान, शोध में हुआ बड़ा खुलासा

Updated at: Oct 13, 2020
BMI की मदद से की जा सकती है डायबिटीज के खतरे की पहचान, शोध में हुआ बड़ा खुलासा

हर किसी को अपना बीएमआई चेक करते रहना चाहिए। इससे शरीर में हो रहे बदलावों का संकेत मिलता है, जिससे कि आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।

Pallavi Kumari
लेटेस्टWritten by: Pallavi KumariPublished at: Sep 01, 2020

मोटापा कई पुरानी बीमारियों के साथ जुड़ा हुआ है, जैसे कि हाई ब्लज प्रेशर, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट से जुड़ी परेशानियां और मानसिक स्वास्थ्य से भी। पर क्या मोटापा आपके शरीर के वजन से जुड़ा हुआ है और क्या ऐसा कोई तरीका है जिससे व्यक्ति अपने वजन के हिसाब से डायबिटीज का पता लगा ले? पर हाल में आया शोध इसे लेकर कुछ जरूरी चीजें बताता है। ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (University of Cambridge) के एक नए अध्ययन के अनुसार, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) किसी भी व्यक्ति में डायबिटीज के जोखिम को आसानी से बता सकता है।

insidebmitable

क्या कहता है ये शोध

दरअसल इस अध्ययन में बताया गया है कि जेनीटिक्स की तुलना में बॉडी मास इंडेक्स आसानी से शरीर में डायबिटीज के खतरे की पहचान कर सकता है, जो समय रहते ही डायबिटीज से बचाव करने में मदद करता है। वो कैसे? आइए हम आपको बताते हैं। दरअसल ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (University of Cambridge) के शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन कम करने से डायबिटीज विकसित होने के खतरे को कम किया जा सकता है। दरअसल इस शोध की मानें, तो मोटापा टाइप-2 मधुमेह को बड़ी तेजी से बढ़ा सकता है, जिसकी पहचान बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की मदद से की जा सकती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, डायबिटीज का पता जीन की मदद से लगाना आसान नहीं है और इसमें इतना लंबा वक्त लग जाता है कि व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित हो जाता है। ऐसे में जो लोग समय से पहले ही अपने डायबिटीज का पता लगा लेते हैं वो इसे पहले से ठीक करने का काम शुरू कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : इस उम्र में घटा लेंगे वजन तो लंबी होगी आपकी उम्र! जानें किस उम्र में वजन घटाने से मरने का जोखिम हो जाता है आधा

डायबिटीज और आपका BMI ?

यूके बायोबैंक के इस शोध को करते वक्त 445,765 प्रतिभागी शामिल थे। इनमें औसत आयु 57.2 वर्ष थी और 54 प्रतिशत महिलाएं थीं। शोधकर्ताओं के अनुसार, 6.9 मिलियन जीन का उपयोग करके मधुमेह के वंशानुगत जोखिम का आकलन किया गया था। फिर लोगों की बीएमआई नापी गई। प्रतिभागियों को मधुमेह के आनुवंशिक जोखिम के अनुसार पांच समूहों में विभाजित किया गया और उनका अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि  65.2 वर्ष की औसत आयु वाले लोगों में डायबिटीज तेजी से बढ़ा, जिसमें देखा गया कि उनकी बीएमआई इंडेक्स भी तेजी से बढ़ा।

insidehowtobalacebodyweight

मोटापा और डायबिटीज

शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे पता चलता है कि जब लोग एक निश्चित बीएमआई सीमा को पार करते हैं, तो मधुमेह की संभावना बढ़ जाती है और वे उसी उच्च जोखिम वाले स्तर पर रहते हैं, भले ही वे कितने अधिक वजन के क्यों न हो। वहीं वजन बढ़ने का तरीका भी संतुलित होना चाहिए,ये नहीं कि लगातार वजन बढ़ता जाए।

इसे भी पढ़ें : डायबिटिक के लिए हेल्दी कार्बः डाइट में इन 5 हेल्दी कार्ब को शामिल कर रोगी कंट्रोल रख सकते हैं अपना ब्लड शुगर

शोधकर्ताओं का कहना है कि मधुमेह और वजन बढ़ना दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं पर हर स्थिति में नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि डायबिटीज के कुछ मरीज बेहद पतले भी हो जाते हैं। पर ध्यान देने वाली बात ये भी है कि मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए आपको अपने वजन को संतुलित रखने की भी बहुच आवश्यकता है। वजन कम करने से आपको अपने ब्लड शुगर के स्तर को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी मदद मिलेगी। वहीं वजन कंट्रोल करने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप इसे आसानी से पा सकते हैं। इसके लिए एक स्वस्थ और पौष्टिक आहार का पालन करें जिसमें अधिक ताजे फल और सब्जियां शामिल हों, नियमित रूप से व्यायाम करें, हर रात पूरी नींद लें और तनाव से बचें। 

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK