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रोज सिर्फ 5 मिनट करें ये काम, कभी नहीं होगा गर्दन या ऊपरी पीठ में दर्द

तन मन By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 27, 2018
रोज सिर्फ 5 मिनट करें ये काम, कभी नहीं होगा गर्दन या ऊपरी पीठ में दर्द

जब हड्डियों में चोट लग जाए या कोई रोग हो जाए तो इसमें बहुत दर्द होता है। यहां तक कि सही समय पर उपचार न मिलने से शारीरिक विकृति, पक्षाघात व अंग-भंग की स्थिति भी पैदा हो सकती है। रीढ़ की हड्डी के साथ भी ऐसा ही कुछ होता है और कमर दर्द हो जाता है। आज ह

गर्दन को आम बोलचाल की भाषा में शरीर का स्टेंड भी कहते हैं। इसी स्टेंड पर पूरा शरीर टिका हुआ होता है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर यह स्टेंड ही खराब हो जाए तो कितनी दिक्कत होगी। इतना महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद आजकल कई लोग गर्दन या ऊपरी पीठ में दर्द से जूझ रहे हैं। इस लिस्ट में बुजुर्ग के साथ युवा भी शामिल हैं। हमारे शरीर में हड्डियों के ढांचे पर मांसपेशियों और नसों का ताना-बाना तथा त्वचा की चादर में शरीर के अवयव व्यवस्थित रहते हैं और यही हड्डियों का ढांचा हमारे शरीर को ढोने और कोमल अंगों को किसी चोट आदि से बचाता है। लेकिन जब हड्डियों में चोट लग जाए या कोई रोग हो जाए तो इसमें बहुत दर्द होता है। यहां तक कि सही समय पर उपचार न मिलने से शारीरिक विकृति, पक्षाघात व अंग-भंग की स्थिति भी पैदा हो सकती है। रीढ़ की हड्डी के साथ भी ऐसा ही कुछ होता है और कमर दर्द हो जाता है। आज हम आपको गर्दन दर्द और या ऊपरी पीठ में दर्द से छुटकारा पाने का तरीका बता रहे हैं।

तैराकी है अच्छा व्यायाम : अगर आप लम्बे समय से ऊपरी पीठ दर्द से परेशान हैं, तो आपके लिए स्वीमिंग एक बेहद फायदेमंद व्यायाम साबित हो सकता है। तैरने से पेट, पीठ, बांह और टांगों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही पानी हमारे शरीर पर पड़ने वाले गुरुत्वाकर्षण खिंचाव को भी कम कर देता है। जिससे तैरते समय पीठ पर तनाव या बोझ नहीं पड़ता।

थोड़ा तेज चलें : तेज चाल से चलना भी शरीर में लोच बनाए रखने के लिए अच्छा होता है, किन्तु सुबह के समय, खाली पेट ही घूमना सबसे लाभदायक होता है। 

पेंडुलम : पेंडुलम करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। अब बाजुओं को शरीर से सटाकर रखें, फिर एक पैर पर शरीर का भार रखते हुए दूसरे पैर को हवा में झुलाएं, जैसे घंडी का घंटा या पेंडुलम झूलता है। हर तीसरी बार सीधे खड़े होकर जो पैर हवा में था, उसे ऊपर उठाकर जितना अधिक स्ट्रेच करके दूर ले जा सकते हैं, ले जाएं। नियमित रूप से पेंडुलम करना हृदय गति को बढ़ाता है और मांसपेशियों में भी लचीलापन आता है। जिससे ऊपरी पीठ दर्द में लाभ होता है। 

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पीठ और जांघ व्यायाम : इसे करने के लिए सबसे पहले हाथ और पैरों के पंजों को जमीन पर रखते हुए सिर, कमर और घुटने को जमीन से उठाकर एक सीधी रेखा जैसी बनाएं। अब तेजी से सीधे घुटने को छाती के पास लाएं और फिर इस स्थिति में कुछ देर तक रुकें। इसके बाद वापस पहली वाली मुद्रा में जाकर सीधे घुटने को आगे की ओर छाती के पास ले आएं। इसके बाद उल्टे पैर के घुटने को सीधे हाथ की कोहनी से छुएं और सीधे घुटने को बाएं हाथ की कोहनी के नीचे के हिस्से की जमीन से छुएं।

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