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    सिरदर्द की समस्‍या को हल्‍के में बिलकुल न लें

    माइग्रेन By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 05, 2012
    सिरदर्द की समस्‍या को हल्‍के में बिलकुल न लें

    सामान्‍य कारणों से भी सिरदर्द हो सकता है और इसके लिए गंभीर कारण भी जिम्‍मेदार हो सकते हैं, इसलिए सिरदर्द की समस्‍या को बिलकुल भी हल्‍के में न लें, इसका समय पर उपचार करायें।

    आए दिन होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को हम कभी दर्द की दवा खाकर तो कभी दर्दनिवारक मलहम लगाकर और कुछ देर आराम करके फिर से काम में जुट जाते हैं, लेकिन कभी आपने गौर किया है कि कुछ समस्याएं आपको लगातार तंग करती हैं और पेनकिलर खाने से भी ठीक नहीं होतीं। अगर ऐसा हो रहा हो तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि ये संकेत किसी गंभीर बीमारी के भी हो सकते हैं। आमतौर सिर में दर्द होने को बहुत हल्के में लिया जाता है, लेकिन इस दर्द की कई ऐसी वजहें हो सकती हैं जिनमें जरा सी लापरवाही भी खतरनाक हो सकती है।

    सिरदर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कभी-कभी यह दर्द किसी गंभीर बीमारी पनपने का सूचक भी होता है। वैसे तो सिरदर्द बहुत ही कामन रूप से होता है, परंतु कभी-कभी यह कुछ आगामी बीमारियों के कारण भी हो सकता है। इसकी गंभीरता को समझते हुए सिरदर्द होने पर चिकित्सक से सलाह कर उसका उचित उपचार करवाना चाहिए। क्योंकि कभी-कभी यह माइग्रेन, तनाव एवं ब्रेन में होने वाली बीमारियां जैसे ब्रेन ट्यूमर की वजह से भी हो सकता है और यह घातक हो सकती है। कभी सिर में चोट लगे तो चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए। जिससे समय पर उसका ठीक प्रकार से इलाज हो सके। 

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    सिरदर्द के कुछ आम कारण


    •    अकसर धूप में जाने या मौसम बदलने के कारण सिरदर्द हो जाता है।

    •    बहुत देर खाली पेट रहने से भी सिरदर्द हो जाता है।

    •    साथ ही वीडियो गेम खेलने या कंप्यूटर पर देर तक काम करने की वजह से आंखों पर जोर पड़ने के कारण भी यह हो सकता है।

    •    सिरदर्द होने की एक वजह साइनेसाइटिस भी हो सकता है।

    •    अगर सिर के पिछले हिस्से में दर्द हो तो सर्वाइकल की वजह से हो सकता है।

    •    अगर सिरदर्द के साथ उल्टी भी आये तो यह ब्रेन फीवर या बेन ट्यूमर के कारण भी हो सकता है।

    •    हल्का सिरदर्द तनाव, थकावट या मौसम के बदलाव की वजह से हो सकता है, लेकिन यह युवावस्था में लगातार बना रहता है तो माइग्रेन भी हो सकता है।

    लोग इसके लिए पेनकिलर ले लेते हैं और कुछ देर सो लेते हैं तो आराम आ जाता है, किंतु यह अगर लगातार बने रहे तो चिंता का विषय हो सकता है। किसी भी सूरत में इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
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    बचाव के तरीके

    अगर सिरदर्द दवाइयों से ठीक न हो, रात में ज्यादा हो, शरीर में कमजोरी लगे, आंखों के सामने धुंधलापन दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टरों की मानें तो सिरदर्द में लगातार दवाई खाने से भी तकलीफ बढ़ती है। इसलिए खुद से दवाइयां न खाकर दर्द के कारणों की जांच जरूर कराएं। सिरदर्द की जांच कुशल एवं अनुभवी विशेषज्ञ से कराएं। सिरदर्द कितना भी पुराना हो दवाइयों से ठीक किया जा सकता है।

     

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    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।