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साबुन का इस्‍तेमाल है वेजाइना के लिए है घातक, ध्‍यान रखें ये 10 बातें

महिला स्‍वास्थ्‍य By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 28, 2019
साबुन का इस्‍तेमाल है वेजाइना के लिए है घातक, ध्‍यान रखें ये 10 बातें

शरीर से दुर्गंध और कीटाणुओं का खात्मा करने वाला साबुन शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। वेजाइना शरीर का सबसे नाजुक और अहम अंग होता है। ऐसे में महिलाओं को अपने शरीर के साथ-साथ वेजाइना की देखभाल और साफ-सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए। कुछ बातों को नजर

शरीर से दुर्गंध और कीटाणुओं का खात्मा करने वाला साबुन शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। वेजाइना शरीर का सबसे नाजुक और अहम अंग होता है। ऐसे में महिलाओं को अपने शरीर के साथ-साथ वेजाइना की देखभाल और साफ-सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए। कुछ बातों को नजरअंदाज करने से वेजाइना में बैक्टीरियां पनपने लगते हैं, जिससे इंफेक्‍शन और खुजली जैसी समस्याएं होने लगती है। अक्सर महिलाओं को लगता है कि यह यीस्ट इंफेक्‍शन के कारण वेजाइना में खुजली हो रही है लेकिन ऐसा हर बार हो यह जरूरी नहीं है, इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य की बात की जाए तो महिलाओं के इस विशेष पार्ट की बात कम ही की जाती। जबकि हेल्दी वेजाइना सेहत के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। क्योंकि वेजाइना की एक बीमारी आपके पूरे सिस्टम को खराब कर सकती है। तो ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपने वेजाइना को हेल्दी बनाए रखने के लिए निम्‍नलिखित गलतियां बिलकुल भी न करें।

वेजाइना में साबुन का ना करें इस्‍तेमाल

ये बात कई वैज्ञानिक शोध से सिद्ध हो चुका है कि साबुन का इस्तेमाल वेजाइना को नुकसान पहुंचाता हैं। लेकिन इसके बावजूद ज्‍यादातर महिलाएं अपनी वेजाइना को साफ करने के लिए साबुन का इस्‍तेमाल करती हैं। शायद वह इस बात से अनजान है कि साबुन का इस्तेमाल करना वेजाइना के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। साबुन का अंधाधुन्द प्रयोग वेजाइना के लिए बहुत हानिकारक हैं। आइये जानते हैं साबुन से होने वाले नुकसान के बारे में।

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  • साबुन में मौजूद केमिकल आपके वेजाइना के पीएच लेवल को बिगाड़ सकता है, वेजाइना में अम्लीयता यानि पीएच लेवल अधिक होती है। इस पीएच लेवल से नुकसानदेह बैक्‍टीरिया की रोकथाम होती है और अच्छे बैक्‍टीरिया की वृद्धि होती है। यह प्राकृतिक रूप से एक सुरक्षा होती है। अगर वेजाइना में मौजूद अम्लीयता कम हो जाती है, तो हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।
  • साबुन के इस्‍तेमाल से आपको वेजाइना में खुजली और ड्राईनस जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा साबुन, वेजाइना में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया को भी नष्ट करने में प्रभावी होते हैं, जिससे बैक्टीरियल वेजिनोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
  • बार-बार साबुन लगाते रहने से बॉडी की नेचुरल चिकनाई और अम्लता भी साबुन में मिले केमिकल के कारण कम होती रहती है। चिकनाई त्वचा को फटने से और अम्लता बहुत से रोगों के कीटाणुओं को शरीर में प्रवेश करने से रोकती है। साबुन के इस्‍तेमाल से आपको वेजाइना में खुजली, जलन, सूजन जैसे संक्रमण हो सकते हैं। अब तो आप समझ गए ना कि साबुन का इस्‍तेमाल वेजाइना के लिए घातक है।

कैसे रखें वेजाइना को हेल्‍दी

अधिकतर लोग वेजाइना को शरीर का अन-हाइजीन पार्ट मानते हैं जिस कारण इसे साफ करना जरूरी नहीं समझा जाता। जबकि यही पार्ट सबसे ज्यादा जरूरी है, जिसका ख्याल रखना जरूरी है। आइए जानते हैं वेजाइना को स्‍वस्‍थ रखने के लिए क्‍या करना चाहिए।

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  • हमेशा वाशरुम यूज़ करने के बाद वेजाइना साफ करते रहें, लेकिन साबुन से इसे साफ ना करें। यहां की स्किन चेहरे से भी अधिक सॉफ्ट और डेलीकेट होती है। वेजाइना सेल्फ क्लीनिंग है इसलिए हमेशा इसे सादे पानी से साफ करना ही काफी होता है।
  • कई महिलाओं को अपने पैरों के बीच में इत्र या फिर डीओ का इस्‍तेमाल करने की आदत होती हैं। क्‍योंकि कभी-कभी, वेजाइना स्‍मैल से आपको असहज महसूस हो सकता है, लेकिन इस तरह इत्र, ज्‍यादा खुशबूदार साबुन और हेयर रिमूवर क्रीम के उपयोग से हर कीमत पर बचना चाहिए।
  • पीरियड्स के समय संक्रमण की संभावना ज्‍यादा रहती है। क्योंकि रक्त की वजह से पीएच लेवल बदल जाता है। ऐसे समय ये ध्यान रखना चाहिए कि सैनिटरी पैड या पैंटी को ज्यादा लंबे समय तक ना रखें। इन्हें जल्दी-जल्‍दी बदल लेना चाहिए।
  • सिंथेटिक कपड़े से बनी अंडरवियर के बजाय कॉर्टन या सूती कपडे से बने अंडरवियर ही पहनें। सिल्‍क और लेनिन के अंडरवियर का इस्‍तेमाल कम ही करें तो बेहतर है।
  • वेजाइना से दुर्गंध आने की समस्या आम है जो हर तीसरी महिला को होती है। पीरियड्स के बाद वेजाइना से दुर्गंध की समस्या अधिक हो जाती है। ऐसा पीरियड्स के बाद होने वाले व्हाइट डिसचार्ज से अधिक होता है। पीरियड्स के बाद व्हाइट डिसचार्ज वेजाइना को क्लीन करने का काम करता है। लेकिन अगर डिस्चार्ज से बहुत अधिक स्मैल आ रही है और उसका रंग मटमैला है तो डाक्‍टर से सलाह लें।
  • वेजाइना में पसीना ज्‍यादा आता है तो उसके कारण भी वेजाइना में खुजली हो सकती है। ऐसे में जब भी आपको ज्यादा पसीना आए तो तुरंत नहाकर अपने कपड़े बदल लें। इसके अलावा अपने वेजाइना को गीला नहीं बल्कि सूखा रखें। वेजाइना से जुडी कोई भी समस्‍या आपको महसूस होती है तो डाक्‍टर की सलाह जरूर लें, इसके प्रति कोई लापरवाही न बरतें। 

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