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बच्चे की नाक से खून निकलने पर घबराएं नहीं, करें ये काम

परवरिश के तरीके By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 02, 2017
बच्चे की नाक से खून निकलने पर घबराएं नहीं, करें ये काम

गर्मियों के मौसम में वयस्कों की तुलना में बच्चों की नाक से खून आने (नकसीर फूटने) के मामले कुछ ज्यादा ही बढ़ जाते हैं। 

Quick Bites
  • बच्चे की नाक से खून निकलने पर घबराएं नहीं।
  • बच्चे की नाक से खून निकलने पर करें ये काम।
  • बच्चों की नाक से खून आने के मामले नुकसानरहित होते हैं।

गर्मियों के मौसम में वयस्कों की तुलना में बच्चों की नाक से खून आने (नकसीर फूटने) के मामले कुछ ज्यादा ही बढ़ जाते हैं। आम तौर पर बच्चों की नाक से खून आने के मामले नुकसानरहित होते हैं और कुछ समय बाद खून बहना स्वयं बंद हो जाता है। अधिकांश मामलों में यह समस्या बिल्कुल भी जानलेवा नहीं होती, लेकिन मां-बाप को चिंता हो ही जाती है।  नई दिल्ली के बी.एलके. हॉस्पिटल के डॉ.डब्लू.वी.बी.एस. रामालिंगम बताते हैं कि 9 प्रतिशत बच्चों में नकसीर फूटने के मामले बार-बार सामने आते हैं, इसका प्रमुख कारण नाक की बीच वाली हड्डी के सामने वाले भाग में रक्त की जो छोटी -छोटी नलिकाएं (ब्लड वेसेल्स) होती हैं, उन नलिकाओं में गर्मी के कारण शुष्कता (ड्राईनेस) आ जाती है।

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प्राथमिक कारण

-नाक में उंगली डालने के कारण नाखून लगने से।

- गर्म या बदलते मौसम के चलते नाक में मौजूद श्लेष्मा झिल्ली का सूख जाना।

- नाक में किसी बाहरी वस्तु का प्रवेश करना।

- लिवर की बीमारी। इस कारण रक्त में थक्का बनाने वाले कारकों में कमी आ जाती है।

- वंशानुगत हैमोरेजिक टेलेनजीएकटेसिस नामक रोग के कारण भी नकसीर की समस्या पैदा हो सकती है।

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क्या हैं इसके उपचार

बच्चों में नकसीर फूटने के ज्यादातर मामले सामान्य होते हैं और किसी हस्तक्षेप के बगैर स्वयं ठीक हो जाते हैं। जब किसी बच्चे में यह समस्या देखने में आए, तो उपचार के बुनियादी पहलू का इस आधार पर आकलन किया जाता है कितना खून बह गया है। बच्चे की नाक के रक्तस्राव को रोकने के लिए इस विधि पर अमल करें। पीडि़त बच्चे को बिठाकर थोड़ा आगे झुकाएं और घड़ी देखकर पांच मिनट के लिए हल्के से उसकी नाक दबाएं और साथ में बर्फ का इस्तेमाल भी करें। इसके साथ ही बच्चे की नाक से खून बहना 95 प्रतिशत रुक जाता है। खून बहने को रोकने के इस सरल उपाय के बाद बच्चा नियमित गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकता है।

अगर सीधे तौर पर दबाव देने के बाद भी नाक से खून बहना नहीं रुके, तो पीडि़त बच्चे को शीघ्र अस्पताल भेजना चाहिए। ऐसे रोगियों को चिकित्सकीय मदद की भी आवश्यकता होती है। नैजल पैक भी नाक में डालना पड़ सकता है। यहां तक की एंडोस्कोपिक आर्टरी लाइगेशन तकनीक की भी जरूरत पड़ सकती है।

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Written by
Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 02, 2017

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