क्रिसमस और न्‍यू ईयर पर न करें ओवरईटिंग, हो सकती हैं ये 5 गंभीर समस्‍याएं

Updated at: Dec 23, 2019
क्रिसमस और न्‍यू ईयर पर न करें ओवरईटिंग, हो सकती हैं ये 5 गंभीर समस्‍याएं

चाहे क्रिसमस हो या न्‍यू ईयर या कोई अन्‍य त्‍योहार; इस दौरान लोग बिना रोक-टोक अपना पसंदीदा फूड खाते हैं, जो आपके लिए हानिकारक हो सकता है।    

Atul Modi
स्वस्थ आहारWritten by: Atul ModiPublished at: Dec 23, 2019

भारत एक सांस्कृतिक विविधता का देश है, जो हमें पूरे वर्ष इतने सारे त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है। क्रिसमस और नए साल की शाम बस आने ही वाली है, हम पहले से ही हर जगह तैयार होने वाली सभी मीठी व्यंजनों की खुशबू ले सकते हैं। आखिर एक त्‍योहार में बचता ही क्या है अगर इसमें उस उत्सव विशेष के स्वादिष्ट भोजन शामिल नहीं हों। यही समय है, जब हम अक्सर अपने आप को सामान्य से अधिक भोजन लेने के रोक नहीं पाते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किस आयु वर्ग के हैं, त्योहारों के दौरान केक, मिठाई और चॉकलेट खाने की इच्छा को रोक पाना आसान नहीं है। सही है ना?

लोग परिणामों के बारे में ज्यादा सोचे बिना भोजन करते रहते हैं। मिठाई किसी भी उत्सव का सबसे पसंदीदा हिस्सा है और उन्हें अनदेखा करना लगभग असंभव ही है। लेकिन यह कितना भी लुभावना क्यों न हो, मिठाई और मसालेदार भोजन पर ध्यान देने की जरूरत है, विशेष रूप से बच्चों के लिए। उनकी टेस्ट-बड्स बहुत सक्रिय होती हैं, और अक्सर उनके पसंदीदा खाद्य पदार्थ हैं उनके लिए अस्वास्थ्यकर होते हैं। त्योहारों के साथ अक्सर स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी आती हैं जो हमारी लापरवाही के कारण होती हैं जब हम भूल जाते हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। उत्सवों के कारण ऐसे लोग, विशेषकर बच्चे, सबसे पहले बीमार पड़ते हैं।

ऑन्कक्वेस्ट लेबोरेटरीज लिमिटेड के सीओओ, डॉ. रवि गौड़, एमडी (पैथोलॉजी) कहते हैं कि, फेस्टिवल सीजन के दौरान केक, चॉकलेट और वाइन लेना हमारे शरीर को कई तरीकों से नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन, वास्तव में यह हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है? आइए विस्‍तार से जानते हैं: 

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ओवरईटिंग से गैस्ट्राइटिस और कब्ज हो सकता है 

त्योहारों के दौरान तैयार किए गए खाद्य पदार्थ अक्सर बहुत मीठे या मसालेदार होते हैं और उन सामग्रियों से तैयार किए जाते हैं जो या तो अस्वस्थ होती हैं या अति-पौष्टिक होती हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से गैस्ट्राइटिस और कब्ज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, अधिक मात्रा में चीनी और मैदे से तैयार भोजन से दूर रहने में ही समझदारी है क्योंकि अगर समझदारी से या उचित मात्रा में नहीं लिया जाए तो ये चीजें काफी अस्वास्थ्यकर होती हैं। मिठाई आम तौर पर इन्हीं सामग्रियों के साथ बनाई जाती है। इसलिए हमें गैस्ट्राइटिस और कब्ज से बचने के लिए इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।

वज़न बढ़ना

ओवरईटिंग के प्रभाव के बाद सबसे अधिक कष्टप्रद वजन बढ़ना है। भले ही यह त्योहार सिर्फ कुछ दिनों का हो, लेकिन लोग अधिक भोजन करने के कारण कई किलो वजन बढ़ा लेते हैं। इसका कारण त्योहार के खाद्य पदार्थों की तैयारी में तेल, चीनी और मैदे का अत्यधिक उपयोग है। जो वजन ओवरईटिंग से इतनी आसानी से बढ़ जाता है, उसे कम कर वापस आकार में आना उतना ही मुश्किल होता है।

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कैविटी

दुकानों में तैयार मिठाई में बहुत सारी कृत्रिम मिठास होती है। ऐसी मिठाइयों का अत्यधिक सेवन मसूड़ों और दांतों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। मिठाइयों में चीनी की मात्रा और कृत्रिम मिठास दांतों में बैक्टीरिया के पनपने का कारण है जो कैविटी और मसूड़ों की समस्याओं का कारण बनती है।

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मधुमेह का खतरा 

यदि आप 40 से ऊपर हैं और आपके परिवार में मधुमेह का इतिहास है, तो मिठाइयों और मधुमेह का कारण माने जाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों से दूर रहना ही सही सुरक्षा होगी। भले ही आपने इन्हें कुछ दिन ही लिया हो, फिर भी ये आपको स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। मिठाई को एक ऐसा कारक माना जाता है जो आपके शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को प्रभावित करती है जो बाद में मधुमेह का कारण बनता है।

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ना

त्योहारों के दौरान मिठाई और खाद्य पदार्थों का अति सेवन इसलिए भी उचित नहीं है क्योंकि यह शरीर के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है। यह मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक है, और यह लोगों में दिल की बीमारियों का एक मुख्य कारण भी है।

उपर्युक्त स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा, असीमित खाना कई अन्य स्वास्थ्य मुद्दों का कारण भी हो सकता है। डॉक्टरों की राय है कि हमें जितना हो सके पैकेज्ड फूड से दूर रहना चाहिए क्योंकि ज्यादातर बाहर का खाना अस्वस्थ सामग्री से तैयार किया जाता है। माता-पिता को बच्चों को स्वस्थ भोजन की आदतों और कैसे अधिक भोजन उन्हें सुस्त और अनाड़ी बना सकता है, के बारे में भी शिक्षित करना चाहिए।

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