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डॉक्टर की बताई इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है आपका रोग

तन मन By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 02, 2018
डॉक्टर की बताई इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है आपका रोग

इलाज के लिए जब भी लोग डॉक्टर के पास जाते हैं या अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो डॉक्टर उन्हें कई तरह की सलाह देते हैं। कई बार ये सलाह लोगों को इतनी मामूली या सामान्य लगती है कि लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं।

इलाज के लिए जब भी लोग डॉक्टर के पास जाते हैं या अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो डॉक्टर उन्हें कई तरह की सलाह देते हैं। कई बार ये सलाह लोगों को इतनी मामूली या सामान्य लगती है कि लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाएं। ऐसी असावधानी आपके रोग को बढ़ा सकती है और कई बार इन छोटी-छोटी गलतियों के बड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आइये आपको बताते हैं कि क्या हैं डॉक्टर की वो सामान्य बातें, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

बेड रेस्ट की सलाह

अक्सर बीमारी के इलाज के दौरान डॉक्टर मरीज को बेड रेस्ट की सलाह देते हैं। बेड रेस्ट की सलाह को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है डॉक्टर ऐसी सलाह फालतू देते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि व्यक्ति दिन भर एक ही जगह लेटे या बैठे हुए बोर हो जाता है। मगर आपको बता दें कि बेड रेस्ट की सलाह को मजाक में नहीं लेना चाहिए क्योंकि बीमारियों के इलाज में दवा के अलावा आपकी शारीरिक स्थिति की भी बड़ी भूमिका होती है।

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आराम मिलने के बाद दवा लेना बंद करना

 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार विश्व भर में 78 प्रतिशत लोग सर्दी-जुकाम, बुखार और सिरदर्द जैसी समस्याओं के लिए डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं समझते। इसके अलावा परिवार में इस्तेमाल की गई एक ही दवा अन्य सदस्यों द्वारा भी आजमाई जाती है। कई बार दवा की एक डोज से आराम मिलने के बाद लोग दूसरी बार दवा लेना जरूरी नहीं समझते। ऐसी दवाओं के अधिक इस्तेमाल से हमारे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया दवाओं के हमले से खुद को बचाने के लिए अपनी जेनेटिक संरचना बदलाव लाना शुरू कर देते हैं और खुद को पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत बना लेते हैं।

इलाज में देरी

किसी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जब आप चिकित्सक से मिलते हैं, तो वो बीमारी को समझकर आपको इलाज करवाने की सलाह देते हैं। कई लोग चिकित्सक की इस सलाह को गंभीरता से नहीं लेते हैं और सोचते हैं कि बीमारी अपने आप ठीक हो जाएगी। इस तरह की गलती आपको परेशानी में डाल सकती है क्योंकि इलाज में देरी की वजह से आपका मर्ज बढ़ता जाता है और इसी के साथ खतरा भी।

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चिकित्सक की बातों पर अंदाजा लगाना

कई बार चिकित्सक आपसे कुछ ऐसे सवाल पूछते हैं, जिनका आपको ठीक-ठीक पता नहीं होता है या आप उन्हें तय नहीं कर पाते हैं, जैसे- आपकी उम्र क्या है? आप किस दिन से बीमार हुए थे? आपको पहले ये बीमारी कब हुई थी? या आपने नाश्ते में क्या खाया था? आदि।

बिना डिस्चार्ज किए घर जाना

कई बार मरीजों को या उनके परिजनों को लगता है कि वो पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और अस्पताल में बोर हो रहे हैं। ऐसे में बहुत बार लोग डॉक्टर से बिना सलाह और इजाजत लिए ही घर चले जाते हैं या डॉक्टर से बार-बार उन्हें रिलीज करने के लिए कहते हैं। सर्जरी के बाद कुछ समय तक इंफेक्शन का खतरा बहुत ज्यादा होता है इसलिए चिकित्सक मरीज को घर जाने की इजाजत नहीं देते हैं। घर पर इंफेक्शन बढ़ जाने से कई बार गंभीर स्थिति हो जाती है।

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