जानें हाई ब्लड प्रेशर और लो-ब्लड प्रेशर के लक्षणों में अंतर और इनसे बचाव के लिए जरूरी उपाय

जानें हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) में अंतर और इस समस्या से बचाव के लिए जरूरी टिप्स।

Prins Bahadur Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 27, 2021
Updated at: Jul 27, 2021
जानें हाई ब्लड प्रेशर और लो-ब्लड प्रेशर के लक्षणों में अंतर और इनसे बचाव के लिए जरूरी उपाय

असंतुलित खानपान और आधुनिक जीवनशैली की वजह से आज के दौर में लोग तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जीवनशैली और खानपान की वजह से होने वाली सबसे आम बीमारी है ब्लड प्रेशर। ब्लड प्रेशर की समस्या न सिर्फ आपके शरीर में खून के प्रवाह में असंतुलन को दर्शाती है बल्कि इसकी वजह से शरीर और सेहत पर कई अन्य प्रभाव भी पड़ते हैं। हृदय (हार्ट) हमारे शरीर के सभी अंगों में खून को पंप करने का काम करता है। जब तक हार्ट सामान्य तरीके से शरीर के सभी अंगों में खून का प्रवाह करता है तब तक इसे सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है। लेकिन इसके सर्कुलेशन में आने वाली समस्या को ब्लड प्रेशर की समस्या कहते हैं। ब्लड प्रेशर की बीमारी दो तरह की होती है, एक जिसे हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तचाप (Hypertension or High BP) कहते हैं वहीं दूसरे को लो ब्लड प्रेशर यानि निम्न रक्तचाप (Hypotension or Low BP) कहा जाता है। हाई और लो ब्लड प्रेशर की बीमारी की वजह से आपको दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इस लेख में आइये दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ के के कपूर से विस्तार में जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों में अंतर (Difference Between Hypertension and Hypotension) और इनके प्रभाव के बारे में। 

हाई और लो ब्लड प्रेशर में अंतर (Difference Between Hypertension and Hypotension)

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी को एक गंभीर स्थिति माना जाता है। क्योंकि इस स्थिति में हमारा हृदय शरीर में ठीक ढंग से खून को पंप नहीं करता है। इस समस्या को समय पर नियंत्रित न करने की वजह से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लो ब्लड प्रेशर की समस्या में आपका हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का प्रवाह करता है। इस समस्या में भी मरीज को तमाम दिक्कतें होती हैं। 

Difference-Between-Hypertension-and-Hypotension

कितनी होती है हाई और लो ब्लड प्रेशर की रीडिंग? 

हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) 

सिस्टोलिक - 130 से 139 mm Hg के बीच 

डायास्टोलिक - 80 से 90 mm Hg के बीच 

लो ब्लड प्रेशर 

सिस्टोलिक - 90 mm Hg से कम 

डायास्टोलिक - 60 mm Hg से कम

सामान्य ब्लड प्रेशर 

सिस्टोलिक - 120 mmHg

डायास्टोलिक - 80 mm Hg 

क्या है हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की बीमारी? (What is Hypertension?)

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या में आपका हृदय धमनियों में सामान्य से अधिक रक्त पंप करता है। यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है। आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर के मामले बहुत आम हैं। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से आपको हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक जैसे समस्याओं के साथ किडनी के फेल होने का खतरा रहता है। इसके पीछे खानपान और आधुनिक जीवनशैली को प्रमुख कारण माना जाता है। 

इसे भी पढ़ें : हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है अंकुरित मूंग, बीपी कंट्रोल करने में मिलती है मदद

Difference-Between-Hypertension-and-Hypotension

हाई ब्लड प्रेशर के कारण (Causes of Hypertension)

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी असंतुलित खानपान और जीवनशैली की वजह से ज्यादा लोगों में देखने को मिलती है। शराब, कैफीन और सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में यह समस्या आम है। हालांकि इस समस्या के दो कारण हो सकते हैं। पहला उम्र की वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और दूसरा खानपान, जीवनशैली और शारीरिक स्थितियों की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं।

  • मोटापा
  • अत्यधिक शराब का सेवन
  • नमक का अधिक सेवन
  • धूम्रपान
  • डायबिटीज (मधुमेह)
  • आनुवंशिक कारण
  • तनाव, चिंता और अवसाद की स्थिति
  • उम्र बढ़ने की वजह से
  • थायराइड की स्थिति
  • किडनी की बीमारी
  • अधिवृक्क ग्रंथि ट्यूमर
  • दर्द निवारक दवाओं का अधिक इस्तेमाल करने से
  • गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन
  • नशीली दवाओं का प्रयोग
  • स्लीप एपनिया

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण (Hypertension Symptoms)

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में विशेष लक्षण नहीं देखे जाते हैं और इसकी वजह से ही इसका शिकार होने के बाद लोगों को इसकी स्थिति के बारे में पता चल पाता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित व्यक्ति को शुरुआत से ही सिरदर्द की समस्या का लगातार सामना करता पड़ सकता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सबसे ज्यादा ठंड के मौसम में बढ़ती है। ब्लड प्रेशर की जांच के बाद इस स्थिति का पता चलता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित व्यक्ति को सिरदर्द, घबराहट और अत्यधिक पसीना आने की समस्या हो सकती है।

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) की समस्या (What is Hypotension?)

हाइपोटेंशन यानि लो ब्लड प्रेशर की समस्या में आपका ब्लड प्रेशर रेंज 90/60 से कम होता है। अगर नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करने पर आपका ब्लड प्रेशर रेंज इससे कम आता है तो इसका मतलब यह है कि आप ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार हैं। लो ब्लड प्रेशर की बीमारी भी हाई ब्लड प्रेशर की तरह से धीरे-धीरे शरीर में विकसित होती है। इस समस्या में आपका हृदय शरीर के सभी अंगों में सामान्य से धीमी गति से रक्त को पंप करता है।

इसे भी पढ़ें : World hypertension Day 2021: प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर कितना खतरनाक होता है?

Difference-Between-Hypertension-and-Hypotension

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण (Causes of Hypotension)

लो ब्लड प्रेशर यानि निम्न रक्तचाप की समस्या एक सामान्य स्थिति है लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। शरीर में ब्लड प्रेशर में गिरावट यानि लो ब्लड प्रेशर की समस्या के प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं। 

  • रक्त प्रवाह में संक्रमण
  • डायबिटीज की समस्या
  • थायराइड 
  • चोट आदि के कारण
  • डिहाइड्रेशन की वजह से
  • गर्भावस्था के दौरान
  • शरीर में खून की कमी
  • विटामिन बी12 की कमी

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण (Low Blood Pressure or Hypotension Symptoms)

हाइपोटेंशन यानि लो ब्लड प्रेशर की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके लक्षण दिखने पर समय से इसका इलाज किया जाना फायदेमंद होता है। अधिक समय तक इस समस्या के रहने से इंसान को सदमा और कई अन्य गंभीर स्थितियों से गुजरना पड़ सकता है। लो ब्लड प्रेशर की समस्या में इंसान के शरीर में ये प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं। 

  • अत्यधिक थकान
  • चक्कर आना
  • मतली
  • बेहोशी
  • नजर धुंधली होना
  • मन स्थिर न होना
  • ठंडी और चिपचिपी त्वचा
  • बेहोशी
  • स्किन का पीला पड़ना

Difference-Between-Hypertension-and-Hypotension

हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर (Hypertension vs Hypotension)

1. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या, लो ब्लड प्रेशर की तुलना में अधिक होती है।

2. हाई ब्लड प्रेशर की तुलना में लो ब्लड प्रेशर के लक्षण जल्दी दिखते हैं। 

3. लो ब्लड प्रेशर यानि हाइपोटेंशन में चक्कर आना, थकान और धुंधली दृष्टि जैसी समस्या होती है, जबकि उच्च रक्तचाप में सिरदर्द और सीने में दर्द जैसी प्रमुख समस्या होती है।

4. गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की वजह से दौरे पड़ने की समस्या हो सकती है लेकिन लो ब्लड प्रेशर में यह नहीं होता।

ब्लड प्रेशर की समस्या से बचाव के जरूरी उपाय (How to Prevent Blood Pressure Problem)

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचाव के टिप्स 

  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन करें।
  • भोजन में सोडियम (नमक) की मात्रा को सीमित रखें और पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाएं।
  • कम फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने और फल व सब्जियों को डाइट में शामिल करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम जरूर करें।
  • वजन को हमेशा नियंत्रित रखें, मोटापे की समस्या की वजह से भी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है।
  • शराब के सेवन और स्मोकिंग से बचें, इनकी वजह से ज्यादातर लोगों में यह समस्या होती है।
  • तनाव और चिंता जैसी मानसिक स्थिति से बचें।
  • दवाओं के सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
Difference-Between-Hypertension-and-Hypotension

लो ब्लड प्रेशर से बचाव के टिप्स 

  • कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें, दिन में छोटे-छोटे पोर्शन में कुछ न कुछ खाएं और एकसाथ पेट भरकर खाने से बचें।
  • शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखें।
  • शराब के सेवन और स्मोकिंग से बचें।

इस तरह से ऊपर बताई गयी बातों को ध्यान में रखकर आप ब्लड प्रेशर की समस्या से बच सकते हैं। ध्यान रहे कि हाई और लो ब्लड प्रेशर दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। इन समस्याओं से इलाज के साथ-साथ खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना फायदेमंद माना जाता है। समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करें।

Read More Articles on Heart Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK