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हाई ब्लड प्रेशर को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं, बस अपनाएं ये 7 उपाय और जिंदगी भर रहें स्वस्थ

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 21, 2013
हाई ब्लड प्रेशर को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं, बस अपनाएं ये 7 उपाय और जिंदगी भर रहें स्वस्थ

ब्लड प्रेशर का ज्यादा बढ़ना आपके शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर का सबसे ज्यादा असर आपके दिल पर पड़ता है, जिसके कारण हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। जानें ब्लड प्रेशर को

भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या के बीच हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्त चाप) की समस्‍या आम हो गई है। दिल को तंदुरुस्‍त बनाए रखने के लिए रक्‍तचाप को नियंत्रित रहना भी बहुत जरूरी है। हम सभी के शरीर में बहने वाला खून, नसों पर एक तरह का दबाव बनाता है, जिसे ब्लड प्रेशर कहते हैं। ये दबाव जब एक सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है, तो अंगों के लिए खतरनाक होता है। इसी स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। हाई ब्लड प्रेशर का सबसे ज्यादा असर आपके दिल पर पड़ता है।

शरीर का सबसे अहम अंग हृदय है, इसलिए इसकी देखभाल जरूरी है। आपकी सेहत आपके हृदय के साथ जुड़ी हुई है। हमारा जीवनचक्र तभी तक चलता है, जब तक हृदय सही प्रकार से काम करता है। हृदय स्‍वास्‍थ्‍य और रक्‍तचाप एक-दूसरे के पूरक हैं। हाई ब्‍लड प्रेशर होने पर आपको हृदय संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और मैनेज करने के 7 टिप्स।

नियमित चेकअप

रक्‍तचाप को नियंत्रित रखने और हाई ब्‍लड प्रेशर से निदान के लिए जरूरी है कि आप अपने ब्‍लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं। स्वस्थ वयस्क व्यक्ति का सिस्टोलिक ब्‍लड प्रेशर पारा 90 और 120 mmHg के बीच और सामान्य डायालोस्टिक रक्‍तचाप पारा 60 से 80 mmHg के बीच होता है।

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नमक का सेवन कम करें

आपको अपने आहार में नमक का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा में नमक का सेवन, हृदय समस्‍याओं के खतरे को बढ़ाता है। यदि आप समय रहते अपने खान-पान पर ध्यान देंगे तो आपको भविष्‍य में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी।

कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित रखें

आपको ऐसे आहार का सेवन नहीं करना चाहिए, जिससे कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ सकता है। कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने से रक्‍तचाप का स्‍तर भी बढ़ता है और इसका असर आपके हृदय पर भी पड़ता है। हृदय को तंदुरुस्‍त बनाए रखने के लिए मौसमी फलों और हरी सब्जियों के साथ ही मछली का सेवन करना चाहिए।

गुस्सा कम करें

अक्‍सर देखा जाता है कि जो लोग ज्‍यादा गुस्‍सा करते हैं, उनका रक्‍तचाप का स्‍तर भी अधिक होता है। गुस्‍से आपके जीवन पर नकारात्‍मक असर डालता है और ऐसे में आप तनाव में भी रहते हैं। तनाव दूर करने और रक्‍तचाप नियंत्रित करने के लिए आप मेडिटेशन और योग का सहारा ले सकते हैं।

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एल्‍कोहल से रहें दूर

विशेषज्ञों के मुताबिक ज्‍यादा मात्रा में एल्‍कोहल का सेवन भी आपके ब्‍लड प्रेशर को बढ़ाता है। एल्‍कोहल के सेवन से वजन बढ़ता है, भविष्‍य में यह आपके दिल के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। स्वास्‍थ्‍य और रहन-सहन पर ध्यान देकर आप हृदय संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।

नियमित व्यायाम है लाभकारी

नियमित व्‍यायाम करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही व्‍यायाम आपका उच्‍च रक्‍तचाप और हृदय रोग से भी बचाव करता है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का व्यायाम अवश्य करना चाहिए। यदि आप किसी रोग या समस्या से ग्रस्त हैं तो डॉक्टर से सलाह लें कि किस तरह का व्यायाम आपके लिए सही रहेगा।

वजन को नियंत्रित करें

सामान्‍य से ज्‍यादा वजन उच्‍च रक्‍तचाप का कारण होता है। यदि आपका वजन अधिक है, तो आपको हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने वजन को नियंत्रित रखें, इससे आपके रक्‍तचाप का स्‍तर भी नियंत्रित रहेगा।

उच्‍च रक्‍तचाप आपके शरीर में कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए आप कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रख अपने रक्‍तचाप को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। ऐसा करने से आप हमेशा सेहतमंद बने रहेंगे।

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