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    एड़ियों में दर्द का पूर्वानुमान व निदान

    दर्द का प्रबंधन By Bharat Malhotra , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 27, 2013
    एड़ियों में दर्द का पूर्वानुमान व निदान

    ए‍ड़ी में चोट कभी भी, किसी भी उम्र में हो सकती है। इसका इलाज के लिए निदान किया जाना जरूरी है। निदान के लिए डॉक्‍टर को चोट की गंभीरता के बारे में अंदाजा होना जरूरी है।

    एडि़यों में दर्द होने पर कई बार चलना भी मुहाल हो जाता है। महिलाओं में यह तकलीफ विशेष रूप से देखी जाती है। एडि़यों में दर्द का निदान करने के लिए इसके कारणों को जानना बेहद जरूरी है।

    pain in heelएडि़यों में दर्द की बड़ी वजह प्‍लांटर फेसिटिस होता है। इस परिस्थिति को कुछ लोग हील स्‍पर सिंड्रोम भी कहते हैं। इसके अलावा एडि़यों में दर्द कई अन्‍य कारणों से भी हो सकता है। जैसे, स्‍ट्रेस फ्रेक्‍चर, टेडोनिटिस, अर्थराइटिस और नसों को पहुंची क्षति के कारण होता है। बहुत दुर्लभ मामलों में यह परेशानी सिस्‍ट यानी पुटी के कारण भी आपको एडि़यों के दर्द से दो चार होना पड़ता है।

    आपकी एडि़यों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए एडि़यों के दर्द का सही प्रकार निदान किया जाना जरूरी है। इसके लिए बेहतर रहेगा कि आप खुद अपने डॉक्‍टर न बनें। इसके लिए आपको किसी फुट अथवा एंकल सर्जन के पास जाना चाहिये। वह आपकी ज्‍यादा अच्‍छी तरह से मदद कर पायेगा। वही इस बात की पुष्टि कर पायेगा कि आखिर आपकी एड़ी में दर्द होने की क्‍या वजह है। वह संभावनाओं और सत्‍य के बीच का अंतर मिटाकर आपको सही सुझाव देगा। याद रखिए किसी भी रोग का निदान करने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले उसके संभावित कारणों का पता लगाया जाना जरूरी होता है।

    कैसे होता है एडि़यों में दर्द का निदान

    आपका सामान्‍य फिजिशियन और पोडिएटरिस्‍ट (फुट केयर विशेषज्ञ) आपको एड़ी के दर्द से राहत दिला सकता है। इसके लिए वह आपसे कुछ बातें पूछ सकता है। वह आपके पैरों की जांच भी करेगा और इसके बाद ही इस दर्द का निवारण कर पाएगा।

    डॉक्‍टर के लिए यह जानना भी जरूरी है कि आखिर आप किस प्रकार के खेल खेलते हैं अथवा व्‍यायाम करते हैं। डॉक्‍टर के लिए आपके जूतों की फिटिंग जानना भी जरूरी होता है।

    आमतौर पर इसमें अधिक जांच की आवश्‍यकता नहीं होती। आपको अधिक जांच की जरूरत तभी पड़ती है, जब इस बात का पता चल जाए कि आपकी पीड़ा का कारण सूजन के अलावा कुछ और है।

    • आपको पैरों में झुनझुनी के कारण भी एड़ी में दर्द हो सकता है। यह आपके पैरों और टांगों में किसी प्रकार की क्षति का लक्षण हो सकता है।
    • आपको बुखार हो और आपके पैर भी गर्म हों और इसके साथ ही आपकी एड़ी में दर्द हो रहा हो। यह हड्डियों में संक्रमण का भी लक्षण हो सकता है।
    • आपको अपनी एड़ी में अकड़न और सूजन का आभास हो, यह अर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।
    • अन्‍य जांच जिसकी आपको जरूरत हो सकती है
    • रक्‍त जांच
    • एक्‍स-रे

    इसके बाद डॉक्‍टर एक्‍स-रे करने को कह सकता है। एक्‍स-रे से यह बात साफ हो जाती है कि कहीं मरीज की हड्डी तो नहीं टूटी या फिर दर्द किसी अन्‍य कारण से तो नहीं है। एड़ी के एक्‍स-रे के साथ ही आपका डॉक्‍टर टांग और पैर के एक्‍स-रे को भी कह सकता है। ऐसा करके वह इस बात की जांच करना चाहेगा कि कहीं चोट का वहां तक तो नहीं है।

    अगर डॉक्‍टर को इस बात का अंदेशा हो कि व्‍यक्ति को स्‍ट्रेस फेक्‍चर हो गया है, तो वह एमआरआई करने को भी कह सकता है।

    एड़ी की अधिकतर चोटों में, दर्द सामान्‍य दवाओं से ही काबू कर लिया जाता है। इसके अलावा आपको किस प्रकार के इलाज की जरूरत है, यह चोट की गम्‍भीरता पर निर्भर करता है।

    कुछ लोग इस दर्द के निवारण के लिए नीम-हकीमों' के पास जाने का रास्‍ता चुनते हैं।यह सही रास्‍ता नहीं है। आपको अगर एडि़यों में नियमित रूप से दर्द हो रहा हो तो किसी विशेषज्ञ डॉक्‍टर से संपर्क करें। और कोशिश करें कि दर्द वाले पैर पर अधिक दबाव न डालें।

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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