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मधुमेह के मरीजों को करानी चाहिए नियमित आंखों की जांच

मधुमेह के मरीजों को करानी चाहिए नियमित आंखों की जांच

मधुमेह के मरीजों में रेटिनोपैथी की बीमारी के बारे में आखिरी स्टेज तक पता नहीं चलता और जब पता चलता है तब तक काफी देर हो गई होती है जिस कारण उस आखिरी स्टेज में इसके इलाज की संभावना कम ही रहती है। इस कारण रेटिनल रोग से बचने के लिए मधुमेह के मरीजों को रेग्युलर तौर पर आंखों का चेकअप कराना चाहिए।



साथ ही मधुमेह के वे मरीज जिनमें रेटिनोपैथी की भी बीमारी होती है उनको इस रोग के बिना वाले लोगों की तुलना में अगले बारह सालों में मौत होने की संभावना अधिक होती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न व नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर औऱ आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी और के शोधों के अनुसार, जो लोग रेटिनोपैथी से पीड़ित होते हैं उनमें दिल की बीमारी से होने वाली मौत की संभावना दोगुनी होती है। जबकि जो लोग रेटिनोपैथी से पीड़ित नहीं होते हैं, उनमें इसकी संभावना कम होती है।

आंखों के रेटिना में होने वाले बदलाव से मधुमेह के मरीजों को यह चेतावनी मिल सकती है कि उनकी रक्त धमनियों को क्षति पहुंच रही है और उनके लोअर कोलेस्ट्रॉल और लोअर ब्लडप्रेशर पर असर हो रहा है।

 

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Written by
Gayatree Verma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 02, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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