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Diabetes: मांस खाने वालों में बढ़ जाता है डायबिटीज होने का खतरा, शोध में हुआ खुलासा

लेटेस्ट By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 17, 2019
Diabetes: मांस खाने वालों में बढ़ जाता है डायबिटीज होने का खतरा, शोध में हुआ खुलासा

भारत में वर्ष 2015 में 6.9 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे और 2030 तक इसकी संख्या 9.8 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। अगर डायबिटीज का उपचार न किया जाए तो इसके कारण अंधेपन, किडनी फेलियर, दिल संबंधी समस्याएं जैसी गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ सकत

ब्लड ग्लूकोज स्तर में वृद्धि यानी की डायबिटीज विकासशील देशों में एक उभरती हुई स्वास्थ्य समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में वर्ष 2015 में 6.9 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे और 2030 तक इसकी संख्या 9.8 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। एशियाई देशों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है क्योंकि यहां यूरोपीय देशों के मुकाबले जेनेटिक फैक्टर के कारण युवाओं में भी डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

अगर डायबिटीज का उपचार न किया जाए तो इसके कारण अंधेपन, किडनी फेलियर, दिल संबंधी समस्याएं जैसी गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। एक नए अध्ययन में भारत के कई राज्यों में डायबिटीज की दर और युवाओं के खान-पान की पसंद के बीच संबंध दर्शाया गया है। अध्ययन में पाया गया कि शुगर और शहद जैसे अधिक कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। इसके साथ ही खाने में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ और डेयरी उत्पादों का प्रयोग डायबिटीज के खतरे को कम कर सकता है।

यह अध्ययन नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16), 2011 जनगणना,  प्रति व्यक्ति फसल उत्पादन और नेशनल सैंपल सर्वे के 68वें राउंड के विभिन्न खाद्य समूहों से लिए गए आंकड़ों पर आधारित है। इस अध्ययन में विभिन्न राज्यों में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या और खाद्य उपलब्धता के चलन का आकलन किया गया।

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अध्ययन में पाया गया कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में डायबिटीज आम है क्योंकि यहां लोग दिन में एक बार जरूर मांसाहार भोजन का सेवन करते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि शाकाहारी आहार डायबिटीज प्रबंधन में मदद करता है और हमारे शरीर को इंसुलिन हार्मोन के प्रति संवेदनशील बनाता है।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि शुगर और शहद का अधिक सेवन करने वाले लोग जिन राज्यों में हैं वह भी डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है हालांकि यह ट्रेंड महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा में लागू नहीं होता। अध्ययन में यह भी पाया गया कि मटर और नटस जैसे प्रोटीन युक्त फूड खाने से डायबिटीज की संभावना कम हो जाती है। इसी तरह, जिन राज्यों में लोग अधिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं वहां डायबिटीड की दर कम देखी जाती है।

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मुंबई के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS) की सहायक प्रोफेसर और अध्ययन की लेखक प्रीति ढिलों ने कहा, '' हमारे अध्ययन में अधिक दर वाले जिलों को चिन्हित किया गया, जहां डायबिटीज से पीड़ित अधिक लोग थे। और उन्हें जन स्वास्थ्य कार्यक्रम में लक्ष्य बनाने की सिफारिश की गई।''

अध्ययन में दर्शाया गया कि भारत में 15 से 49 साल के लोगों में 6.9 फीसदी लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज अंडमान एवं निकोबार द्वीप पर और सबसे कम राजस्थान में पाए गए। इस बीमारी की दर उन जिलों में ज्यादा है, जो तटीय इलाकों के काफी नजदीक थे।

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